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IAS बनने से पहले 8 परीक्षाएं पास करने वाली लड़की:सुरभि को अंग्रेजी नहीं आती थी तो दीवारों पर लिखकर सीखी, 10वीं-12वीं में MP-बोर्ड टॉप किया

3 महीने पहले
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केरोसिन तेल के लैंप से पढ़कर 10वीं और 12वीं करने वाली सुरभि गौतम जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गईं तो पहली क्लास में पूछे गए सवालों का अंग्रेजी में जवाब नहीं दे पाईं। ऐसे में सुरभि की पूरी पढ़ाई पर ही सवाल खड़े हो गए थे, पर सुरभि नहीं रुकीं। और खुद को अंग्रेजी भाषा में इतना मजबूत बनाया कि पहले ही सेमेस्टर में कॉलेज टॉप कर दिया। इसके बाद आईआईएस, बार्क, IAS सहित देश भर के 8 एग्जाम में शानदार सफलता पाई।

सुरभि ने भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
सुरभि ने भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

मध्य प्रदेश में सतना जिले के अंदारा गांव की रहने वाली सुरभि गौतम ने स्कूल की पढ़ाई गांव के हिंदी मीडियम स्कूल से ही की और 10वीं और 12वीं में राज्य की मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया। इतना ही नहीं सुरभि जितने भी एग्जाम में बैठीं, सभी को पहले प्रयास में क्लीयर किया।

आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय देते चलें...

1. UPSC एग्जाम क्रैक कर पाई 50वीं रैंक

सुरभि ने साल 2016 में देश के सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में से एक UPSC एग्जाम को क्रैक कर 50वीं AIR रैंक हासिल की।

2. 10वीं में मैथ्स और साइंस में 100 में 100 अंक
सुरभि ने 10वीं के बोर्ड एग्जाम में 93.4% मार्क्स हासिल किए थे। गणित और विज्ञान विषय में वे 100 में से 100 मार्क्स लेकर आई थीं और राज्य की मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया था।

सुरभि ने इंग्लिश मुहावरों को सुनकर उन पर काम किया और अपनी इंग्लिश सुधारी।
सुरभि ने इंग्लिश मुहावरों को सुनकर उन पर काम किया और अपनी इंग्लिश सुधारी।

3. इलाज के लिए जाती थीं 150 किमी दूर, फिर भी किया टॉप
सुरभि जब 12वीं क्लास में आई तो रूमेटिक फीवर का शिकार हो गईं और इसके इलाज के लिए वो हर 15 दिन पर गांव से 150 किलोमीटर दूर जबलपुर में डॉक्टर को दिखाने जाती थीं। इन सबके बावजूद सुरभि ने अपनी स्टडी पर से कभी फोकस नहीं हटाया। उन्होंने परीक्षा में टॉप किया।

4. जब क्लास में सवालों के जवाब अंग्रेजी में नहीं दे पाईं
भोपाल में जब इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गईं तो पहली क्लास में पूछे गए सवालों का अंग्रेजी में जवाब नहीं दे पाईं। ऐसे में सुरभि हीन भावना का शिकार हो गईं। इंग्लिश सीखने के लिए सुरभि ने खुद से इंग्लिश में बात करना शुरू किया और हर दिन 10 नए वर्ड सीखने चालू किए। दीवारों पर कठिन शब्दों को चस्पा दिया और बार-बार उन्हें पढ़ा, याद किया। इंग्लिश मुहावरों को सुनकर उन पर काम किया और अपनी इंग्लिश सुधारी। सुरभि की यह मेहनत रंग लाई और ग्रेजुएशन के पहले सेमेस्टर में उन्होंने टॉप किया। खुद कॉलेज चांसलर ने सुरभि को अवॉर्ड भी दिया।

सुरभि को एक आईटी कंपनी में जॉब मिली, मगर आईएएस बनने के लिए उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी।
सुरभि को एक आईटी कंपनी में जॉब मिली, मगर आईएएस बनने के लिए उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी।

5. इसरो से लेकर दिल्ली पुलिस तक की परीक्षाओं में पाई कामयाबी
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सुरभि को TCS में प्लेसमेंट मिला, पर सिविल सेवा में जाने की इच्छा ने उन्हें जॉब छोड़ने को मजबूर कर दिया। सिविल सेवा की तैयारी के दौरान सुरभि ने कई एग्जाम जैसे ISRO, BARC, GTE, MPPSC, SAIL, FCI, SSC और दिल्ली पुलिस दिए और सभी में सक्सेज पाई।

साल 2013 में सुरभि ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम दिया और आल इंडिया लेवल पर पहली रैंक पाई। इसके बाद साल 2016 में सिविल सेवा एग्जाम क्रैक कर आईएएस अफसर बनीं।