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हेल्थ:दूध की जगह लोग क्यों ले रहे हैं नॉन डेयरी मिल्क? जानें इसके फायदे

6 दिन पहले

एक वक्त था जब हमारे लिए दूध मतलब, गाय, भैंस या बकरी हुआ दूध करता था, लेकिन बदलते समय ने न केवल दूध का विकल्प बदल दिया है, बल्कि दूध को भी डेयरीऔर नॉन डेयरीहिस्से में बांट दिया। लोग अब हेल्दी और न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट लेना पसंद करते हैं। इसलिए वे ऐसे फूड्स चुनने लगे हैं, जो उनकी न्यूट्रीशनल जरूरतों को कम से कम कैलोरीज इनटेक के साथ पूरा कर सके।

क्या है नॉन डेयरी मिल्क?

पौधे, अनाज या ड्राई फ्रूट्स से निकलने वाले दूध नॉन डेयरी मिल्क के तौर पर जाने जाते हैं। कई खाद्य पदार्थ हैं, जिनका दूध बाज़ारों में डेयरीमिल्क के विकल्प के तौर पर उपलब्ध है। जिनमें नारियल, सोया मिल्क, आलमंड मिल्क यानी बादाम का दूध, चावल का दूध, ओट्स मिल्क, हेम्प मिल्क यानी भांग के बीज का दूध, काजू का दूध, क्विनोआ का दूध काफी प्रचलित है।

कौन लेते हैं नॉन डेयरी मिल्क?

दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो वेगन होने की वजह से, कैलोरी काउंट के लिए या फिर दूध से एलर्जी होने की वजह से डेयरीप्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए बाज़ार में तमाम नॉन डेयरीमिल्क उपलब्ध हैं, जिससे वे अपनी न्यूट्रीशनल जरूरतों को पूरा करते हैं। आज हम आपको उन विकल्पों के बारे में बताएंगे, जिसे दूध की जगह अपनी डाइट में शामिल कर आप हेल्दी रह सकते हैं।

नॉन डेयरी मिल्क के बारे में क्या कहते हैं डायटीशियन

नॉन डेयरी मिल्क पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि ये सभी नेचुरल चीजों से बनाए जाते हैं। रिलायंस हॉस्पिटल की चीफ डायटीशियन वैशाली मराठे बताती हैं कि लेक्टोस इनटॉलेरेंस की स्थिति में दूध के ये विकल्प बेहतर साबित होते हैं। दरअसल ये ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को दूध में मौजूद प्राकृतिक मिठास (सुगर) से एलर्जी होती है। जिसके कारण वे लोग डेयरीमिल्क अपनी डेली डाइट में शामिल नहीं कर पाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शरीर के कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी आप मार्केट में मौजूद इन दूध को ट्राई कर सकते हैं।

आपके आसपास आसानी से मिल जाएंगे ये नॉन डेयरी मिल्क

कोकोनट मिल्क - नारियल का दूध भारत में ख़ासा लोकप्रिय है। देश के कई हिस्सों में इसे पीने का प्रचलन हैं। इसमें कॉपर, पोटैशियम, विटामिन्स, सेलेनियम, कैल्शियम, फाइबर और मैंगनीज पाया जाता है। अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो इस दूध को अपनी डाइट में शामिल करें। नारियल का दूध वजन कम करने और हार्ट को दुरुस्त रखने में भी मदद करता है।

सोया मिल्क - बाजारों में सबसे ज्यादा प्रचलित है सोया मिल्क। कई कंपनी इस दूध का उत्पादन करती है। सोयाबीन को पानी में मिलाकर इसका दूध निकाला जाता है। सोया मिल्क की खासियत है कि इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा बेहद कम होती है। कोलेस्ट्राल फ्री होने के साथ-साथ इस दूध में प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। लैक्टोज न होने के कारण ये डायबिटिक पेशेंट के लिए फायदेमंद साबित होता है।

आलमंड मिल्क - बादाम कच्चा हो या तेल के रूप में, हमारे घर में हमेशा ही इसे तवज्जो दी जाती है। लाभकारी गुणों से भरपूर बादाम का दूध प्राकृतिक रूप से क्रीम और मीठापन लिए होता है। इसमें पॉली-अनसेचुरेटेड और मोनो-अनसेचुरेटेड जैसे हेल्दी फैट्स होते हैं। साथ ही बादाम के दूध में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन ई, प्रोटीन, कैल्शियम और पोटैशियम पाया जाता है, जो आपकी डेली न्यूट्रीशनल जरूरतों को पूरा करता है।

राइस मिल्क - चावल से बनने के कारण न सिर्फ इसका स्वाद मीठा होआ है, बल्कि ये दूध लेक्टोज फ्री भी होता है। इसे बनाने क लिए ब्राउन राइस का इस्तेमाल होता है। जिन्हें दूध से एलर्जी है, वो चावल के दूध को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

ओट्स मिल्क - ओट्स मिल्क हमारी हड्डी और दिल को भी मजबूत बनाए रखने में हमारी मदद करता है। ओट्स को पानी के साथ ग्राइंड करके ये मिल्क तैयार किया जाता है। इस मिल्क में बीट ग्लूकेन और साल्यूबल फाइबर पाया जाता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने का काम करता है। शरीर के मेटाबोलिज्म का भी ये ओट्स मिल्क ख़ास ख्याल रखता है।

हेम्प मिल्क - भांग के बीज से बना ये दूध डेयरी मिल्क से ज्यादा हेल्दी है। भांग के दाने को पानी में मिलाकर पीसा जाता है, तब जाकर तैयार होता है हेम्प मिल्क। वेगन और लेक्टोज़ एलर्जिक लोगों के लिए के लिए इसे डेयरी मिल्क का अच्छा विकल्प माना जाता है। हालांकि भांग के बीज से बने इस दूध को लेकर विवाद बना रहता है।

केश्यो मिल्क - काजू का दूध स्वाद में लाजवाब होता है, लेकिन इसमें कैलोरीज की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इस दूध का सेवन तभी करें, जब आपको डॉक्टर ने अधिक कैलोरीज लेने की सलाह दी हो। इस मिल्क में प्रोटीन बिल्कुल नहीं होता है, लेकिन कैल्शियम, विटामिन ए, डी और बी 12 इसमें भरपूर मात्रा में होती है।

क्विनोआ मिल्क - क्विनोआ मिल्क भी वेगन या डेयरी मिल्क से परहेज रखने वालों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसमें एमिनो एसिड के अलावा फाइबर, प्रोटीन, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, जिंक, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 पाए जाते हैं। कब्ज़ की समस्या और कोलेस्ट्रॉल लेवल को ठीक करने में ओट्स मिल्क सहायक साबित होता है।

दुनियाभर में मिलते हैं 40 से ज्यादा वैरायटी के नॉन डेयरी मिल्क

हमने आपको उन नॉन डेयरीमिल्क के बारे में बताया, जिसे आप आपके आसपास के स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हों। लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसे नॉन डेयरीमिल्क देश-दुनिया में मौजूद है, जिनका सेवन प्रचलन में है।

नॉन डेयरी शब्द पर होता विवाद

नॉन डेयरी मिल्क टर्म को लेकर कुछ विवाद भी है। फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने अपने एक नोटिफिकेशन में नॉन डेयरीमिल्क को प्लांट बेस्ड मिल्क शब्द से बदलने का प्रस्ताव रखा था। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का जोर इस बात पर है कि दूध शब्द का इस्तेमाल केवल जानवरों से मिलने वाले दूध और उससे बनने वाली चीजों के लिए इस्तेमाल किया जाए।

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