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सिबलिंग राइवलरी में बहन ने कराया बहन का रेप:खतरनाक दिक्कत से जूझ रहे बच्चे भाई-बहन का करना चाहते हैं मर्डर, जानवरों में भी जलन

नई दिल्ली5 महीने पहलेलेखक: भारती द्विवेदी
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हाल ही में यूपी के लखीमपुर में एक बड़ी बहन ने अपने ही चार प्रेमियों के जरिए छोटी बहन का गैंगरेप कराया। फिर उसकी हत्या करा दी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस पूरी घटना के दौरान बड़ी बहन वहां मौजूद रही। गैंगरेप के दौरान आरोपियों की मदद के लिए उसने छोटी बहन का हाथ तक पकड़कर रखा।

पुलिस का कहना है कि बड़ी बहन की गांव के कुछ लड़कों से दोस्ती थी, जिसकी वजह से छोटी बहन रोक-टोक करती थी। बड़ी बहन को ये बात बिल्कुल भी पंसद नहीं थी, जिसकी वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया। भाई-बहनों के बीच के इस दुश्मनी भरे संबंध को सिबलिंग राइवलरी का नाम दिया जाता है। ​​​​​​आगे बढ़ने से पहले इस मसले पर अपनी राय जाहिर कीजिए-

क्या होती है सिबलिंग राइवलरी?

आसान भाषा में कहें तो सिबलिंग मतलब भाई-बहन और राइवलरी मतलब दुश्मनी या कॉम्पिटिशन। यानी कि एक ही मां-बाप के बच्चे, सौतेले या गोद लिए गए बच्चों या फिर कजन्स के बीच आ जाने वाली कॉम्पिटिशन की भावना। इस तरह का कॉम्पिटिशन स्वस्थ्य मानसिकता नहीं है। ये एक नकारात्मक प्रवृति है, जिसमें जलन की भावना सबसे बड़ी होती है। यानी जब आप आपने ही भाई-बहन को नापसंद करने लगते और जलने लगते हैं।

हर देश के बच्चों में होती है ये समस्या

सिबलिंग राइवलरी शब्द सबसे पहले 1930 में इस्तेमाल हुआ लेकिन इसे मशहूर किया डेविड लेवी ने। डेविड बाल एक मनोचिकित्सक थे। डेविड अपने पेशेंट को गुड़िया देते और कहते कि ये तुम्हारे मां-बाप और छोटे भाई-बहन हैं। फिर उनसे कहते कि अगर तुम्हारी मां छोटे भाई-बहन को अपने सीने से चिपककर दूध पिलाएगी तो क्या करोगे। बातचीत में जो रिजल्ट सामने आया वो काफी हैरान करने वाला था। बच्चों ने कहा कि वे अपने भाई-बहन को धक्का देंगे, गोली मार देंगे, फेंक देंगे, थप्पड़ मारेंगे, हथौड़ा मारेंगे, फाड़ देंगे, काट देंगे, ट्रक से कुचल देंगे। कुछ बच्चों ने कहा कि वे स्क्रू ड्राइवर से उनको छेद देंगे। डेविड लेवी ने सबसे अहम बात यह बताई कि बच्चे किसी भी देश, समाज, उम्र या जेंडर के हों, सभी के अंदर ऐसा ही गुस्सा था।

तीन साल की उम्र से शुरू हो जाती है ये भावना

ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक और अकादमिक जूडिथ डन की रिसर्च के अनुसार, बच्चे एक साल की उम्र से ही माता-पिता के व्यवहार को लेकर संवेदनशील हो जाते हैं। 18 महीने से ही वो भाई-बहनों और परिवार के नियमों को समझने लगते हैं। तीन साल की उम्र तक आते-आते बच्चे सामाजिक नियमों की समझ और अपने भाई-बहनों के साथ अपने रिश्ते को आंकना शुरू कर देते हैं। अगर बच्चों को मां-बाप से प्यार, अनुशासन और अहमियत बराबर की नहीं मिलती तो उनके अंदर धीरे-धीरे आपसी जलन की भावना पनपने लगती है।

बच्चे ना बन जाएं एक-दूसरे के दुश्मन, मां-बाप रखें ध्यान

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (CIP) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वरूण एस मेहता कहते हैं सिबलिंग राइवलरी के पीछे कई कारण होते हैं। आमतौर पर बच्चे पढ़ाई-लिखाई, खाने-पीने जैसी चीजों को लेकर झगड़ते हैं। ये नोक-झोंक हेल्दी माना जाता है। बच्चों का यह बिहेवियर मां-बाप के लिए काफी तनाव भरा हो सकता है क्योंकि इसमें शामिल दोनों बच्चे उनका ही अंश होते हैं। लेकिन कई बार जाने-अनजाने मां-बाप एक बच्चे की तुलना दूसरे से करने लगते हैं। जैसे कि वो पढ़ने में अच्छा है, तुम क्यों नहीं? या वो हमेशा ही टॉप आता/आती है। तुम उसके जितने सुंदर नहीं हो। ये सारी कॉमन बातें हैं, जो तुलना के लिए बोली जाती है। बड़े होने पर भी भेदभाव रहे तो राइवलरी और बढ़ जाती है और वो पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का शिकार हो जाते हैं।

मां-बाप को कोशिश करनी चाहिए कि वो दो बच्चों के बीच कभी तुलना ना करें। दोनों को बराबर समय और अटेंशन दें। हर बच्चे की अपनी पहचान होती है, उस पहचान का सम्मान करें और महत्व दें। बच्चों के बीच एक-दूसरे की मदद करने की भावना को बढ़ावा दें।

फिल्म, क्रिकेट, राजनीति हर जगह उदाहरण मौजूद

असल जिंदगी में एक ही फील्ड में होने की वजह से भाई-भाई या बहन-बहन की तुलना होने लगती है। मीडिया भी उन कहानियों को पब्लिसिटी के लिए इस्तेमाल करता है। उदाहरण के लिए टेनिस खिलाड़ी वीनस और सेरेना विलियम्स, भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर स्टीव वॉ और मार्क वॉ और अमेरिकन फुटबॉलर खिलाड़ी पीटन और एली मैनिंग। इनके अलावा, भारत में संगीत की दुनिया से लता मंगेशकर-आशा भोंसले, बिजनेस वर्ल्ड से मुकेश अंबानी- अनिल अंबानी, फिल्म जगत में सनी देओल, बॉबी देओल, करीना कपूर-करिश्मा कपूर, शिल्पा शेट्टी-शमिता शेट्टी, राजनीति में प्रियंका गांधी- राहुल गांधी, तेज प्रताप-तेजस्वी यादव और भी कई राजनेता हैं जिनकी तुलना हमेशा आपस में की जाती है।

धर्मग्रंथों में भी मिलता है सिबलिंग राइवलरी का जिक्र

दुनिया भर की परी कथाओं में सिबलिंग राइवलरी के किस्से मिल जाएंगे। इसके अलावा धर्मग्रंथों और लिटेरचर में इसका जिक्र मिलता है। बाइबिल में भाई-बहन की प्रतिद्वंद्विता के कई उदाहरण मिल जाएंगे। कैन और ऐबल की कहानी उनमें से एक है। जहां एक भाई की ईर्ष्या के कारण दूसरे की हत्या हो जाती है। हीब्रू बाइबल में 'द बुक ऑफ जेनेसिस' में भी ऐसी कहानी मौजूद है। आइजैक के बेटे ईसौ के अपने भाई जैकब की विरासत और उसे मिलने वाले प्रेम से जलता था। वहीं लिया और रचेल नाम की बहनें जैकब के प्रेम के लिए एक-दूसरे से कंपीटिशन करती थीं। किताब में ईसौ का जैकब से जलने और उसे दासप्रथा में बेचने का जिक्र है।

ऐसी ही कहानियां कुरान में भी मौजूद हैं। रोमन मिथकों में रोम्यूलस और रेमस का उदाहरण दिया गया है, जिसमें जुड़वां भाई रोम पर कब्जे के लिए लड़ते हैं। लेकिन इसका अंत रेमस की मौत के साथ होता है। शेक्सपियर की कहानियों में इसके कई उदाहरण देखने को मिलते हैं।हमारे देश की बात करें तो महाभारत सिबलिंग राइवलरी का बेहतरीन उदाहरण है।

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