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फेसबुक मेटावर्स पर शादी की दावत:तमिलनाडु का ये कपल हैरी पॉटर की थीम में करेगा रिसेप्शन, दुल्हन के दिवंगत पिता का अवतार भी होगा शामिल

नई दिल्ली5 महीने पहलेलेखक: राधा तिवारी
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कोरोना के चलते तमिलनाडु के एक कपल ने नई तरकीब से वेडिंग रिसेप्शन की योजना बनाई है। दरअसल, तमिलनाडु में भारत की पहली मेटावर्स शादी हो रही है, जिसमें अनगिनत संख्या में मेहमान शामिल हो सकेंगे। इसे लेकर दिनेश की तरफ से ट्वीटर पर एक पोस्ट करके सूचना दी गई। मेटावर्स शादी 6 फरवरी को होगी। दिनेश एसपी और जनगानंदिनी रामास्वामी फरवरी के पहले रविवार को तमिलनाडु के शिवलिंगपुरम गांव में अपनी शादी करेंगे, लेकिन उनका रिसेप्शन

डिजिटल माध्यम से होगा। उन्होंने अपने रिसेप्शन के लिए डिजिटल अवतार चुना है।

भारत की पहली मेटावर्स शादी
समारोह के बाद दंपति अपने हॉगवर्ट्स-थीम वाले रिसेप्शन के लिए वर्चुअल वेन्यू में प्रवेश करने के लिए अपने लैपटॉप पर ऑनलाइन रहेंगे और दुनिया भर के उनके दोस्त और परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे। ट्विटर पर दिनेश एसपी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बताया कि उनकी शादी का रिसेप्शन कैसा दिखेगा। इस शादी की खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में लड़की के दिवंगत पिता आभासी अवतार (3D Virtual Avatar) में रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे। दिनेश ने कहा, "यह मेटावर्स में आफ्टर लाइफ का एक नया तरीका होगा, और मुझे उम्मीद है कि यह भारत में पहली बार मेटावर्स का एक शानदार इवेंट होगा।

इस शादी की खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में लड़की के दिवंगत पिता आभासी अवतार (3D Virtual Avatar) में रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे।
इस शादी की खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में लड़की के दिवंगत पिता आभासी अवतार (3D Virtual Avatar) में रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे।

कोरोना महामारी में आया मेटावर्स में रिसेप्शन का ख्याल
दुल्हन नगानंदिनी एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और दिनेश आईआईटी मद्रास में प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में काम करते हैं। दिनेश ने एक पोस्ट के जरिये बताया कि, मुझे मेटावर्स वैडिंग रीसैप्शन का ख्याल आया और ये प्लान मेरी मंगेतर को भी पसंद आया। मैं क्रिप्टो और ब्लॉक चेन तकनीक से जुड़ा हूं और पिछले एक साल से इस पर काम कर रहा हूं। ब्लॉक चेन मेटावर्स की बुनियादी तकनीक है, ऐसे में जब मेरी शादी तय हुई, तो मैंने मेटावर्स में रिसेप्शन रखने के बारे में सोचा।

दुल्हन नगानंदिनी एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और दिनेश आईआईटी मद्रास में प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में काम करते हैं।
दुल्हन नगानंदिनी एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और दिनेश आईआईटी मद्रास में प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में काम करते हैं।

सोशल मीडिया पर हुई मुलाकात
दिनेश कहते हैं कि वे ब्लॉक चैन को लेकर हमेशा से उत्सुक रहे हैं और आभासी दुनिया के विचार के पीछे ब्लॉक चैन का सिद्धांत ही काम करता है। यह कपल पहली बार इंस्टाग्राम पर ही मिले थे। ऐसे में उन्हें लगा कि उनकी शादी के रिसेप्शन के लिए इससे बेहतर कोई तरीका नहीं हो सकता है। गया। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार वे परिवार को समझाने में सफल रहे। बता दें कि कपल कृष्णागिरी जिले के शिवलिंगपुरम गांव में शादी के बंधन में बंधेंगे।

हॉगवार्ट के किले पर रखी गई रिसेप्शन की थीम
दूल्हा-दुल्हन हैरी पॉटर के फैन हैं, इसलिए हॉगवार्ट के किले पर रिसेप्शन थीम रखी गई है। कृष्णागिरी के शिवलिंगपुरम में 6 फरवरी को विवाह से लौट कर दोनों लैपटॉप पर पारंपरिक परिधान पहने अवतारों के जरिए रिसेप्शन में आएंगे। रिश्तेदारों को शामिल होने के लिए लिंक और पासवर्ड दिए गए हैं, जिनसे वे अपने अवतार चुनेंगे। सभी अवतार एक दूसरे से मिल और बातचीत कर सकेंगे। यहां यूज़र्स अपना नकली अवतार रचकर एक दूसरे से मिलकर और बातचीत कर सकते हैं। गिफ्ट भी वाउचर या गूगल-पे से दिए जाएंगे। लेकिन यहां सबसे अहम, खाना नहीं होगा।

क्या है मेटावर्स की दुनिया?
मेटावर्स में ऑग्मेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और वीडियो टूल का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक डिजिटल स्पेस में लोग एक दूसरे के साथ डिजिटली मोड से कनेक्ट रहते हैं। आसान शब्दों में कहें तो आप घर पर होंगे, लेकिन आपका अवतार मेटावर्स में होगा, जिसे आप कंट्रोल कर सकेंगे। इस मेटावर्स की दुनिया में आपका डिजिटल अवतार को सब कुछ करेगा, जो आप रियल की दुनिया में करते हैं। आप शादी में क्रिप्टोकरेंसी में गिफ्ट भी खरीदकर दे सकेंगे।

मेटावर्स पर शादी को वैधता नहीं
पिछले साल अमेरिका में ट्रेसी और डेव ने मेटावर्स पर शादी की, जो ऐसी पहली शादी थी। अमेरिका के कई राज्य इसे मान्यता नहीं देते। वहां के कानून व इंटरनेट से शादी करवा रहे संगठन अमेरिकी विवाह मिनिस्ट्री डिजिटल अवतार वास्तविक मनुष्य नहीं मानते। भारत में टैक-लैगिस संस्था के पदाधिकारी सलमान वारिस बताते हैं कि ‘लॉकडाउन में वीडियो कॉलिंग पर विवाह व निकाह हुए, इसे स्वीकारा गया, लेकिन वहां वास्तविक लोग थे। मेटावर्स प्लेटफॉर्म पर वास्तविक पहचान बेहद मुश्किल है। इन अवतार को कानूनी दर्जा या किसी का प्रतिनिधि होने का कानूनी अधिकार नहीं मिलता है।

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