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पति को फ्लर्टी बनने से बचाएं:जब वाइफ को पता चले कि पति दफ्तर में 'फ्लर्टी' के नाम से मशहूर है, तब क्या करें?

एक महीने पहलेलेखक: मीना
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अगर पत्नी को यह पता चले कि पति की दफ्तर में इमेज दफ्तर में फ्लर्ट या इश्कबाज की है तो ऐसे में उसका आग बबूला होना लाजिमी है। कई पुरुषों की आदत फ्लर्ट करने की होती है, जिससे पत्नियां परेशान रहती हैं। दिल्ली में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. प्रज्ञा मलिक का कहना है कि फ्लर्ट परिभाषा सभी के लिए अलग-अलग है। अपोजिट सेक्स के प्रति ही अपना आकर्षण खुलकर जाहिर करना ही फ्लर्ट कहलाता है। कुछ लोगों के लिए बात करना, चैट करना, जरूर से ज्यादा निकटता बढ़ाना और पैसे तक का लेन-देन भी फ्लर्ट होता है। मजाक में की गईं छोटी-छोटी हरकतें जब जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती हैं तो फ्लर्टिंग अपनी चरम सीमा पर होती है और पति-पत्नी के रिश्ते पर असर डालती है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मैरिज काउंसलर और जनरल फीजिशियन डॉ. के आर धर का कहना है कि फ्लर्ट किसी के लिए हेल्दी चैटिंग हो सकती है तो किसी के लिए भद्दा मजाक। यह दो लोगों की आपसी अंडरस्टैंडिंग पर निर्भर करता है। डॉ. धर बताते हैं कि आमतौर पर कोई पार्टनर फ्लर्ट तब करता है जब घर में उसकी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। ये जरूरतें शारीरिक और मानसिक दोनों हो सकती हैं। पति-पत्नी के रिश्ते में उनकी निकटता बहुत मायने रखती है। अगर आपसी रिश्ते में सेक्सुअल सैटिस्फैक्शन नहीं है तो फ्लर्ट अश्लील जोक्स के रूप में बाहर निकलता है। पति-पत्नी की इमोशनल निकटता में कमी का होना किसी एक को फ्लर्ट बना देता है। इसी मुद्दे पर डॉ. प्रज्ञा मलिक का कहती हैं कि रिश्ते में असुरक्षा की भावना, डगमगाती रिलेशनशिप, आपसी तालमेल और इमोशनल सपोर्ट की कमी से ही रिश्ते में भटकाव आता है।

फ्लर्ट खुशहाल रिश्ते को भी खत्म कर सकता है।
फ्लर्ट खुशहाल रिश्ते को भी खत्म कर सकता है।

फ्लर्टी पति को सुधारने के लिए डॉ. मलिक कुछ सुझाव है कि पत्नी स्वीकार ले कि उसकी पति की कुछ कमजोरियां हैं और सतर्कता बरते। इसके बाद वह हस्बैंड को समझाए कि मजाक की भी एक सीमा होती है और पति की हरकतों का असर पत्नी की इमेज पर भी पड़ता है। पति-पत्नी का आपसी कम्युनिकेशन ही इस कमजोरी का हल ढूंढ़ने में मदद कर सकता है। अगर चुप्पी बनी रहेगी तो शक का दायरा बढ़ेगा, नाराजगियां बढ़ेंगी और रिश्ता खराब हो जाएगा। इसलिए 'साइलेंस' सलुशन नहीं है।
डॉ. प्रज्ञा इस बात पर जोर देती हैं कि पति के सामने शांत होकर बात करें और उसकी उन सभी परेशानियों पर गौर करें, जो उसे ऐसा बनने पर मजबूर करती हैं। इससे वे एक-दूसरे को इमोशनली स्ट्रांग बनाएंगे और उनका रिश्ता भी बेहतर बनेगा।
पति को फ्लर्टी बनने से ऐसे बचाएं

डॉ. प्रज्ञा मलिक और डॉ. के आर धर के बताए कुछ उपाय जो पति को फ्लर्ट बनने से रोकेंगे।

बाउंड्रीज तय कराना

अगर वाइफ जानती है कि हस्बैंड फ्लर्टी है तो दोनों आपस में बात करें और अपनी आदतों में बदलाव लाएं। जिससे रिश्ते में खटास आए।

काउंसलर की मदद लें

शादी के शुरुआती साल बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इन परेशानियों से बचें और काउंसलर की मदद लें।

खुद को समझें

ऐसे व्यक्ति को काउंसलर की मदद से अपनी गलत आदतों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। आखिर उनके स्वभाव में ऐसी कमी क्यों है। दूसरे पर दोष देने और झगड़ा करने से बेहतर है कि वो खुद को सुधारें व समझें। इसके लिए मी टाइम औरि सेल्फ ग्रोथ पर ध्यान दिया जा सकता है।

अपने झगड़े समाज का हिस्सा न बनाएं

पति-पत्नी के बीच जो झगड़े या उलझनें हैं उन्हें अपने बेड रूम तक सीमित रखें। ताकि उनके रिश्ते का तमाशा न बने। आपसी अंडरस्टैंडिंग पर जोर दें।

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