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महिला खिलाड़ियों ने दिखाई ताकत:पैरालिंपिक में बनाया रिकॉर्ड, ओलंपिक में भी जीता 50 फीसदी मेडल

नई दिल्ली5 दिन पहलेलेखक: वरुण शैलेश
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खेलों में महिलाओं का जमने लगा � - Dainik Bhaskar
खेलों में महिलाओं का जमने लगा �
  • पैरालिंपिक में महिला खिलाड़ियों ने तीन मेडल जीते
  • ओलंपिक 2020 में तीन मेडल महिलाओं के नाम रहे

भारत ने टोक्यो पैरालिंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 मेडल अपनी झोली में डाले। इनमें 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इनमें 3 मेडल महिलाओं के नाम रहे। यह किसी भी पैरालिंपिक में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। टीम के वापस लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके प्रदर्शन को सराहा। खिलाड़ियों और पीएम की इस मुलाकात का वीडियो रविवार को जारी किया गया।

बहरहाल, ओलंपिक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस बार महिलाओं ने मेडल जीतने में बराबर का योगदान दिया है। भारत ने ओलंपिक 2020 में कुल सात मेडल जीते जिनमें तीन महिलाओं के नाम हैं। पैरालिंपिक और ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर डालते हैं एक नजर...

पैरालिंपिक में पहली महिला खिलाड़ी ने गोल्ड जीता

पैरालिंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीतने वाली अवनी लेखरा ने 60 मीटर एयर राइफल के महिला प्रतिस्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीत इतिहास रच दिया। अवनि देश की पहली महिला प्लेयर हैं जिन्होंने भारत के लिए दो मेडल जीते हैं। उनसे पहले जोगिंदर सिंह सोढ़ी खेलों के एक ही चरण में कई मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पैरालंपियन थे। फिलहाल, तैराक मुरलीकांत पेटकर (1972), जेवेलिन थ्रोअर देवेंद्र झाझरिया (2004 और 2016) और हाई जम्पर मरियप्पन थंगावेलु (2016) के बाद अवनी पैरालिंपिक में स्वर्ण जीतने वाली चौथी भारतीय एथलीट बन गई हैं।

अवनी की तरह टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल ने भी पैरालिंपिक में भारत का नाम रोशन किया और सिल्वर मेडल जीता। भारत ने पैरालिंपिक में 19 जीते जिनमें लड़कियों ने तीन मेडल लपके हैं।

भाविनाबेन पटेल ने खोला था पैरालिंपिक में भारत का खाता

टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल ने पैरालिंपिक में भारत का खाता खोला और वह इस बार पैरालिंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। 29 अगस्त को महिला एकल टेबल टेनिस वर्ग 4 के फाइनल में चीनी पैडलर यिंग झोउ से 7-11, 5-11, 6-11 से हारने के बाद सिल्वर मेडल जीता। गुजरात के मेहसाणा जिले के सुंधिया गांव की रहने वालीं 34 वर्षीय भाविना को पोलियो का पता तब चला जब वह सिर्फ 12 महीने की थीं। उन्हें उनके पति निकुल पटेल ने ट्रेनिंग दी है जिन्होंने गुजरात के लिए जूनियर क्रिकेट भी खेला है। अवनि और भविना से पहले दीपा मलिक पैरालिंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। उन्होंने 2016 ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में शॉटपुट में सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने 2018 में दुबई में आयोजित पैरा एथलेटिक ग्रां प्री में एफ-53/54 जेवलिन इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था। वह अभी एफ-53 श्रेणी में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी हैं।

14 से 50 फीसदी मेडल तक महिला खिलाड़ियों का सफर

पैरालिंपिक से कुछ दिन पहले ही भारत की महिला खिलाड़ियों ने टोक्यो ओलंपिक में देश को गर्व करने के कई मौके दिए। इनमें से कई महिला खिलाड़ी बारीक अंतर से मेडल हासिल करने से चूक गईं, लेकिन उन सबने दिखाया है कि हमारे समाज में लड़कियों को घर के कामों में हाथ बंटाने के लिए रोकना और लड़कों का खेल के मैदान में जाने वाला सिस्टम सही नहीं था। बता दें कि भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 35 मेडल जीते हैं। इनमें से सात मेडल महिलाओं ने लपके हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 से पहले भारत के खाते में कुल 28 ओलंपिक मेडल थे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी करीब 14 फीसदी यानी 4 मेडल की थी। इस बार ओलंपिक में भारत को सात मेडल मिले जिसमें से तीन मेडल महिला खिलाड़ियों ने दिलाए। यानी यह आंकड़ा करीब 50 फीसदी तक पहुंच गया।

इन महिलाओं ने ओलंपिक में ऊंचा किया देश का नाम

भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतने वाली महिला खिलड़ियों में कर्णम मल्लेश्वरी, मैरी कॉम, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, साक्षी मलिक, चानू सैखोम मीराबाई और लवलीना बोरगोहेन हैं। साक्षी एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं और उन्होंने रियो 2016 ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाया था। ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कर्णम मल्लेश्वरी थीं जिन्होंने 2000 सिडनी ओलंपिक में भारोत्तोलन में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज जीता था।

2012 के लंदन ओलंपिक में, पहली बार महिला मुक्केबाजी को एक खेल के रूप में शामिल किया गया। भारत का प्रतिनिधित्व पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरी कॉम ने किया था जो इस आयोजन के लिए क्वालीफाई करने वाली एकमात्र भारतीय थीं। हालांकि, वह सेमीफाइनल में ब्रिटेन की निकोला एडम्स से हार गईं। वह ओलंपिक में तीसरे स्थान पर रहीं और ब्रॉन्ज मेडल जीता। साक्षी मलिक कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने रियो में आयोजित 2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में महिलाओं की 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में ब्रॉन्ज जीता।

ओलंपिक में बैडमिंटन में साइना नेहवाल ने दिलाया सम्मान

साइना नेहवाल ओलंपिक में बैडमिंटन में मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 4 अगस्त 2012 को लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। गीता फोगट लंदन ओलंपिक 2012 में महिलाओं की 55 किग्रा कुश्ती के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। महिला कुश्ती की घोषणा 2004 में की गई थी।

पी.वी. सिंधु रियो ओलंपिक 2016 में बैडमिंटन फाइनल में पहुंचकर ओलंपिक में सिलवर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। हालांकि वह 19 अगस्त 2016 को फाइनल मुकाबले में स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गईं। लेकिन सबसे कम उम्र में ओलंपिक में मेडल जीतने वाली महिला खिलाड़ी बन गईं।

पी.वी. सिंधु, सैखोम मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 के पहले ही दिन सिलवर मेडल जीता। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में 49 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान हासिल करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तीसरी वर्ल्ड रैंकिंग वाली मीराबाई ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा के साथ कुल 202 किग्रा भार उठाया। इसी तरह पीवी सिंधु ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी गई हैं। रियो में 2016 में सिलवर मेडल जीतने वाली सिंधु ने 2020 चीन की ही बिंगियाओ को दो सीधे सेटों में 21-13, 21-15 से हराकर ब्रॉन्ज पर कब्जा कर लिया। इसके अलावा, लवलीना बोर्गोहेन ने महिलाओं के वेल्टरवेट 64-69 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में अपना पहला ओलंपिक मेडल जीता, जहां उन्होंने ताइवान की चेन निएन-चिन को हराकर ब्रॉन्ज मेडल सुरक्षित कर लिया। हालांकि, सेमीफाइनल में वह वर्ल्ड नंबर 1 तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से हार गईं और उन्हें ब्रॉन्ज से ही संतोष करना पड़ा।