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डे-ड्रीमिंग:इससे क्रिएटिविटी बढ़ने के साथ रिश्ता भी बनेगा मजबूत, जानिए दिन में सपने देखने के फायदे

13 दिन पहले
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अक्सर लोग दिन में सपने देखने वालों की सोच का मजाक उड़ाते नजर आते हैं, लेकिन अगर आप वाकई डे-ड्रीमिंग करते हैं तो इसका फायदा आपकी सेहत के साथ-साथ रिश्ते को भी मिलेगा। कई शोध में ये बात साबित हो चुकी है कि डे ड्रीमिंग से क्रिएटिविटी के साथ पॉजिटिव एटिट्यूड भी बढ़ता है। वहीं, यूके की शेफील्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी बताती है कि जब लोग अपने पार्टनर के बारे में डे ड्रीमिंग करते हैं, तो उस रिलेशनशिप में ज्यादा प्यार और हैप्पीनेस फील करते हैं। ऐसे में अगर आप दिन में बोर हो रही हैं तो खाली समय में अपने पार्टनर और रिश्ते के बारे में ख्याली पुलाव पका सकती हैं।

क्या है डे ड्रीमिंग
डे ड्रीमिंग का मतलब कोरी कल्पनाएं या ख्याली पुलाव बनाना नहीं होता, बल्कि किसी मीनिंगफुल सब्जेक्ट पर विचार किया जाए तो इससे क्रिएटिविटी में इजाफा हो सकता है। अपनी खुशी के लिए सोचने की क्षमता से हमेशा पॉजिटिव रह सकते हैं। ये एक एक्साइटमेंट की तरह होता है, जिसमें सारा काम आपका दिमाग करता है, इसमें किसी वर्चुअल रियलिटी चश्मे या किसी कम्प्यूटर एप्लिकेशन की जरुरत नहीं होती।

डे ड्रीमिंग के फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार इंसान अपने जागने के समय का 47% डे ड्रीमिंग में बिताता है। आसपास की चीजों से ध्यान हटाकर दिमाग को एक वैक्यूम में भटकने देता है। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की रिसर्च बताती है कि डे ड्रीमिंग के दौरान इंसान के दिमाग के अंदरुनी हिस्से का डीफॉल्ट नेटवर्क ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जो चीजों के बारे में तेजी से सोचने और प्रॉब्लम्स के जल्द हल करने में ज्यादा सक्षम होता है। वहीं, जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस की रिसर्च की मानें तो दिन में सपने देखने वाले लोगों की मेमोरी बेहतर होती है और कॉन्सन्ट्रेशन अधिक रहता है। मल्टीटास्किंग में आसानी होती है।

शादी के बाद पार्टनर के बारे में डे ड्रीमिंग के फायदे

  • टेंशन या प्रॉब्लम्स के बारे में सोचने में कम समय बितेगा।
  • अधूरे लक्ष्यों के बारे में कम सोचोगे।
  • समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी।
  • मेंटल हेल्थ के लिए मददगार।
  • जब डे ड्रीमिंग में प्यार और आनंद की कल्पना करते हैं, तो पार्टनर को ज्यादा अट्रैक्टिव लगेंगे।
  • रिलेशनशिप मजबूत बनेगा।
  • सुकून के साथ स्ट्रेस फ्री रहेंगे।

माइंड वॉन्डरिंग और डे ड्रीमिंग के बीच फर्क
माइंड वॉन्डरिंग यानी मन भटकना रियलिटी से बचने का एक तरीका है, जिसे हम बदल नहीं सकते। जबकि डे ड्रीमिंग क्रिएटिव इमेजिनेशन का इस्तेमाल कर अपने साथी या अन्य चीजों के बारे में कल्पना करना है, ये रिश्ते में सपने के सच होने के जैसा होता है। इससे आप अपने मूड को मिनटों में बदल सकते हैं।

ये तरीके पार्टनर के बारे में डे ड्रीमिंग शुरू करने में करेंगे मदद

  • रोमांटिक फिल्में देखते हुए डे ड्रीमिंग
  • रियल लाइफ की लव स्टोरीज को पढ़ते हुए
  • रोमांटिक उपन्यास पढ़ते हुए या रोमांटिक संगीत सुनते हुए
  • किसी स्पेशल ओकेजन से पहले

काल्पनिक दुनिया में जीने के नुकसान
जयपुर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में मेंटल हेल्थ एंड बिहेवियरल साइंस कंसलटेंट डॉ. तुषार कांत बताते हैं कि डे ड्रीमिंग, माइंड वॉन्डरिंग और कल्पना करने के बीच अंतर करना जरुरी है। डे ड्रीमिंग सामान्य सी बात है, लेकिन इसकी लत लगने पर ये आपकी बॉडी और दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसे मालाडेप्टिव डे ड्रीमिंग कहते हैं। ये डे ड्रीमिंग डिसऑर्डर वो स्थिति है जब आप नॉर्मल से अधिक डे ड्रीमिंग करने लगते हैं। काल्पनिक दुनिया में इतना खो जाते हैं कि काम, परिवार, नींद और रूटीन पर नेगेटिव असर पड़ता है। जो लोग नोगेटिव चीजें सोचते हैं उन्हें इससे परहेज करना चाहिए। इस डिसऑर्डर का इलाज थेरेपी, टॉक थेरेपी आदि के जरिये किया जाता है। इसके लिए कॉउंसलिंग की भी जरूरत होती है।

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