• Hindi News
  • Women
  • Relieves Back Pain, Improves Blood Circulation, Relieves Stress, Relieves Acne

रात में सोते वक्त तकिया कैसे लगाते हैं:सही इस्तेमाल से कमर दर्द, तनाव, मुहांसों से मिलेगा छुटकारा; बढ़ेगा ब्लड सर्कुलेशन

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: मरजिया जाफर
  • कॉपी लिंक

तकिया लेकर सोने से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में तो आपने कई बार पढ़ा या सुना होगा, लेकिन क्या कभी आपको किसी ने तकिया लेकर न सोने के फायदों के बारे में भी बताया है? जी हां, तकिया लेकर सोने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यह बात ज्यादातर लोगों को पता होती है, पर बहुत ही कम लोग जानते हैं कि इसे न लेकर सोने से शरीर को कौन से गजब के फायदे मिलते हैं। इसके फायदे फिजियो थेरेपिस्ट ख्याति शर्मा बता रही हैं।

बिना तकिया लिए सोने के फायदे

कमर दर्द में आराम- तकिया लगाकर सोने से रीढ़ की हड्डी की धीरे-धीरे टेढ़ी होने लगती है, जिसकी वजह से कमर में दर्द होता है। वहीं जब हम बिना तकिया लगाए सोते हैं, तो गर्दन और रीढ़ की हड्डी सही पोजीशन में रहती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को कमर दर्द नहीं होता।

मुंहासों से मुक्ति- रात को सोते समय 7-8 घंटे तक चेहरा पिलो से टच में रहता है। ऐसे में तकिए पर जमा गंदगी चेहरे पर चिपक जाती है, जिससे चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं। तकिए का कवर हर 3 से 4 दिन में नहीं धुलता है तो तकिया मुंह की लार, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण बैक्टीरिया के पनपने की जगह बन जाता है। यही वजह है कि सोते समय तकिया मुंह पर लगने से चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं।

सिरदर्द से छुटकारा- तकिया लगाकर सोने से सिर में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है, जिसकी वजह से सुबह उठते ही व्यक्ति को सिर में हल्का-हल्का दर्द महसूस होता है। वहीं अगर आप तकिए के बिना सोते हैं तो सिर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक होने से सिरदर्द की परेशानी नहीं होती।

दिनभर रहेंगे फ्रेश- 8-10 घंटे की अच्छी नींद मेंटली फ्रेश रखती है, जिसकी वजह से थकान महसूस नहीं होती। लेकिन कई बार तकिया खराब होने या मोटा-पतला होने की वजह से व्यक्ति को अच्छी नींद नहीं आती। वहीं बिना तकिया लिए सोने से यह समस्या देखने को नहीं मिलती।

डिप्रेशन और तनाव से छुटकारा- अच्छी क्वालिटी का तकिया इस्तेमाल न करने पर व्यक्ति को रातभर अच्छी नींद नहीं आती, जिसकी वजह से वो अगले दिन बेहद चिड़चिड़ापन और तनावग्रस्त महसूस करता है।

पैरों के बीच तकिया लगाकर सोएं

दिनभर बीजी रहने के बाद रात में सुकून की नींद जरूरी है। अच्छी नींद के लिए सोने का तरीका सही होना चाहिए। बॉडी के किसी हिस्से पर दबाव न पड़े। रात में दोनों पैरों के बीच तकिया लगाकर किसी एक करवट सोने की आदत डाल लेंगे तो फिर अच्छी नींद की भी आदत पड़ जाएगी। इस तरह से बॉडी की प्रोब्लम भी दूर हो जाती है।

मसल्स पेन नहीं होता

अच्छी नींद नहीं सो पाते हैं, दिमाग में बेवजह चिंता बनी रहती है, तो दोनों पैरों के बीच तकिया लगाकर सोएं। दोनों घुटनों के बीच तकिया लगाने से घुटने एक दूसरे से टकराते नहीं हैं। शरीर का पॉश्चर सही रहता है जिससे कि मांसपेशियों में खिंचाव नहीं रहता। अगर मसल्स में पहले से खिंचाव महसूस हो रहा है तो इस तरह से सोएं, सुबह तक सारा दर्द दूर हो जाएगा।

प्रेग्नेंट महिलाओं के सोने का सही तरीका

प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक किसी एक स्थिति में सो पाना बहुत मुश्किल होता है। पैरों के बीच तकिया लगाकर किसी एक ओर करवट लेकर सोने से रीढ़ की हड्डी पर जोर कम पड़ता है। इससे अच्छी नींद आती है और कोई नुकसान भी नहीं होता, क्योंकि शरीर के किसी भी हिस्से पर भार नहीं पड़ता है।

कमर, रीढ़ के दर्द से निजात

रीढ़ की हड्डी एक जैसी लंबी-पूरी नहीं होती, उसमें थोड़ा घुमाव होता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में कई वजह से लोग कमर और रीढ़ के दर्द से परेशान हैं। ऐसे में जरूरी है कि सोते समय तकिये को दोनों पैरों के बीच रखकर एक करवट पर सोएं। ऐसा करने से कमर और रीढ़ की हड्डी पर जोर नहीं पड़ेगा।

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

कई बार जब हम सोते हैं, तो ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। सोने का तरीका ऐसा होता है कि जिस नस से ब्लड दिल तक जाता है उस पर जोर पड़ता है और ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत होती है। पैरों के बीच तकिया लगाकर सोना शुरू कर देंगे तो सुबह उठने पर बॉडी के किसी भी हिस्से में दर्द या खिंचाव नहीं होगा।

तकिया लगाकर सोने की आदत बीमारियों की वजह

रात में सोते समय लोगों को चाहिए एक आरामदायक बिस्तर और एक नर्म-मुलायम तकिया जिसमें सिर धंसाकर गहरी नींद ली जा सके। कुछ लोग सिरहाने तकिया लगाना पसंद करते हैं और कुछ लोग नहीं। तो वहीं, कई लोगों को दो या 3 तकिए की जरूरत पड़ती है। नर्म तकिया लगाकर आराम मिलता है लेकिन, इस पर सोने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

बढ़ती है गर्दन की अकड़न

बहुत ऊंचा या सख्त तकिया इस्तेमाल करने से कंधों और गर्दन की मसल्स में दबाव पड़ता है जिससे गर्दन में दर्द और अकड़न की होती हैं। गर्दन के मसल्स खिंच सकते हैं और सिर के पिछले हिस्से, पीठ और गर्दन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

स्पाइन से जुड़ी समस्याएं

ऊंचा तकिया लगाकर सोने से एक बड़ा नुकसान रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं भी हैं। तकिया लगाकर सोते समय शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचता है। इससे स्पाइन या रीढ़ की हड्डी का आकार बिगड़ सकता है और कई प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

जल्द आ सकता है बुढ़ापा

जो लोग चेहरा तकिए में धंसाकर सोते हैं उनकी स्किन पर इसका बुरा असर पड़ता है। तकिए के सम्पर्क में आने से चेहरे की स्किन खिंचती है और उस पर प्रेशर पर भी पड़ता है। इससे चेहरे की त्वचा पर झुर्रियां, फाइन लाइंस जल्दी दिखती हैं जो कि बुढ़ापे की निशानियां हैं।

बच्चों को क्यों नहीं लगाया जाता तकिया

छोटे बच्चों को तकिया लगाने से उन्हें भी कई तरह की परेशानी हो सकती है। छोटे बच्चों को तकिया लगाने से उनकी सांस नली दब सकती है। इसी तरह सांस नली के मुड़ने का भी रिस्क तकिया लगाने से बढ़ सकता है।

खबरें और भी हैं...