भारत की बेटी ने साउथ पोल पर लहराया परचम:सिख आर्मी ऑफिसर 'प्रीत चंडी' ने 40 दिन में 50 डिग्री तापमान पर फतह किया साउथ पोल

नई दिल्ली16 दिन पहले
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माइनस 50 डिग्री का तापमान, 1,126 किलोमीटर का ट्रैक और साउथ पोल के बर्फीले इलाके में 40 दिन का सफर अकेले तय करने वाली 'प्रीत चंडी' दुनिया की पहली अश्वेत महिला बनी हैं। 'पोलर प्रीत' के नाम से मशहूर हो रहीं प्रीत ब्रिटिश आर्मी में फिजियोथेरेपिस्ट हैं और अब दुनियाभर में अपने इस कारनामे से छा गई हैं।

32 वर्षीय प्रीत ने 24 नवंबर, 2021 में अंटार्कटिका के हरक्यूलिस इनलेट से बिना किसी सपोर्ट के अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। वह इस ट्रिप को 45 दिन में पूरा करने वाली थीं लेकिन उन्होंने तय समय से पहले 3 जनवरी को यानी 40 दिन में ही अपना ट्रैक पूरा कर लिया।

अकेले साइकलिंग की 90 किलो तक उठाया वजन
दुनिया के सामने भारत का झंडा बुलंद करने वाली प्रीति ने कुछ हफ्ते अंटार्कटिका के बर्फीले इलाके में अकेले साइकलिंग की। वह अपने साथ 48 दिन का खाना, टेंट, ट्रैकिंग किट और ईंधन लेकर चलती थी। इसका वजन करीब 90 किलोग्राम था। प्रीत साउथ पोल पर अकेले पहुंचाने वाली दुनिया की तीसरी महिला हैं और पहली अश्वेत महिला भी हैं।

इतना ही नहीं प्रीत ने अपनी एक ट्रिप से कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। वह पिछले दो साल में साउथ पोल पर पैदल चलकर जाने वाली पहली इंसान बनी हैं, क्योंकि बीते सालों में यहां कोई भी अकेले पैदल चलकर नहीं पहुंचा था।

अपनी मंजिल पर पहुंचकर क्या बोलीं प्रीत
पोलर प्रीत ने साउथ पोल पहुंचने के बाद अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट डालकर दुनिया के सामने सफलता का एलान किया। उन्होंने लिखा 'मैं साउथ पोल पहुंचकर बहुत सारी भावनाओं को एकसाथ महसूस कर रहीं हूं, तीन साल पहले तक साउथ पोल के बारे में कुछ नहीं जानती थी और आज यहां पहुंचकर बहुत वास्तविक लग रहा है, यहां तक पहुंचना बहुत कठिन था, मैं उन सभी का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने सपोर्ट किया'

उन्होंने आगे लिखा कि 'यह सफर मेरे लिए हमेशा से बहुत महत्वपूर्ण रहा है। मैं लोगों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर कुछ करने और खुद पर विश्वास रखने के लिए प्रोत्साहित करती हूं। यह फर्क नहीं पड़ता आप कहां से हो और कहां से शुरुआत कर रहे हो, हर किसी को कहीं न कहीं से शुरुआत करनी होता है'।

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