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मां ने 20 साल बाद बेटे को खोज निकाला:एक ही ऑफिस में किया काम, FACEBOOK के एक मैसेज ने दोनों को मिलाया

नई दिल्ली8 महीने पहले
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अमेरिका के एक मां-बेटे की कहानी वायरल हो रही है। मां ने अपने बेटे को 20 साल बाद ढूंढ निकाला है। वो भी सोशल मीडिया की मदद से। मां-बेटे के इस इमोशनल कहानी को बेटे ने ही अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

यूटाह राज्य में रहने वाले बेंजामिन हुलेबर्ग ने अपने पोस्ट में बताया है कि कैसे वह एक फेसबुक मैसेज के जरिए दो दशक बाद अपनी असली मां से मिले। जब वो मिले तो पता चला कि साल्ट लेक सिटी में एचसीए हेल्थकेयर के सेंट मार्क अस्पताल में दोनों ने दो साल साथ काम किया है।

15 साल की उम्र में बेटे को दिया था जन्म

होली शियर्र 15 साल की थीं, जब उन्होंने बेंजामिन को जन्म दिया। जब उनके प्रेग्रेंसी का छठा महीना चल रहा था, तभी उन्होंने एडॉप्शन के लिए देखना शुरू कर दिया था। शियर्र को लगता था कि वो अपने बच्चे को एक अच्छी लाइफ नहीं दे सकती हैं। एंजेला और ब्रायन हुलबर्ग ने साल 2001 में बेंजामिन को जन्म के दिन ही गोद ले लिया था। एंजेला और ब्रायन दोनों ने बेंजामिन को शुरू से ही एडॉप्शन के बारे में बताकर रखा था। फिलहाल बेंजामिन एक मिडिल स्कूल टीचर हैं।

बेटे को मां ऑनलाइन ढूंढ रही थी

बेंजामिन की मां शियर्र इस बात को कभी नहीं भूलीं कि उन्होंने 20 साल पहले अपने बच्चे को एडॉप्शन के लिए दे दिया था। इन 20 सालों में वो एडॉप्शन एजेंसी की जरिए बेटे के बारे में पता करती रहती थीं। फिर, साल 2014 में वो एजेंसी बंद हो गई। उसके बाद शियर्र ने ऑनलाइन बेटे को खोजना शुरू किया। वो कहती हैं- 'वह हमेशा मेरे दिमाग में था। छुट्टियों और उसके जन्मदिन का दिन भावनाओं का रोलर कोस्टर होता था। मैंने हर समय उसके बारे में सोचा। आखिरकार मुझे उसका सोशल मीडिया हैंडल मिल गया। उस वक्त वह 18 साल का था और मैं उससे बात करने में बहुत झिझक रही थी। उसके जीवन में बहुत कुछ चल रहा था। मैं उसके जीवन में दखल नहीं देना चाहती थी इसलिए उसे बस दूर से देख रही थी।'

मां को ढूंढने के लिए DNA टेस्ट

वहीं, बेंजामिन भी अपनी असली मां को तलाश कर रहा था। उसने कई बार अपने माता-पिता से भी इस बारे में बात की थी। उसने अपनी मां को ढूंढने के लिए DNA टेस्ट तक कराया। फिर, 2021 के नवंबर में फेसबुक पर आए एक मैसेज ने उसकी सारी समस्याओं को दूर कर दिया। बेंजामिन कहते हैं- 'मुझे आज भी अच्छे से याद है कि जब वो मैसेज मुझे मिला तो मैं कहां थ। मैं काम पर था। उस वक्त मैं एक मशीन ऑपरेटर था और मैं मशीन नंबर 15 पर काम कर रहा था। तभी मैंने उनका मैसेज देखा और मैंने बस जवाब दिया। उस एक मैसेज ने मेरे अंदर के सारे इमोशन को बाहर निकाल दिया। मैं फूट-फूटकर रोया।'