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प्यार का पोस्टमॉर्टम-1:कहानी उस युवक की, जो प्यार में धर्म बदलने को तैयार हो गया, बीवी को IAS बनाने का सपना देखा, मिली बेरहम मौत

नई दिल्लीएक महीने पहलेलेखक: दीप्ति मिश्रा
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प्यार का पोस्टमार्टम सीरीज-1 में आज हम बता रहे हैं हैदराबाद के बी नागराजू और उनकी पत्नी अश्रीन सुल्ताना उर्फ पल्लवी की कहानी, जिनकी खुशियों को उनके अपनों ने ही छीन लिया। जानिए, इनकी कहानी...

दोस्ती, प्यार और फिर शमशान में उमड़ा यादों का तूफान
तारीख 6 मई 2022, शाम 5 बजे। जगह मरपल्ले गांव से 1 किमी दूर शमशान घाट। नागराजू का परिवार, रिश्तेदार और पत्नी सुल्ताना समेत ढेर सारे लोग जुटे हैं। दुबली-पतली सुल्ताना महिलाओं के बीच बैठी बिलख रही हैं। सुल्ताना कहती हैं, ‘हम दोनों एक-दूसरे को 5 साल से ज्यादा वक्त से जानते थे। राज मेरी जिंदगी की तपती दुपहरी में ठंडी हवा का झोंका बनकर आया था। मेरे पैरों के नीचे की जमीन और मेरे सिर का आसमान था, लेकिन मेरे भाई ने मुझसे सब छीन लिया।’

कॉलेज में देखा सुल्ताना को और वह राज के लिए बन गईं पल्लवी
विकाराबाद जिले के मरपल्ले गांव के रहने वाले नागराजू की सुल्ताना से पहली दफा मुलाकात तब हुई, जब वह हैदराबाद के जूनियर कॉलेज में पढ़ाई करने पहुंचे। कुली माता-पिता की औलाद नागराजू पहली ही नजर में सुल्ताना पर मर मिटे थे। दोनों की दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया, उनका प्यार और गहराता गया। वो सुल्ताना को प्यार से पल्लवी कहकर बुलाते तो सुल्ताना उन्हें राज कहकर पुकारतीं। पढ़ाई के बाद सुल्ताना को एक नेशनल बैंक में नौकरी मिल गई। नागराजू कार शोरूम में सेल्समैन का काम करने लगे।

श्मशान घाट में महिलाओं के बीच सलवार-सूट पहने बैठी नागराजू की पत्नी सुल्ताना। उस खौफनाक रात को याद करते हुए सुल्ताना बताती हैं कि नागराजू ने हेलमेट पहना हुआ था। फिर भी हमलावरों ने उनका सिर फोड़ दिया, और मैं कुछ नहीं कर पाई।
श्मशान घाट में महिलाओं के बीच सलवार-सूट पहने बैठी नागराजू की पत्नी सुल्ताना। उस खौफनाक रात को याद करते हुए सुल्ताना बताती हैं कि नागराजू ने हेलमेट पहना हुआ था। फिर भी हमलावरों ने उनका सिर फोड़ दिया, और मैं कुछ नहीं कर पाई।

प्यार की खातिर धर्म परिवर्तन करने को तैयार हो गए नागराजू
4 साल पहले सुल्ताना के अब्बू का निधन हो चुका था। परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी उनके भाई सैयद मोबिन अहमद पर थी। मोबिन फल बेचता है। मोबिन अपनी बहन का निकाह करने के लिए लड़का ढूंढ रहा था। सुल्ताना ने यह बात नागराजू को बताई। इसके बाद नागराजू भी सुल्ताना का हाथ मांगने उनके घर पहुंचे। राज ने सुल्ताना की मां से रिश्ते की बात की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इस पर नागराजू ने धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने और फिर निकाह करने का प्रस्ताव दिया। इसको भी सुल्ताना की मां ने ठुकरा दिया।

द न्यूज मिनट से बातचीत में सुल्ताना कहती हैं, 'राज और मेरे रिश्ते पर मेरी मां ने अपने से कुछ नहीं कहा। मां ने वही कहा, जो भाई ने कहलवाया। भाई चाहता था कि मेरी शादी मुस्लिम समुदाय में ही उसकी पसंद के लड़के से हो। उसने मेरा रिश्ता एक मुस्लिम लड़के से पक्का कर दिया था। मां का कहना था कि अगर मैंने हिंदू लड़के से शादी की तो मोबिन मुझे जान से मार डालेगा।’

भाई ने दो बार फांसी पर लटकाया, लेकिन बच गई…
सुल्ताना बताती हैं, नागराजू से शादी करने की जिद के चलते परिवार वालों ने मारपीट की। भाई मोबिन ने दो बार मुझे फांसी पर लटकाने की कोशिश की थी, लेकिन मैं बच गई। उस वक्त मैंने राज को इग्नोर भी किया ताकि हम अलग हो सकें, लेकिन मेरे लिए राज से दूर होना मुमकिन नहीं था। मैं राज के बिना नहीं जी सकती थी। हमने शादी करने का फैसला किया। शादी के एक दिन पहले भी भाई ने 13 घंटे तक मेरे साथ मारपीट की। वह राज का फोन नंबर और पता मांग रहा था। वह राज को भी जान से मारने की धमकी देना चाहता था, लेकिन मैंने मुंह नहीं खोला। उसे कुछ नहीं बताया। 30 जनवरी, 2022 की रात घर वालों से छिपकर मैं राज के साथ हैदराबाद आ गई।

आर्य समाज मंदिर में शादी के दौरान नागराजू और सुल्ताना। आर्य समाज मंदिर की ओर से जारी किए गए शादी के सर्टिफिकेट में अश्रीन सुल्ताना का नाम पल्लवी है।
आर्य समाज मंदिर में शादी के दौरान नागराजू और सुल्ताना। आर्य समाज मंदिर की ओर से जारी किए गए शादी के सर्टिफिकेट में अश्रीन सुल्ताना का नाम पल्लवी है।

आर्य समाज में मंदिर में कर ली शादी
25 साल के नागराजू और 23 साल की सुल्ताना ने 31 जनवरी 2022 को हैदराबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। नागराजू के परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार लिया, लेकिन सुल्ताना के परिवार को हिंदू दामाद किसी भी शर्त पर मंजूर नहीं था। सीएनएन को दिए इंटरव्यू में सुल्ताना ने बताया, 'शादी के बाद कुछ गलत होने की आशंका सता रही थी। इसलिए हम दोनों ने मोमिनपेट पुलिस थाने जाकर पुलिस प्रोटेक्शन मांगी। फिर हैदराबाद छोड़ विशाखापट्टनम चले गए। अपने-अपने सिम कार्ड तोड़ दिए। तीन महीने छिप-छिपकर गुजारे। फिर एक रोज चचेरे भाई से बात हुई, उन्होंने कहा कि जो हुआ सो हुआ। अब घर आओ। सबसे मिलो। तब लगा कि डर के बादल छट गए। हम हैदराबाद लौट आए। लाइफ नॉर्मल रूटीन में आने लगी।'

बीवी को शॉपिंग कराने के लिए निकले थे नागराजू
4 मई को नागराजू शोरूम से जल्दी निकल गए। आमतौर पर वह घर निकलते वक्त ऑफिस के कपड़े बदल लेते थे, लेकिन उस दिन ऑफिस के कपड़ों में ही निकल गए। उन्हें अपनी बीवी को शॉपिंग कराने ले जाना था। वह पहले अपनी बहन के घर पहुंचे। वहां से पत्नी सुल्ताना को साथ लिया। फिर दोनों बाइक से बाजार की ओर जा रहे थे। रात के नौ बजे हैदराबाद के सरूरनगर से गुजरते वक्त उन पर हमला हुआ। हमलावरों ने नागराजू पर रॉड और चाकू से हमला किया।

…सब मेरी उजड़ती दुनिया का वीडियो बनाते रहे
सुल्ताना बताती हैं, ’दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर चार से पांच हमलावर आए थे। उन लोगों ने तहसीलदार कार्यालय के पास सिग्नल पर हम पर हमला किया। हम गिर गए। मैंने राज से भागने के लिए कहा। उनके पास मौका था, लेकिन वह मुझे छोड़कर नहीं गए। इतने में मेरे भाई ने पीछे से सिर पर रॉड दे मारी। राज गिर गए। दूसरे व्यक्ति ने चाकू से गोदना शुरू कर दिया।

मैं लड़ी। राज को बचाने की कोशिश की। उसके ऊपर लेट गई। उन लोगों ने मुझे धक्का मारकर अलग कर दिया। मैं रोई, गिड़गिड़ाई। भाई के सामने राज की जिंदगी की भीख मांगती रही। कहा- राज को छोड़ दो, मैं आपके साथ घर आ जाऊंगी। वहां खड़ी भीड़ से राज को बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी। भाई को रहम नहीं आया। भीड़ में से कोई बचाने आगे नहीं आया। सब मेरी उजड़ती दुनिया का वीडियो बनाते रहे। पुलिस भी 30 मिनट बाद पहुंची।’

...दो दिन पहले खरीदकर दी थीं सिविल सर्विसेज एग्जाम की किताबें
सुल्ताना याद करती हैं कि राज मुझे कलेक्टर बनाना चाहते थे। मेरी पढ़ाई में दिलचस्पी है। पढ़ना अच्छा लगता है। मैं आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन मेरे परिवार ने मुझे आगे पढ़ने नहीं दिया। घटना से दो दिन पहले राज ने सिविल सर्विस एग्जाम की किताबें खरीदकर मुझे दीं। कहा कि तुम्हें जितना पढ़ना है, पढ़ो। मैं दिन रात मेहनत करूंगा, लेकिन तुम्हें पढ़ाऊंगा। तुम्हारे हर फैसले में मैं तुम्हारे साथ हूं। तुम बस अपने सपने पर ध्यान दो। पिछले 5 से 6 साल में उन्होंने हर पल, हर फैसले में मेरा साथ दिया।

पति के लिए लड़ेगी इंसाफ की लड़ाई
सुल्ताना का भाई सैयद मोबिन अहमद और रिश्तेदार मुहम्मद मसूद अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दावा किया कि घटना के 24 घंटे के अंदर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सुल्ताना अभी अपनी ससुराल मारपल्ले में रह रही हैं। उनका कहना है कि वह राज के परिवार के साथ ही रहेंगी। पति की तरह उनके परिवार की देखभाल करेंगी। उनके लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगी।

अंतिम संस्कार के दौरान पति के शव के पास बिलखती सुल्ताना। वह कहती है- 'मैंने पहले राज से शादी करने से इनकार कर दिया था। मुझे डर था कि कहीं रिश्ता कायम रखने से उसे नुकसान न हो जाए। उसने कई दिनों तक खाना नहीं खाया। फिर हमने शादी कर ही ली।'
अंतिम संस्कार के दौरान पति के शव के पास बिलखती सुल्ताना। वह कहती है- 'मैंने पहले राज से शादी करने से इनकार कर दिया था। मुझे डर था कि कहीं रिश्ता कायम रखने से उसे नुकसान न हो जाए। उसने कई दिनों तक खाना नहीं खाया। फिर हमने शादी कर ही ली।'

पुलिस न बरतती लापरवाही तो जिंदा होता भाई
नागराजू की बहन रमादेवी का कहना, 'मेरे भाई-भाभी ने थाने जाकर मदद मांगी। दोनों ने अपनी सुरक्षा के लिए जिला पुलिस अधीक्षक से भी संपर्क किया। पुलिस ने दोनों परिवारों को थाने बुलाया। उनकी काउंसलिंग की गई। इसके बाद भी मेरे भाई की हत्या हो गई तो यह जरूर पुलिस की लापरवाही थी। अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो मेरा भाई जिंदा होता।'