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ओमिक्रॉन की एंट्री:तीसरी लहर के खौफ से वैक्सीनेशन सेंटर पर खिंचे आ रहे लोग, पूछ रहे-फिर अपनों को खो तो नहीं देंगे

नई दिल्ली6 महीने पहले
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  • एमपी-राजस्थान में वैक्सीनेशन ड्राइव में आई तेजी, पहली डोज लेने वालों में 60% इजाफा
  • देश में हर दिन 80 से 90 लाख लोग लगवा रहे कोरोना का टीका, नए वैरिएंट से बढ़ी चिंता

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने भारत में दस्तक दे दी है। देश में इसके पहले दो मरीज कर्नाटक में मिले हैं। लोगों में इसका खौफ इस कदर बढ़ गया है कि वे नए वैरिएंट का इलाज तलाश रहे हैं। यहां तक कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को भारत में तीसरी लहर के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, दुनियाभर में इस वैरिएंट को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है और न ही अभी तक इसका अंदाजा हो सका है कि ये कितना खतरनाक है। वहीं, कोरोना की दूसरी लहर के बाद से लोग इतना घबराए हुए हैं कि खुद को बचाने के लिए हर तरकीब अपनाने को तैयार हैं। यहां तक कि देशभर में लोग कोरोना का टीका लगवाने के लिए तेजी से आगे आ रहे हैं।

20 नवंबर के बाद से वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ी

देश दुनिया में ओमिक्रॉन वायरस की खबरें आने के बाद से लोग सबसे पहले कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की वुमन टीम ने ग्रेटर नोएडा के वैक्सीनेशन सेंटर का जायजा लिया तो पता चला कि पिछले एक सप्ताह में कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव में जबरदस्त तेजी आई है। यहां तक कि गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के वैक्सीनेशन सेंटर में काम करने वालों का कहना है कि अक्टूबर में लोग वैक्सीनेशन के लिए इतना आगे नहीं आ रहे थे, लेकिन 20 नवंबर के बाद से अचानक वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ गई। कोरोना की दूसरी डोज लेने वालों में 15% का इजाफा हुआ है तो वहीं जो लोग पहले किसी कारण से पहली डोज के लिए भी नहीं आ रहे थे उनकी संख्या अचानक से 50 से 60% बढ़ गई है।

ओमिक्रॉन के आने से पहले लगवाना चाहते हैं टीका, खुद को कर रहे तैयार
मीडिया में ओमिक्रॉन वैरिएंट की खबरें 20 नवंबर से आना शुरू हुई है और 26 नवंबर को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यू एच ओ) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है। यहां तक की 30 देशों में ये वैरिएंट पहुंच भी चुका है। डेल्टा वैरिएंट आने के दौरान भी दुनियाभर में ऐसे ही हालात बने थे। भारत में लोगों ने कोरोना की दूसरी लहर का सामना करने के बाद कोरोना वैक्सीन की अहमियत को समझा था। इस बार तीसरी लहर आने से पहले ही खुद को बचाने के लिए लोग कोरोना का टीका लगवाने में देरी नहीं करना चाह रहे। हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए मौजूदा वैक्सीन कितनी असरदार है या इसके लिए अलग से वैक्सीन लाने की आवश्यकता है या नहीं, लेकिन लोग नए वैरिएंट का सामना करने के लिए खुद को पहले से तैयार कर रहे हैं। अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाने में देरी नहीं कर रहे।

देश में हर दिन करीब 80 लाख लोग ले रहे कोरोना का टीका। 20 नवंबर के बाद से वैक्सीनेशन में तेजी आई।
देश में हर दिन करीब 80 लाख लोग ले रहे कोरोना का टीका। 20 नवंबर के बाद से वैक्सीनेशन में तेजी आई।

10 दिन में 8.2 करोड़ लोगों ने लगवाई कोरोना वैक्सीन
देश में लगातार कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा बढ़ रहा है। देश में अब तक लगभग 125 करोड़ वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। इनमें से करीब 8.2 करोड़ लोगों ने पिछले 10 दिनों में ही वैक्सीन लगवाई है। यानी करीब 6 से 7 फीसदी लोगों ने बीते 10 दिनों में कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये संख्या अचानक 20 नवंबर के बाद बढ़ी है। इससे पहले अक्टूबर में हर दिन मुश्किल से 40 से 50 लाख लोग वैक्सीनेशन सेंटर पहुंच रहे थे। अब देशभर में सबसे ज्यादा लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे आ रहे हैं। इनमें पहली डोज लगवाने वालों की संख्या में 60% का इजाफा हुआ है, जबकि दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या में 68% तक की बढ़ोतरी हुई है। ये तीसरी लहर का डर है जो लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर तक खींच ला रहा है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा लोग लगवा रहे कोरोना का टीका
देशभर में चल रही वैक्सीनेशन ड्राइव में तो तेजी देखी ही जा रही है साथ ही उन राज्यों में लोग खासकर अलर्ट मोड पर आ गए हैं, जहां दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। राजस्थान में कोविड वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होने के बाद से अब तक 6.88 करोड़ लोग कोरोना का टीका लगवा चुके हैं, इनमें 3.34 करोड़ महिलाएं भी शामिल हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट की खबर आने के बाद से राजस्थान में हर दिन करीब 17 लाख लोग कोरोना की वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। ये आंकड़ा हर दिन बढ़ता जा रहा है, जबकि अक्टूबर की बात करे तो हर दिन मुश्किल से पांच लाख लोग कोरोना का टीका लगवाने जाते थे।

मध्य प्रदेश में कोरोना टीकाकरण अभियान में लगभग 8.81 करोड़ लोग टीका लगवा चुके हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा 56 लाख लोगों ने सितंबर में टीका लगवाया था। इसके बाद अक्टूबर में यहां भी लोगों ने वैक्सीनेशन को टालना शुरू कर दिया। हर दिन मुश्किल से एक लाख लोग वैक्सीनेशन सेंटर पहुंच रहे थे, लेकिन जैसे ही मीडिया में ओमिक्रॉन वैरिएंट की खबरें आना शुरू हुई ,यहां भी वैक्सीनेशन ड्राइव ने रफ्तार पकड़ ली। 20 नवंबर के बाद से मध्य प्रदेश में लगभग 1 करोड़ लोग कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। इनकी संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

वैक्सीनेशन पर गलत जानकारी फैला रहीं कुछ वेबसाइट्स, यूनिसेफ कर रहा जागरूक
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की खबर आने के बाद से सोशल मीडिया और कुछ साइट्स पर गलत जानकारी भी जारी होने लगी है। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए यूनिसेफ ने अपनी वेबसाइट पर ओमिक्रॉन वैरिएंट से जुड़ी सभी जानकारी साझा की है। इसी में ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए कौनसी वैक्सीन कितनी कारगर है इसके जवाब में लिखा है कि फिलहाल कोरोना के नए वैरिएंट और उस पर वैक्सीन के असर पर रिसर्च जारी है। यूनिसेफ का कहना है कि हमें डेल्टा और कोरोना के किसी भी वैरिएंट से बचने के लिए वैक्सीन की डोज लेना बहुत जरूरी है। किसी भी वायरस से बचाव के लिए इम्युनिटी मजबूत होना बेहद जरूरी है, इसलिए वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। जब तक सभी लोग वैक्सीनेट नहीं हो जाते इसी तरह के नए वैरिएंट आते रहेंगे।

पहली डोज लगवाने वालों की अचानक बढ़ी संख्या
गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जिम्स) ग्रेटर नोएडा के वैक्सीनेशन इंचार्ज डॉ हरिओम सोलंकी बताते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट भले ही भारत में नहीं आया है, लेकिन लोग इससे अलर्ट मोड में आ गए हैं। जिम्स के वैक्सीनेशन सेंटर में पिछले एक महीने से पहली डोज लेने वालों की संख्या मुश्किल से 40 या 50 थी, लेकिन जैसे ही नए वैरिएंट की खबर आने लगी तब से रोजाना 100 से अधिक लोग पहली डोज लगवाने आ रहे हैं, इनमें 50-60% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, दूसरी डोज के लिए पहले रोजाना करीब 900 लोग आते थे। अब इनकी संख्या 1100 से ज्यादा हो गई है। करीब 15% वैक्सीन डोज बढ़ी है। वैक्सीनेशन के लिए सबसे ज्यादा 18 से 60 उम्र वर्ग के लोग आगे आ रहे हैं। यहां तक की लोग वैक्सीनेशन सेंटर में मौजूद डॉक्टर्स से नए वैरिएंट को लेकर सवाल भी पूछते हैं, उन्हें ये डर है कि कहीं दूसरी लहर की तरह ही अगर तीसरी लहर आई तो उन्हें एक बार फिर अपनों को खोना पड़ेगा।

कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचाव के लिए जरूरी है वैक्सीनेशन।- यूनिसेफ
कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचाव के लिए जरूरी है वैक्सीनेशन।- यूनिसेफ

महिलाएं ऐसे रखें अपना और परिवार का ध्यान, माने एक्सपर्ट की राय
डॉ हरिओम सोलंकी ने बताया कि जो लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं या दूसरी डोज का इंतजार कर रहे हैं उन सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें महिलाओं को खासकर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उनके स्वास्थ्य के साथ ही पूरे परिवार का स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। इसके लिए वे कुछ बातों का खास ख्याल रखें।
- घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं, नाक और मुंह को ठीक तरह से ढकें
- घर में वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां खुली रखें, भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन वाली जगह से दूरी बनाएं
- हर थोड़ी देर में हाथ धोती रहें, वैक्सीन जरूर लगवाएं और अपनी इम्युनिटी बढ़ाएं
- किसी महिला को पहले से डायबिटीज, हार्ट या लिवर की बीमारी है, तो वे डॉक्टर से जरूर चेकअप करवाएं और कोर्स पूरा करें।

-पुरानी दवाएं नहीं खाएं। इस तरह महिलाएं खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।

कोरोना की दूसरी लहर में ही महिलाओं पर कहर बना था कोरोना वायरस
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रेग्नेंट महिलाएं कोरोना की चपेट में आई थी और उन्हें प्रेग्नेंसी में दिक्कत का सामना करना पड़ा था। कोरोना की पहली लहर में 14.2% गर्भवती महिलाएं कोरोना की चपेट में आई थी, जबकि दूसरी लहर में 28.7% मां बनने वाली महिलाएं कोविड पॉजिटिव पाई गई थी। इनमें भी महिलाओं का मृत्यु दर 5.7% देखा गया। ऐसी स्थिति में कोरोना के नए वैरिएंट आने की खबर से सबसे ज्यादा महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।