रिलेशनशिप एंड वुमन:क्या आप भी अपने एक्स के बारे में बात करने से डरती हैं ? तो जानिए पास्ट रिलेशनशिप से कैसे बाहर निकलें

17 दिन पहले
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जब दो लोग एक रिश्ते में होते हैं तो एक दूसरे की अच्छी और बुरी सभी आदतों को अपनाते हैं और खुशी-खुशी खुद को दूसरे के अनुसार बदलने लगते हैं, लेकिन जब रिश्ता खत्म होता है तो हम उन बदलाव और कॉम्प्रोमाइज के लिए खुद पर गुस्सा करने लगते हैं या फिर अपने एक्स पार्टनर के बारे में बात करने से बचने लगते हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों को रिलेशनशिप खत्म होने के बाद भी वर्षों उससे बाहर निकलने में लग जाते हैं। आइये जानते हैं इसके पीछे क्या वजह है। आखिर किस तरह महिलाएं अपने एक्स पार्टनर से जुड़ी बुरी यादों को अलविदा कह सकती हैं।

एक्स पार्टनर की बात करने से क्यों बचती हैं लड़कियां
साइकोलॉजिस्ट डॉ योगिता कादियान बताती हैं कि हमारा दिमाग जब शरीर में डोपामाइन नाम का केमिकल रिलीज करता है तब हम खुश फील करते हैं। जब कोई रिलेशनशिप में आता है तो ये डोपामाइन अच्छी संख्या में उनके शरीर में रिलीज होता है जिसके कारण वे खुश रहने लगते हैं। उन्हें सामने वाले व्यक्ति की हर बात अच्छी लगने लगती है और उनके साथ बिताए सभी पल अच्छे लगने लगते हैं। जब रिलेशनशिप खत्म हो जाता है तब ये केमिकल रिलीज नहीं होता और रिश्ता भी वैसा नहीं रहता लेकिन हम उस हकीकत को फेस करने से डरते हैं। उन अच्छे पलों को बुरी तरह से याद नहीं करना चाहते, इसलिए एक्स पार्टनर के बारे में बात नहीं करते।

अपने पास्ट से क्यों डरते हैं ?
1 - गलतियां मानने से कतराते हैं : कोई भी रिश्ता टूटता है तो उसके पीछे सिर्फ एक ही कारण नहीं होता और न ही पूरी गलती एक ही व्यक्ति की होती है। हम गलतियों पर गौर करने से डरते हैं, खुद में बदलाव न लाने की जिद में व्यक्ति पास्ट की गलतियों को नहीं मानते और इसलिए उस बारे में बात करने से भी कतराते हैं।
2 - रिजेक्शन से घबराते हैं : कई केस में लोग इसलिए भी अपने पास्ट के बारे में बात करना पसंद नहीं करते क्योंकि उनके मल्टीपल फेल रिलेशनशिप रहे होते हैं। उन्हें लगता है कि अगर वह अपने पास्ट के बारे में किसी को भी बताएंगे तो उन्हें उसी के अनुसार जज किया जाएगा और आगे भी रिजेक्शन ही मिलेगा। कई केस में रिजेक्शन का डर इतना ज्यादा होता है कि लोग अपने पार्टनर के कुछ कहने से पहले ही उसे रिजेक्ट कर जाते हैं ताकि पार्टनर से रिजेक्शन न झेलना पड़े।
3- डार्क मेमोरी से डरते हैं : भले ही हमने एक्स पार्टनर को खुद रिजेक्ट किया हो या उनसे रिजेक्ट हुए हो। पास्ट रिलेशनशिप की डार्क मेमोरी से बचने के लिए भी हम मूव-ऑन करने का यह तरीका निकालते हैं कि पास्ट के बारे में कभी बात ही नहीं करेंगे, चाहे वो हमें अंदर ही अंदर परेशान करता रहे। इन मामलों में व्यक्ति को डार्क मेमोरी के डर को खत्म करने के लिए किसी से ओपन होना जरूरी होता है।
4 - पेन नहीं चाहते : हमारा अनकॉन्शियस माइंड हमेशा यही चाहता है कि उसे दर्द न मिले। दिमाग के लिए फिजिकल और इमोशनल पेन बराबर होते हैं और किसी भी केस में दिमाग बॉडी को पेन नहीं देना चाहता इसलिए भी पास्ट की बातों को टालता है।
5- लो सेल्फ एस्टीम : पास्ट के बुरे एक्सपीरिएंस से महिलाओं का सेल्फ एस्टीम लो हो जाता है। वे जब भी उसके बारे में सोचते हैं तो खुद को रिलेशनशिप फेलियर के लिए ब्लेम करने लगते हैं और उनका सेल्फ एस्टीम लो हो जाता है।

एक्स फैक्टर से बचने के लिए ये करें
अगर आप अपने एक्स रिलेशनशिप और एक्स पार्टनर को हेल्दी तरह से अलविदा करना चाहती हैं तो डॉक्टर के बताए ये तरीका अपना सकती हैं।

हेल्दी बाउंडरीज बनाएं - अगर आपका फ्रेंड सर्किल एक ही है तो अपने एक्स को देखकर डरे नहीं, नजरें न चुराएं बल्कि मैच्योर तरीके से बात करें लेकिन ब्रेकअप के बाद दोस्ती को ज्यादा न बढ़ाएं।
ब्रेकअप की गलतियों से सीखें - आपके पास्ट रिलेशनशिप को सबक की तरह लें, उसमें आपकी जो गलतियां रही उन्हें स्वीकार करें, ताकि आप उन्हें आगे न दोहराएं।
अपने गोल की प्रायोरिटी तय करें - रिलेशनशिप को अपनी लाइफ में कितनी अहमियत देनी है ये तय करें, साथ ही अपने गोल की भी प्रायोरिटी तय करें। ये भी समझें कि रिलेशनशिप के लिए आप कितना कॉम्प्रोमाइज कर सकती हैं।
तुरंत दूसरे रिलेशनशिप में जंप न करें - ब्रेकअप के तुरंत बाद दूसरे रिलेशनशिप में जंप नहीं करना चाहिए। दूसरे रिलेशनशिप में जाने से पहले कम से कम 6 महीनों का गैप लें और इस बीच खुद को पहचानें और तलाशें आप क्या हैं और क्या चाहती हैं।

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