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मंत्री को भी मिली गैंगरेप की धमकी, वह छिपती रही:धोनी और कोहली के बिटिया भी हुई ट्रोल, ऐसी धमकियां देने वाले कौन

नई दिल्ली8 दिन पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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यूके की लेबर पार्टी की एमपी स्टेला क्रेसी ने बताया कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स से जुड़े रहने के दौरान उन्हें गैंगरेप की धमकी दी गई। दुनियाभर में मशहूर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में सेक्शुअल हैरेसमेंट कैंपेन के दौरान उन्हें यह चेतावनी दी गई थी। धमकियां महिलाओं को कितना डरा देती हैं।

नब्बे के दशक के मध्य में इस घटना के समय स्टेला क्रेसी यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट काउंसिल से जुड़ी थी। इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने धमकी देने वालों के खिलाफ कारवाई करने की बजाय स्टेला को ही फटकार लगाई।
नब्बे के दशक के मध्य में इस घटना के समय स्टेला क्रेसी यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट काउंसिल से जुड़ी थी। इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने धमकी देने वालों के खिलाफ कारवाई करने की बजाय स्टेला को ही फटकार लगाई।

गैंगरेप की धमकी की सचाई
जीबी न्यूज को दिए इंटरव्यू के दौरान स्टेला ने बताया कि चालीस की उम्र पार करने के बाद आज वह इस बारे में बात कर पा रही हैं।उन्होंने स्वीकारा कि उस समय यह काफी डराने वाला अनुभव था। मैंने शायद ही कभी उन पुरुषों का सामना करने की सोची। हालांकि बाद में यूनिवर्सिटी ने स्वीकारा कि वह सेक्शुअल हैरेसमेंट से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है।

द प्रॉब्लम ऑफ रेप इन इंडिया : ए मल्टीडाइमेंशनल एनालिसिस में निर्भया गैंगरेप का विस्तार से अध्ययन किया गया। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मैनेजिंग प्रोजेक्ट इन बिजनेस में प्रकाशित हुई। इस रिपोर्ट में निर्भया गैंगरेप में शामिल अपराधियों के बिहेवेयर का अध्ययन किया गया।
द प्रॉब्लम ऑफ रेप इन इंडिया : ए मल्टीडाइमेंशनल एनालिसिस में निर्भया गैंगरेप का विस्तार से अध्ययन किया गया। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मैनेजिंग प्रोजेक्ट इन बिजनेस में प्रकाशित हुई। इस रिपोर्ट में निर्भया गैंगरेप में शामिल अपराधियों के बिहेवेयर का अध्ययन किया गया।

धोनी और विराट की बिटिया भी टारगेट
क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा की 9 महीने की बिटिया को सोशल मीडिया पर रेप की धमकी दी गई। इस मामले में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया। आईपीएल 2020 में कोलकाता नाइट राइडर्स से चेन्नई सुपर किंग्स के हारने के बाद धोनी को टारगेट करते हुए उनकी बेटी जीवा को भी ऐसी ही धमकी दी गई। इस मामले में एक टीनएजर की गिरफ्तारी भी की गई। आखिर छोटी बच्चियाें और महिलाओं को रेप, गैंगरेप की धमकी देनेवाले लोग कौन है? रेप की धमकी ही क्यों?

50 रेपिस्ट का इंटरव्यू करने वाले डॉक्टर
एसोसिएशन ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, यूएस क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. सैमुअल डी. स्मिथिमन ने 1970 के दशक में करीब 50 रेपिस्ट का इंटरव्यू किया। ये सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि, समाजिक परिवेश, अलग-अलग व्यक्तित्व और मानसिकता रखते थे। इस अध्ययन में पाया कि कुछ बातें रेप करने वालों में कॉमन होती है जैसे सहानुभूति की कमी, आत्मसंतुष्टि और महिलाओं को लेकर नफरत की भावना।

रेप के कई प्रकार
कोई भी यौन हिंसा जिसमें दो या दो से अधिक लोग शामिल हो उसे मल्टीपल परप्रिट्रेटर कहा गया है। आमतौर पर हिंदुस्तान में इसके लिए गैंगरेप जैसे शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। साल 1979 में हुए 500 पुरुषों पर अध्ययन किया गया। इसमें रेप के लिए तीन वजहों काे जिम्मेदार बताया गया गुस्सा, शक्ति दिखाने के लिए, दूसरों को तकलीफ पहुंचाकर खुश होने पर।

खुद संकट महसूस करने पर गुस्से में आकर किया गया रेप ‘एंगर रेप’ कहलाता है। पीड़ित पर अपना गुस्सा निकालने के लिए वह बलात्कार का उपयोग करता है।अपनी कमी को छिपाने के लिए पीड़ित पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लएि किया गया बलात्कार, पावर रेप कहलाता है। सैडिस्ट रेप में हमला करने वाला महिला पर बल प्रयोग कर खुशी महसूस करता है। यौन लालसाओं के साथ ही अत्यधिक गुस्से में वह यह क्राइम करता है।

नयना चौधुरी का कहना है कि रेपिस्ट की शक्ल किसी राक्षस की तरह नहीं होती है। रेप करने वाले करीब 84% पुरुष, पीड़ित के करीबियों या जान-पहचान के होते हैं।
नयना चौधुरी का कहना है कि रेपिस्ट की शक्ल किसी राक्षस की तरह नहीं होती है। रेप करने वाले करीब 84% पुरुष, पीड़ित के करीबियों या जान-पहचान के होते हैं।

ब्रेकथ्रू की प्रोग्राम डायरेक्टर नयना चौधुरी का बताती हैं कि पुरानी समाजिक धारणा है कि औरतों को दंड देने की जिम्मेदारी पुरुषों के पास है। रेपिस्ट की कोई साइकोलॉजी नहीं होती, समाजिक धारणाओं की वजह से उसकी सोच प्रभावित होती है। कई बार ऐसा होता है कि पारिवारिक लड़ाइयों में पुरुषों से बदला लेने के लिए महिलाओं का रेप किया जाता है। यूएन ने बलात्कार को युद्ध का हथियार (weapon of war ) शब्द की संज्ञा दी।

डॉ. जेएस बिष्ट के अनुसार, इस तरह की धमकियां देने वाले लोग समाज के नियमों को नहीं मानते। इसे एंटी सोशल पर्सनेलिटी डिसऑर्डर भी कहा जाता है। ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर साइकोपैथ भी कहते हैं। इनके हिसाब से चीजें नहीं होने पर यह दूसरों को परेशान करना चाहते हैं।
डॉ. जेएस बिष्ट के अनुसार, इस तरह की धमकियां देने वाले लोग समाज के नियमों को नहीं मानते। इसे एंटी सोशल पर्सनेलिटी डिसऑर्डर भी कहा जाता है। ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर साइकोपैथ भी कहते हैं। इनके हिसाब से चीजें नहीं होने पर यह दूसरों को परेशान करना चाहते हैं।

रेपिस्ट को कैसे पहचानें
दून मेडिकल कॉलेज में साइकेट्री विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जेएस बिष्ट के अनुसार, एंटी सोशल पर्सनेलिटी डिसऑर्डर के शिकार लोगों को दूसरों को तकलीफ या डर में देखकर संतुष्टि मिलती है। ऐसे लोगों को उनके बचपन में ही पहचान कर इलाज कराया जाना चाहिए। ऐसे लोगों में बचपन में ही नशे की आदत लग जाती है।
इस तरह की पर्सनेलिटी के बच्चे माता-पिता या शिक्षकों की बातें नहीं मानते। दूसरों को तकलीफ पहुंचाने वाली शरारतों पर इनको कोई अफसोस नहीं होता।

संघर्षत देशों में यौन हिंसा का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। एक अनुमान के अनुसार हर साल करीब 15 करोड़ कम उम्र की लड़कियां इस तरह की यौन हिंसा की चपेट में आती हैं। यही वजह है कि यूनिसेफ ने बलात्कार को युद्ध का हथियार (weapon of war ) शब्द की संज्ञा दी।
संघर्षत देशों में यौन हिंसा का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। एक अनुमान के अनुसार हर साल करीब 15 करोड़ कम उम्र की लड़कियां इस तरह की यौन हिंसा की चपेट में आती हैं। यही वजह है कि यूनिसेफ ने बलात्कार को युद्ध का हथियार (weapon of war ) शब्द की संज्ञा दी।

सुधार की कितनी गुंजाइश
ब्रेकथ्रू की प्रोग्राम डायरेक्टर नयना चौधुरी के अनुसार, साेच में बदलाव लाकर सुधार किया जा सकता है। मामूली सी दिखने वाली रोजमर्रा की चीजों से सुधार शुरू होना चाहिए जैसे गालीगलौज में महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना, दोस्तों के बीच मजाक-मजाक में रेप या गैंगरेप जैसे शब्द से परहेज करना। एंटरटेनमेंट शोज में इस शब्दों से दूरी बनाया जाना चाहिए।
रेप या गैंगरेप जैसे शब्दों का आम बोलचाल में इसकी गंभीरता और पीड़िता के दर्द का मजाक उड़ाता लगता है।