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विक्टिम, सर्वाइवर और सेवियर डॉ. कृति की कहानी:‘मुश्किलों से पैदा हुई, जहर भी दिया गया पर मरी नहीं, आज हूं बाल विवाह को रोकने और तुड़वाने वाली छोरी’

9 दिन पहलेलेखक: मीना

वो लड़की जिसके पैदा होने से पहले ‘सोहर’ नहीं साजिशें रची गईं। मारने की कोशिशें की गईं, पर बच गई। सतमासी पैदा हुई और मां के गर्भ से चिपक गई। डॉक्टरों ने कहा, मां-बेटी में से किसी एक को बचाया जा सकता है, लेकिन हम दोनों बच गए। घर आई ‘लक्ष्मी’ की किलकारियां देखने से पहले पिता हमें छोड़कर चले गए। 10 साल की हुई तो किसी ने धीमा जहर खिला दिया। धीमा था इसलिए मरी नहीं, शरीर लाचार हो गया। कोई मेरी शक्ल नहीं देखना चाहता था, आज मेरा चेहरा सम्मान पत्रों, टीवी शोज और हर बालिका वधु में देखते हैं। हम बात कर रहे हैं 2012 में देश का पहला बाल विवाह निरस्त/शून्यकरण करवाने वाली और सारथी ट्रस्ट की ‘शेरनी’ राजस्थान की डॉ. कृति भारती की।

डॉ. कृति भारती
डॉ. कृति भारती

पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, चाइल्ड राइट्स एडवोकेट ऐंड सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. कृति भारती भास्कर वुमन से बातचीत में कहती हैं, ‘बचपन में एक बच्चे को पिता का जो प्यार चाहिए था, वो मुझे नहीं मिला। बड़ी हुई तो बिन बाप की बेटी होने के ताने मिले। ऐसा लग रहा था मानो बेटी होने की सजा भुगत रही हूं। मेरी पैदाइश गुजरात के वड़ोदरा की है, लेकिन जन्म के कुछ दिन बाद ही मां जोधपुर ले आई। बचपन भीलवाड़ा और जोधपुर में ही बीता। मां नौकरी करके मेरा जीवन संवारने की सोच ही रही थीं कि 10 साल की उम्र में एक पार्टी में मुझे धीमा जहर खिला दिया। ये काम किसी अपने का था। धीमे जहर की वजह से मेरे अंग लाचार हो गए। बिस्तर पर जिंदा लाश बन गई। तमाम डॉक्टरों को दिखाया, कोई फायदा नहीं मिला।

रेकी चिकित्सा से मिला नया जीवन
मां को किसी ने भीलवाड़ा में रेकी चिकित्सा के बारे में बताया। गुरु ब्रहमानंद परमहंस की लगातार नौ महीने तक रेकी चिकित्सा से मेरे अंगों में धीरे-धीरे जान लौटने लगी। वहीं करीब साढ़े ग्यारह साल की उम्र में घुटनों के बल चलना सीखा। आपको अपना पहला कदम भी याद नहीं होगा, लेकिन मुझे याद है। करीब 12 साल की उम्र में मैंने फिर से चलना और बैठना सीखा। ये मेरा पुनर्जन्म था। जो पिता मुझे बचपन में ही छोड़कर चले गए मैं उनके नाम का सहारा लेकर अपना पूरा जीवन नहीं निकाल सकती थी। इसलिए 12 साल की उम्र में ही अपना सरनेम चेंज करवा लिया। अब मैं केवल एक माता-पिता की बेटी नहीं रही भारत की बेटी डॉ. कृति ‘भारती’ बन गई। अब तक तो सन्यासियों की तरह जीवन काट रही थी। फिर मां ने उंगली पकड़ी और किताब पर रख दी।

खुशियों के पल
खुशियों के पल

अखबारों से सुधारी अंग्रेजी और अब ले चुकी हूं पोस्ट डॉक्टोरल की डिग्री
बीमार होने से पहले चौथी कक्षा में पढ़ रही थी। ठीक होने के बाद नई मुसीबत बाहें फैलाए इंतजार कर रही थीं। मां ने चौथी से सीधे ओपन बोर्ड में दसवीं में दाखिला करवा दिया। मैंने सिर्फ दसवीं पास नहीं की, बल्कि ये मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी मार्कशीट साबित हुई। इसके बाद लगातार हर क्लास में फर्स्ट आती रही। अपनी इंग्लिश दुरुस्त करने के लिए अंग्रेजी अखबारों का सहारा लिया। उन्हें पढ़ा, वर्ड्स का मीनिंग डिक्शनरी में देखा, पूरा आर्टिकल फिर से अपने शब्दों में लिखा। बीए में अंग्रेजी लिटरेचर में विशेष योग्यता अंक हासिल किए। जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में PhD की। साथ ही देश के कई उच्च स्तरीय संस्थानों से बाल मनोविज्ञान और कानून सहित कई डिग्री और प्रशिक्षण भी लिए। हाल ही में पोस्ट डाॅक्टोरल पूरी की है।

बाल विवाह पीड़िताओं का अड्डा बना ‘सारथी ट्रस्ट’
साइकोलॉजी की पढ़ाई के दौरान कई NGO में बालश्रम, HIV पीडितों, यौन शोषण, घर से बेघर बच्चों, निराश्रितों व स्पेशल चाइल्ड के साथ काम किया। इस सब काम के दौरान अहसास हुआ कि राजस्थान में बाल विवाह बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इन्हें खत्म करने पर कोई जोर नहीं देता। बाल विवाह रोकथाम के लिए तो संस्थाएं काम करती हैं, लेकिन पीड़ित बच्चों के साथ काम नहीं किया जाता। मैंने अपना बचपन संघर्षों में जलते देखा। इन बच्चियों का बचपन छिनने नहीं देना चाहती थी, इसलिए जोधपुर में ही 2012 में ‘सारथी ट्रस्ट’ का बीज बोया। मेरे नाना-नानी को समर्पित सारथी ट्रस्ट ने स्थापना के कुछ महीने में ही अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी का परचम फहरा दिया। अब सारथी ट्रस्ट के सहारे बिना किसी फीस के बाल विवाह का शून्यकरण और रुकवाने का काम हो रहा है। हम महिला एवं बाल कल्याण के लिए भी प्रोजेक्ट्स कर रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी सारथी ट्रस्ट पहला ऐसा ट्रस्ट है जो बाल विवाह निरस्तीकरण पर काम करता है। निरस्तीकरण तलाक नहीं होता बल्कि जो बाल विवाह हो चुका है उसे कानूनी रूप से निरस्त/शून्यकरण कराना है।

राजस्थान की छोरी
राजस्थान की छोरी

बाल विवाह पीड़िता ने आकर मदद मांगी तो निकला शून्यकरण का रास्ता
सारथी ट्रस्ट की नींव रखने के बाद मुझसे एक दिन एक बाल विवाह पीड़िता आकर मिली। जिसने खुद का गौना रुकवाने के लिए मदद मांगी। मैंने सोचा गौना रुकवाकर कुछ दिन की राहत मिलेगी, स्थाई समाधान नहीं। कुछ लोगों ने तलाक करवाने की सलाह दी, लेकिन मैं बच्ची पर तलाकशुदा का टैग नहीं लगा सकती थी। उसे बाल विवाह के साथ ही तलाकशुदा के टैग से मुक्ति दिलवाने की ठानी। एक्सपर्ट्स से बातचीत और विचारों की उमड़न-घुमड़न से देश में पहली बार बाल विवाह निरस्त की राह खोजी गई। 2012 में देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया, जिसके लिए मेरा नाम लिम्का बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स और वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स इंडिया में शामिल किया गया। साथ ही CBSE पाठ्यक्रम में मेरी मुहिम को शामिल किया गया। इसी के साथ मैं मुक्तिदाता छोरी और हौसलों की उड़नपरी बन गई।

43 जोड़ों के बाल विवाह करवाए निरस्त और सैंकड़ों रुकवाए
कई-कई बार भीड़ के बीच घेर ली गई। ‘स्पाइरल ऑफ साइलेंस थ्योरी’ क्या होती है, ये महसूस किया, लेकिन डटी रही। एकमत हुजूम के आगे अकेली नहीं पड़ी। अब तक राजस्थान में 43 जोड़ों के कई सालों पहले हुए बाल विवाह को निरस्त करवाने के अलावा 1500 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं। 25 हजार से अधिक ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बाल विवाह निरस्त व रोकथाम की शपथ दिलवाई है। सात हजार बच्चों को और साढ़े छह हजार महिलाओं का पुनर्वास किया है। 2016 में महज तीन दिन में दो जोड़ों के बाल विवाह निरस्त करवाने पर मेरा नाम वर्ल्ड रिकाॅर्ड इंडिया, इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स व यूनीक वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स में शामिल किया गया। मेरे लिए सुकून की बात है कि जहां राजस्थान बाल विवाह के लिए बदनाम रहा, वहीं यहां देश का पहला बाल विवाह भी निरस्त हुआ। पहले विक्टिम, सर्वाइवर और अब सेवियर की भूमिका में मेरी जिंदगी 360 डिग्री पर बदली है।

देश-विदेश में मिला सम्मान
देश-विदेश में मिला सम्मान

देश और विदेश में काम की सराहना
मेरे काम की वजह से देश ही नहीं विदेश में भी सम्मानित किया गया। USA की टेफ्ड मैग्जीन की ओर से वर्ल्ड टाॅप टेन एक्टिविस्ट की सूची में शामिल किया गया। 2015 में BBC हिंदी की 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में शामिल हुई। कलर्स टीवी के चर्चित शो बालिका वधु में भी मेरी मुहिम को सोशल मीडिया प्रमोशन में शामिल किया गया। इससे पहले नामचीन अभिनेत्री विद्या बालन अभिनीत शेरनी मूवी की लांचिंग में रियल लाइफ शेरनीज ऑफ इंडिया टाइटल से नवाजा गया। थाॅमसन राॅयटर फाउंडेशन लंदन की ओर से विशेष फैलोशिप सम्मान, कोलम्बो में सम्मान, गर्ल्स नाॅट ब्राइड्स की ओर से चेंज मेकर अलंकरण, एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा से सम्मान, जी टीवी के बेस्ट ड्रामेबाज रियलिटी शो में रियल हीरो अवार्ड, मारवाड रत्न व मेवाड रत्न सहित कई देशी व विदेशी अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। मेरा सबसे बड़ा अवार्ड शोषण से मुक्ति दिलाकर किसी बच्चे को स्नेह भरा आंचल देकर उनके चेहरे पर मुस्कारहट लाना होगा। बाल विवाह इतिहास की किसी किताब में ‘वन्स अपॉन अ टाइम देअर वॉज अ चाइल्ड मैरिज’ बनकर रह जाए, हकीकत में कहीं दिखाई न दे।

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