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6 साल में 11% बढ़ीं ऑनलाइन महिला खरीदार:50% खरीदार छोटे शहरों से, 71% महिलाएं ऑनलाइन साड़ियां खरीद रहीं, इन्हीं पर बाजार की नजर

नई दिल्ली11 दिन पहलेलेखक: मनीष तिवारी

अगर आप युवा हैं और बात-बात पर ऑनलाइन शॉपिंग की धाक जमाते हैं, तो जल्द ही बड़ी उम्र की महिलाएं ई-कॉमर्स की दुनिया में आपको मात दे देंगी।

भोपाल, भीलवाड़ा हो या जमशेदपुर और जयपुर या फिर आरा और अलवर, आने वाले वर्षों में देश के करीब 60 फीसदी ऑनलाइन कस्टमर इन्हीं टियर-2 और 3 इलाकों से होंगे। उसमें भी 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा होगी।

किचन से निकलकर महिलाएं अब ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने में पुरुषों को पीछे छोड़ चुकी हैं। इनरवियर को छिपाकर लाने, सुखाने वाली महिलाएं आज ऑनलाइन डिजाइनर अंडरवियर खरीद रही हैं। उनके बूते वेस्टर्न ड्रेसेज, फैशन जूलरी और ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर ग्रॉसरी तक का ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।

आगे बढ़ने से पहले छोटे शहरों, कस्बों और गांवों की महिलाओं में बढ़ते ऑनलाइन शॉपिंग ट्रेंड के बारे में अपने ख्याल हमसे साझा करते चलें:

बाजार का भविष्य बताने वाली रिसर्च कंपनियों का कहना है कि भारत में ई-कॉमर्स के सेक्टर में अगला बूम गांवों-कस्बों की गलियों से होते हुए, इन्हीं महिलाओं की शॉपिंग से आएगा। ये ही वो महिला है जो देश में ई-कॉमर्स का ट्रेंड सेट करेंगी और जिनके लिए कंपनियों को ऑफर्स से लेकर पॉलिसीज तक बदलनी पड़ेगी।

अगर आपको यकीन नहीं हो रहा, तो इन 3 स्टडीज पर ध्यान दीजिए:

47 साल की कविता को भा रही घर बैठे खरीददारी

जमशेदपुर की 47 साल की कविता को 4 साल पहले पड़ोसन ने इतराते हुए बताया था कि वह राशन से लेकर कपड़े तक घर बैठे मंगा लेती हैं और अच्छा खासा डिस्काउंट भी मिलता है।

कविता को कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में पड़ोसन के इतराने की वजह समझ आई जब उनकी बेटी ने ऑनलाइन सामान मंगवाना शुरू किया। अब वह खुद ऑनलाइन खरीदारी करती हैं। ऑनलाइन खरीदारी की सहूलियत ने छोटे शहरों, कस्बों में रहने वाली महिलाओं को ‘हेवी शॉपर्स’ बना दिया है।

ऑनलाइन शॉपिंग में महिलाओं का ट्रेंड बदलना शुरू हुआ है और मार्केट भी आने वाले समय में इनमें ज्यादा गुंजाइश देख रहा है...

टॉप और टीशर्ट पहनने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी

महिलाओं पर साड़ी, कुर्ती जैसे पारंपरिक ड्रेसेज पहनने का कितना भी दबाव बनाया जाए, लेकिन कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ने के साथ ही वे इंटरनेशनल फैशन ट्रेंड्स फॉलो कर रही हैं। ‘टेकनेवियो रिसर्च’ के अनुसार 2024 तक महिलाओं के वेस्टर्न वेयर मार्केट में 8 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं पुरुष पारंपरिक पोशाक पहनना लगभग बंद कर चुके हैं। बच्चों के मामले में भी लोग वेस्टर्न कपड़े ही चुनते हैं।

महिलाओं से ज्यादा पुरुष खरीदते हैं ऑनलाइन कपड़े

आमतौर पर माना जाता है कि महिलाएं ज्यादा कपड़े खरीदती हैं, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में फिलहाल पुरुष उनसे आगे हैं। हालांकि, इस अंतर की एक बड़ी वजह इंटरनेट और स्मार्टफोन के इस्तेमाल में महिलाओं का पीछे होना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फीमेल इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़ने के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कपड़े खरीदने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है।

कामकाजी महिलाओं में बढ़ी रेडी टु ईट फूड की डिमांड

न्यूक्लियर फैमिली और कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ ही उनकी फूड हैबिट्स में बदलाव आ रहा है। भारतीय महिलाओं में फ्रोजन और रेडी टु ईट फूड का चलन बढ़ रहा है। रेडसियर की रिपोर्ट के अनुसार औसतन 26 साल की वर्किंग वुमन में प्रोसेस्ड फूड की डिमांड सबसे ज्यादा है।

इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी बिजी लाइफस्टाइल है, जिसके चलते आने वाले समय में आसानी से और फटाफट तैयार हो सकने वाले खाने की मांग में बढ़ोतरी फिलहाल जारी रहेगी। 'रिसर्च एंड मार्केट्स डॉट कॉम' के डेटा के मुताबिक 2021 में प्रोसेस्ड फूड मार्केट 22,830 अरब रुपए था, जिसके 2027 तक बढ़कर 41,835.8 रुपए पहुंच जाने की उम्मीद है।

ऑनलाइन खाना मंगवाने में महिलाएं पुरुषों से आगे

राकुटेन इनसाइट ने करीब 40 हजार लोगों पर एक सर्वे किया, जिसमें पता चला कि मुताबिक ऑनलाइन फूड डिलीवरी सर्विस यूज करने में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। जोमैटो, स्विगी जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स ने महिलाओं की जिंदगी थोड़ी आसान कर दी है।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी सर्विस का लाभ उठाने में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं:

सोना-चांदी नहीं, ‘फैशन जूलरी’ खरीदने की चाहत

91.3 फीसदी जूलरी मार्केट पर अब भी पीढ़ियों से गहने बनाने-बेचने वाले सुनारों का ही कब्जा है। यह दिखाता है कि गहने जैसी कीमती चीजों के लिए महिलाएं परिचित जूलर्स को ही प्राथमिकता देती हैं। लेकिन, सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं में अब ‘फैशन जूलरी’ खरीदने की चाहत बढ़ रही है। ‘फैशन जूलरी’ सोने-चांदी जैसे कीमती मेटल की जगह क्रिस्टल, कॉपर, एल्यूमीनियम जैसे मेटल्स से बनती है।

ऑनलाइन फैशन जूलरी खरीदने के लिए महिलाएं फ्लिपकार्ट, अमेजन, मिंत्रा, जयपुर, स्वारोवस्की, वोयला, पीपा बेला, फोरसेवेन पर ज्यादा भरोसा करती हैं।

बदल रहा शॉपिंग मूड, बढ़ रहा आत्मविश्वास

डिजिटल सर्विसेज का इस्तेमाल करने से न सिर्फ महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि उनके शॉपिंग मूड से लेकर जिंदगी तक में बदलाव आ रहा है। महिला के इसी मूड को समझने के लिए वुमन भास्कर ने एक ऑनलाइन सर्वे किया। जिसमें जयपुर, जमशेदपुर से लेकर भोपाल, इंदौर जैसे शहरों में रहने वाली 16 से 47 साल की फीमेल इंटरनेट कंज्यूमर्स ने हिस्सा लिया। सर्वे में हमने उनकी शॉपिंग से जुड़ी पसंद, नापसंद और तौर-तरीकों के बारे में जानने की कोशिश की।

सर्वे में हिस्सा लेने वाली 94 फीसदी महिलाओं ने बताया कि वे ऑनलाइन शॉपिंग करती हैं...

ऑनलाइन शॉपिंग के लिए महिलाओं की पसंद फ्लिपकार्ट, अमेजन, मिंत्रा , मीशो, अजियो, ब्लिंकिट जैसी वेबसाइट्स और ऐप्स हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे ऑनलाइन के साथ ही दुकान और मॉल से भी शॉपिंग करना पसंद करती हैं। कुछ ने बताया कि वे मॉल में किसी प्रोडक्ट का प्राइस चेक करने के बाद उसे ऑनलाइन कम दाम में मंगवाती हैं।

लेकिन बात जब एसी, फ्रिज जैसे सामान की आती है, तो इन्हें ऑनलाइन खरीदने पर महिलाओं का भरोसा कम होता दिखता है:

डिजाइनर इनरवियर की ऑनलाइन बिक्री में आया बूम

रेडसियर की रिपोर्ट बताती है कि लॉकडाउन के दौरान जब स्टूडेंट्स और महिलाएं घर पर थीं, तब इनरवियर के सेक्टर में अचानक बूम आया और इनरवियर की ऑनलाइन बिक्री तेजी से बढ़ी। इसमें ब्रा, पैंटी, स्विमवियर, शेपवियर जैसे कपड़े शामिल हैं। महिलाओं की बढ़ती ऑनलाइन शॉपिंग को देखते हुए अमेजन, फ्लिपकार्ट और अजियो जैसे मार्केटप्लेस के साथ ही अधिकतर फैशन ब्रैंड का फोकस भी ऑनलाइन इनरवियर मार्केट पर है।

5 साल में 6 गुना बढ़ा ऑनलाइन कॉस्मेटिक्स मार्केट

ई-कॉमर्स ने ब्यूटी, ग्रूमिंग और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को गांवों, कस्बों तक पहुंचा दिया है। मेट्रो सिटीज से दूर रहने वाली फीमेल यूजर्स के बीच इन प्रोडक्ट्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है। जिसके चलते महज 5 साल में ऑनलाइन कॉस्मेटिक्स मार्केट 10 फीसदी तक बढ़ गया है। ऑनलाइन कॉस्मेटिक्स मार्केट की तरफ सबसे पहले अमेजन ने ध्यान देना शुरू किया। फिर नायका, पर्पल और शुगर जैसी कंपनियों का फोकस भी ऑनलाइन मार्केट पर बढ़ा।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल इकोनॉमी है इंडिया

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) और गूगल की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के छोटे शहरों में ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। 50 फीसदी खरीदार छोटे शहरों में रहते हैं। अगले 7 साल में यह संख्या 60 फीसदी तक पहुंच जाएगी। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।

नॉन-मेट्रो सिटीज की 45+ उम्र वाली महिलाएं खत्म करेंगी इंटरनेट पर युवा पुरुषों का दबदबा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे गांवों और कस्बों में रहने वाली 45 साल से अधिक उम्र की महिलाएं भारत में न सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी, बल्कि जैसे-जैसे वे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में ज्यादा मैच्योर होंगी, वैसे-वैसे प्रीमियम सर्विसेज में भी तेजी से बढ़ोतरी होगी।

इस तरह, ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूजर्स की प्रोफाइल बदलने पर कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों, ऑफर से लेकर डिलीवरी ऑप्शंस और रिटर्न पॉलिसीज तक में बदलाव लाना पड़ेगा। यानी ये फीमेल यूजर्स की संख्या ऑनलाइन शॉपिंग में बड़े शहरों और युवाओं का दबदबा खत्म करेगी।

यही वजह है कि देश में ई-कॉमर्स कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है:

सोशल मीडिया, सहेलियों और रिव्यू से सीखी ऑनलाइन खरीददारी

जमशेदपुर की कविता जैसा अनुभव राजस्थान के भीलवाड़ा की पूनम अग्रवाल का भी है। 38 साल की पूनम को सोशल मीडिया से एक ऐप के बारे में पता चला, जिससे काफी कम रेट पर घर की जरूरत के सामान से लेकर कपड़े तक खरीदे जा सकते हैं। पूनम बताती हैं कि शुरू में ऑनलाइन ऑर्डर करने में एक-दो बार कुछ दिक्कत हुई, जैसा कपड़ा दिखाया गया था, वैसा नहीं आया, लेकिन, उसके बाद मैं सतर्क हो गई।

अब कुछ भी मंगाने से पहले वह अच्छी तरह से रिव्यू चेक कर लेती हैं, जो उनसे पहले के ग्राहक वहां दे चुके होते हैं। आज वह ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कई ऐप यूज करती हैं, जहां अच्छा ऑफर मिलता है, वहीं से झट ऑर्डर कर देती हैं।

स्मार्ट तरीके से ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए इन बातों का रखें ख्याल:

इनपुट्स: दीक्षा प्रियादर्शी

​​​​​​ग्रैफिक्स: सत्यम परिडा

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