• Hindi News
  • Women
  • Sleeping With A Partner Will Reduce Tension, Research Has Found That Men Live More Than Women, HealthBrief

टैटू बनवाने से 12 युवक HIV पॉजिटिव:पार्टनर के साथ सोने से टेंशन होगी कम, रिसर्च में आया महिलाओं से ज्यादा जीते हैं पुरुष, हेल्थब्रीफ

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

नमस्कार,

आप अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान बेहतर ढंग से रख सकें, इसके लिए हम ‘वीकली हेल्थ ब्रीफ’ लाए हैं। इसमें आपको मिलेंगे प्रमुख हेल्थ अपडेट्स, महत्वपूर्ण रिसर्च से जुड़े आंकड़े और डॉक्टरों की रेलेवेंट सलाह। इसे मात्र 2 मिनट में पढ़कर आपको सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिलेंगी और आप परिवार का बेहतर ख्याल रख पाएंगी।

1. वाराणसी में टैटू बनवाने से 12 युवक HIV पॉजिटिव, बीमार कर सकती है पुरानी निडल

वाराणसी में 12 युवक HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। एक के बाद एक इतने युवकों में वायरस के पाए जाने के बाद मामले की तहकीकात की गई तो डरावनी हकीकत सामने आई। सभी युवकों ने एक ही दुकान से टैटू बनवाया था। इनमें से अधिकतर लड़कों की उम्र 20 से 25 साल है। ज्यादातर ने कभी असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाए। बताया जा रहा है कि टैटू आर्टिस्ट एक ही निडल का इस्तेमाल करता था, जो किसी HIV पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आ गई। बाद में उसी निडल से बाकियों का टैटू बनाया गया, जिसके चलते तेजी से संक्रमण फैल गया।

2. पार्टनर के साथ बेड शेयर करने से दूर होगा तनाव, नींद भी अच्छी, रिसर्च का दावा

एक नए रिसर्च में दावा किया गया है कि पार्टनर के साथ बेड शेयर से तनाव दूर होता है। साथ भी इससे नींद की क्वालिटी भी बढ़ती है और इंसान पहले से ज्यादा खुशी महसूस करता है। ‘स्लीप रिसर्च सोसाइटी’ के जर्नल ‘स्लीप’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पार्टनर के साथ नियमित सोने वाले लोगों की ओवरऑल मेंटल हेल्थ ऐसा नहीं करने वालों के मुकाबले बेहतर पाई गई।

3. अमेरिका में मंकीपॉक्स पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित, मिले 7 हजार से ज्यादा मरीज

अमेरिका ने मंकीपॉक्स को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया। अमेरिका के हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस सेक्रेटरी जेवियर बेसेरा के मुताबिक फिलहाल यह इमरजेंसी 90 दिनों के लिए ही लगाई गई है। मंकीपॉक्स मीटर के मुताबिक अमेरिका में इस बीमारी के 7,102 केस हैं। इनमें करीब एक चौथाई मामले, यानी 1,666 केस न्यूयॉर्क में दर्ज किए गए। दुनियाभर के 92 देशों में मंकीपॉक्स के 27 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं। दो दिन पहले कैलिफोर्निया और इलिनोइस ने इस खतरनाक बीमारी को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया था।

4. रिसर्च का दावा महिलाओं से ज्यादा पुरुष जीते हैं, अब तक उल्टा माना जाता था

यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने हालिया रिसर्च में बताया है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के जीने की संभावना ज्यादा होती है। पिछले 200 सालों में पुरुषों के ज्यादा जीने की संभावना 25 से 50% रही है। इसमें सभी महाद्वीपों और 199 देशों के पुरुष शामिल हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, महिलाओं के सामने विवाहित पुरुषों के ज्यादा जीने की संभावना 39% और सिंगल पुरुषों की 37% होती है। साथ ही कॉलेज डिग्री वाले पुरुषों में यह संभावना 43% होती है। कॉलेज नहीं गए हैं तो यह संभावना 39% ही रह जाती है। अब तक ऐसे माना जाता था कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा जीती हैं।

5. मंकीपॉक्स पर चौंकाने वाली रिसर्च, रिकवरी के बाद भी वायरस पुरुषों के सीमेन में हफ्तों तक रहता है

लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रिकवरी के बाद भी मंकीपॉक्स वायरस पुरुषों के सीमेन में हफ्तों तक रह सकता है। अब तक हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते आए हैं कि मंकीपॉक्स सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज नहीं है। इसका संक्रमण संक्रमित मरीज के दाने, बॉडी फ्लुइड्स या छुई हुई चीजें जैसे बिस्तर से फैलता है। साथ ही ज्यादा देर तक फेस टू फेस बात करने से भी रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स के जरिए वायरस के फैलने का खतरा होता है। हालांकि, यह जेनिटल फ्लुइड्स से फैलता है या नहीं, इस पर रिसर्च जारी है।

6. रिसर्च में दावा- सिर्फ 2 मिनट पैदल चलने से कम होता है टाइप 2 डायबिटीज का खतरा

स्पोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित मेटा एनालिसिस के 7 अध्ययनों में सामने आया कि भोजन के बाद महज दो मिनट टहलने से टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है। वहीं शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी कम हो जाता है। शोध में खाने के बाद बैठे रहने या सो जाने और कुछ देर पैदल चलने के प्रभावों को लेकर इंसुलिन-ब्लड शुगर के स्तर की तुलना की गई। खाने के बाद तत्काल सोने वालों का शुगर लेवल अचानक बढ़ गया, जो धीरे-धीरे घटा। शोध के मुताबिक 15 मिनट तक टहलना हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा जैसी बीमारियों में फायदेमंद हो सकता है।

7. हेरिडिटरी कैंसर से बचाएगा केला, 60% तक कम हो जाएगी संभावना

एक अंतरराष्ट्रीय ट्रायल में पाया गया है कि रोज केला खाने हेरिडिटरी कैंसर होने की संभावना 60% कम हो जाती है। विशेषज्ञों ने CAPP2 नाम का एक परीक्षण चलाया जिसमें लिंच सिंड्रोम वाले लगभग 1,000 लोगों को शामिल किया गया। सभी लोगों को औसतन दो साल के लिए आरएस (रेसिस्टेंट स्टार्च, जो केले में अधिक मात्रा में पाया जाता है) की 30 ग्राम खुराक दी। अपेक्षा के अनुसार इसने कोलोरेक्टल कैंसर को प्रभावित नहीं किया। जबकि अप्रत्याशित रूप से इसने अपर डाइजेस्टिव ट्रैक को प्रोटेक्ट किया, जहां कैंसर आक्रामक होते हैं और आमतौर पर जल्दी पकड़ में नहीं आते हैं।

8. लैंसेट रिपोर्ट में दावा- हर 8वें कोरोना संक्रमित मरीज को लॉन्ग कोविड इफेक्ट

जाने-माने हेल्थ जर्नल ‘लैंसेट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड से संक्रमित होने वाले हर 8वें मरीज में लंबे समय तक इसके लक्षण देखे जा रहे हैं। नीदरलैंड में कोविड से संक्रमित हो चुके लोगों से बड़े पैमाने पर डाटा इकट्ठा किया गया था। जिसके बाद यह रिपोर्ट सामने आई है। लॉन्ग कोविड इफेक्ट में लोगों को खांसी, बुखार, सांस फूलना, स्वाद-गंध न आने जैसी समस्या लगातार बनी रहती है।

9. वेतन बढ़ने पर स्वस्थ होती हैं महिलाएं, पुरुषों की गिरती है सेहत

अमेरिका के मेन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, न्यूनतम वेतन में वृद्धि आम तौर पर कम शिक्षित और कम आय वाले पुरुषों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है; जबकि इसी सोशल ग्रुप की महिलाओं का स्वास्थ्य न्यूनतम वेतन में वृद्धि में वृद्धि के साथ बढ़िया होता जाता है। अभी तक ऐसा माना जाता था कि वेतन वृद्धि के चलते लोगों का जीवन स्तर बढ़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बेहतर प्रभाव पड़ता है। लेकिन अब रिसर्च का दावा है कि यह प्रभाव जेंडर और सोशल ग्रुप के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

10. प्रेग्नेंसी में प्रदूषण के संपर्क में आने से बाधित हो सकता है बच्चे का मानसिक विकास

‘न्यूज मेडिकल’ में प्रकाशिक एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में प्रेग्नेंट महिलाओं पर हुए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान सामान्य स्मॉग प्रदूषकों जैसे कि हवा में उड़ने वाले पार्टिकल्स और कार्बन मोनोऑक्साइड के हल्के संपर्क से मां और भ्रूण के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां हल्के प्रदूषण के संपर्क में आने से भी होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

आप इस हेल्थ ब्रीफ को शेयर भी कर सकती हैं…

खबरें और भी हैं...