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हाउसवाइफ हैं तो क्या, करिए चूड़ियों का कारोबार:25 हजार में शुरू किया काम, महीने में कमा लिए 35 हजार, साल की कमाई 4 लाख से ऊपर

6 महीने पहलेलेखक: मीना
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अगर आप हाउसवाइफ हैं और घर बैठे कमाना चाहती हैं तो चूड़ियों का कारोबार सबसे अच्छा ऑप्शन है। फिरोजाबाद की 42 साल पुरानी कंपनी ‘अश्वनी कुमार एंड को.’ ने हजारों महिलाओं को चूड़ियों का कोराबार शुरू करवाया है। मिलते हैं चार ऐसी घरेलू महिलाओं से और जानते हैं कि उन्होंने चूड़ियों से कैसे लाखों का कारोबार शुरू किया और लाखों का कमाकर बखूबी चलाया अपना घर।

कहानी -1
27 साल की साक्षी अग्रवाल आगरा में रहती हैं। हाउसवाइफ हैं। दो बच्चे होने के बाद उन्होंने पिछले साल अक्तूबर में चूड़ियों का काम शुरू किया। साक्षी कहती हैं- ‘बीए, बीएड करने के बाद शादी हो गई। उसके बाद घर और बच्चों को वक्त देने लगी। फिर पति के साथ उनके काम के सिलसिले में आगरा आना हुआ। यहां मैंने महसूस किया कि महिलाओं को चूड़ियां लेने आगरा की थोक मार्केट ‘लोहार गली’ जाना पड़ता। ये बाजार ‘सेक्टर 6’ और 11 से बहुत दूर था। मैं खुद इस परेशानी का सामना कर रही थी। तभी मन में आया कि क्यों न चूड़ियों का ही काम शुरू किया जाए।

सोच के घोड़े दौड़ाते-दौड़ाते मैंने ऑनलाइन ढूंढ़ना शुरू किया। वहां एक वीडियो मिला। मैं अगले ही दिन सीधे फिरोजाबाद उस दुकान पर पहुंची और 25 हजार की चूड़ियां लेकर ही लौटी। सेक्टर 11 में एक छोटी सी दुकान खरीदी और वहां अपना चूड़ियों का काम शुरू कर दिया। अब महीने में 35 हजार तक कमा लेती हूं। एक लड़की जो घर में बैठी है, उसके लिए घर बैठे इतनी रकम कमाना बहुत बड़ी सफलता है।

साक्षी आगे कहती हैं - मैंने दुकान में कॉस्मेटिक का भी सामान रखा है। यही नहीं हमारी स्पेशल ‘सुहागन चूड़ी’ सभी को बहुत पसंद आती है। उसका चमकता रंग और नगीने महिलाओं को खूब आकर्षित करते हैं। कभी हस्बैंड तो कभी मैं अकेले ही आगरा से फिरोजाबाद माल खरीदने निकल जाती हूं। अब खुद में बहुत आत्मविश्वास महसूस करने लगी हूं।’

साक्षी अब 60 से 70 हजार तक का माल खरीद लाती हैं। वे कहती हैं, ‘अभी काम शुरू करे एक साल भी नहीं हुआ है। धीरे-धीरे मुनाफा बढ़ेगा और साथ बढ़ेगी मेरी मेहनत की कमाई और कुछ अच्छा कर गुजरने की उम्मीदें।’

कहानी - 2
फिरोजाबाद में रहकर 45 साल की गीता ने चार साल पहले चूड़ियों की डिजाइनिंग का काम शुरू किया। उन्होंने तब 100 रुपए का कैमिकल जिसे चूड़ियों पर लगाया जाता है, शीशा और फिगर (चमक वाला आइटम) खरीदा और अपना काम शुरू किया।

गीता आगे बताती हैं, ‘उस समय परिस्थितियां ऐसी थीं कि बिना ये काम शुरू करे हमारा जीना मुहाल हो जाता। मैंने और मेरे बच्चों ने मिलकर चूड़ियां डिजाइन करनी शुरू कीं। अपने साथ और महिलाओं, लड़कियों को जोड़ा। आज इसी कमाई से एक बच्चे की शादी कर दी है, घर बनवा लिया और दो बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। मैंने मेरे बच्चों को कामयाब बना दिया, यही मेरी सफलता है। अब चूड़ियां डिजाइन करके महीने में 30 हजार तक कमा लेती हूं।’

कहानी -3
बरेली की रहने वाली आभा सिंह ने पिछले साल चूड़ियों का कारोबार शुरू किया। अब चूड़ियों की इतनी बिक्री होती है कि हर महीने उन्हें नया माल खरीदकर लाना पड़ता है। वे बताती हैं कि ऑनलाइन ही चूड़ियों का बिजनेस शुरू करने का आइडिया आया। उन्होंने अगले ही दिन अपने ड्राइवर को फिरोजाबाद चलने को कहा और पहले ही दिन 50 हजार का माल खरीद लाईं, अब लाखों का माल खरीदकर लाती हूं और घर बैठे बेचती हूं।

आभा की शादी 16 साल की उम्र में ही हो गई थी। इतनी जल्दी शादी के पीछे वजह बताते हुए वे कहती हैं- मेरे पिता का मर्डर हो गया था। इस वजह से घर वालों ने आनन-फानन में मेरी शादी कर दी थी। मुझे बचपन से अपना खुद का कुछ काम करने का मन था और चूड़ियों से एक अजीब सा लगाव हमेशा से रहा। अब 55 साल की उम्र में बचपन का शौक पूरा कर रही हूं। अभी तीज पर एक महीने में 40 हजार रुपए कमाए हैं। आम दिनों में एक महीने में 20 हजार रुपए तक कमा लेती हूं। इस उम्र में अपने काम के साथ आभा इतनी व्यस्त हैं कि फोन पर जल्दी-जल्दी बात करने के साथ ही यह कहकर फोन रख देती हैं कि मैडम फोन रखती हूं, कस्टमर इंतजार कर रहे हैं।’

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