• Hindi News
  • Women
  • Rishtey
  • Playing Board Games Like Cards, Puzzles, Monopoly Will Increase The Love Of Mr.Mrs. One Round Each On The Weekend

मियां-बीवी खेलें शतरंज तो तू-तू मैं-मैं होगी बंद:कार्ड्स, पज़ल, मोनोपोली जैसे बोर्ड गेम खेलने से बढ़ेगी श्रीमान-श्रीमती की मोहब्बत, वीकेंड पर एक-एक राउंड हाे जाए

9 दिन पहलेलेखक: निशा सिन्हा
  • कॉपी लिंक
  • वीकेंड पर साथ बैठ कर बोर्ड गेम खेलें
  • हार-जीत को दिल पर मत लें, दोनाें एंजॉय करें

पज़ल सुलझाएंगी जिंदगी के उलझन
बोर्ड गेम खेलते समय कपल आपस में बातें करते हैं। खेलने के तरीकों पर चर्चा करते हैं। इससे कम्यूनिकेशन बढ़ता है। इससे दोनों की बॉडी में अधिक मात्रा में ‘हगिंग’ हारमोन रिलीज होता है जो उनकी बॉन्डिंग को मजबूती देता है। ऐसा मानना है अमेरिका के बेयलर्स रॉबिन्स कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन साइंसेस की असिस्टेंट प्रोफेसर कैरेन मेल्टन का।

हार-जीत के लिए नहीं,प्यार बढ़ाने के लिए खेलें
हार-जीत के लिए नहीं,प्यार बढ़ाने के लिए खेलें

पेंटिंग भी प्यार भी
चाइल्ड एंड फैमिली स्टडीज में हुए शोध के मुताबिक एक साथ पेंटिंग क्लास जाने वाले कपल के रिश्तों में भी मजबूती आती है। सादे कैनवास को खूबसूरत रंगों से रंगने वाले हसबैंड-वाइफ में भी ज्यादा हगिंग हारमोन यानी ऑक्सीटोसिन अधिक रिलीज होता है।यह भी पाया गया कि पेंटिंग के दौरान एक-दूसरे को छूने के मौके मिले। ऐसे अहसासों का शरीर पर अच्छा असर हुआ। 2019 में हुए इस शोध में 25 से 40 साल की आयु के पति-पत्नी को चेकर, शतरंज, कार्डस, पज़ल, मोनोपोली जैसे बोर्ड खेलने को दिए गए थे।

एक-दूसरे को समझने का बेहतरीन मौका देता है बोर्ड गेम
एक-दूसरे को समझने का बेहतरीन मौका देता है बोर्ड गेम

खेल खेल में मोहब्बत
दार्शनिक प्लेटो के अनुसार एक साल तक बातें करने की तुलना में एक घंटा खेलकर किसी व्यक्ति को ज्यादा जाना जा सकता है। बातचीत के दौरान व्यक्ति अपने मन के भावों को कंट्रोल में रख सकता है पर खेल में ऐसा नहीं है। हारने और जीतने पर आपके सही भाव सामने आते हैं। यूएसए की उटाह स्टेट युनिवर्सिटी की स्टडी में यह जिक्र किया गया है कि पति-पत्त्नी साथ में खेले, तो बॉन्डिंग मजबूत होगी। उनके विवाद सुलझेंगे और साथ ही रिलेशनिशप में संतुष्टि का भाव रहेगा।

दूरियां नजदीकियों में बदलेगी
दूरियां नजदीकियों में बदलेगी

ऑनलाइन गेमिंग से रिश्तों को हो रहा नुकसान
यूके की वेबसाइट डिवोर्स ऑनलाइन ने सर्वे में पाया गया कि ऑनलाइन गेम के एडीक्शन के कारण कपल्स के रिश्ते टूटें। यह स्वीकारा गया कि डिजिटल एज ने शादियों की उम्र को चुनौती दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी यह माना कि गेमिंग को रूटीन की चीजों से अधिक वैल्यू देने का निगेटिव असर हो रहे हैं। इस एडीक्शन का दूसरे चीजों के साथ-साथ परिवार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।यह ठीक मेंटल हेल्थ या एडिक्शन से जुड़ी दूसरी प्रॉब्लम्स की तरह है। पूरी रात गेम खेलना, परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों से दूर भगाना, ऑनलाइन गेम नहीं खेलते समय बेचैनी या तनाव महसूस करना, ये सब गेमिंग एडिक्शन के लक्षण हैं।

करें बस दिल की बातें
करें बस दिल की बातें

एक्सपर्ट से हेल्प लें
पारस हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रीती सिंह का मानना है कि बोर्ड गेम खेलने से कपल के बीच का स्ट्रेस कम होता है। खेलने के दौरान वे पर्सनल फीलिंग को शेअर करते हैं। हसबैंड-वाइफ को एक बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि खेलते समय कपल हेल्दी कॉम्पीटिशन करें। गेम में मिली हार को पॉजिटिव तरीके से लें। इससे पर्सनल लाइफ पर भी अच्छा असर होता है। घर के झगड़ों में एक-दूसरे को बर्दाश्त करने की क्षमता बढ़ाती है। आप पलट कर जवाब नहीं देते। गेम्स खेलते-खेलते कपल जिंदगी के कई उलझनों को आसानी से सुलझा सकते हैं।

खबरें और भी हैं...