ये मैं हूं:शाहरुख के बेटे अब्राहम से लेकर करीना-सैफ के तैमूर को सिखाती हूं ताइक्वांडो, बेटियों को बनाती हूं स्ट्रॉन्ग

2 महीने पहलेलेखक: कमला बडोनी

ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाली देश की पहली महिला किरण उपाध्या ये मानती हैं कि समर वेकेशन में बेटी को खाना बनाना सिखाने से कहीं ज्यादा जरूरी है कि माता-पिता उसे सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दें। बेटी को स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट बनाकर ही हम सही मायने में उसे सशक्त बना सकते हैं। किरण उपाध्या ने न सिर्फ खुद को स्ट्रॉन्ग बनाया, बल्कि वो देश की कई बेटियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे रही हैं।

मां हमें स्ट्रॉन्ग बनाना चाहती थीं

जब मैं छोटी थी तो जानती भी नहीं थी कि ताइक्वांडो क्या है। फिर मैंने ब्रूस ली की फिल्म देखी और उससे मैं इतनी प्रभावित हुई कि मैंने ताइक्वांडो सीखने का मन बना लिया। उसी दौरान हमारे स्कूल में इसकी ट्रेनिंग शुरू हुई और मैंने 9-10 साल की उम्र में ताइक्वांडो सीखना शुरू कर दिया। मेरी मां ने बचपन से हमें स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट बनने के लिए प्रोत्साहित किया। शायद इसी कारण मैं आज इस फील्ड में हूं।

देश की पहली महिला ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट किरण उपाध्या का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
देश की पहली महिला ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट किरण उपाध्या का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

ऐसे बनी पहली ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट वुमन

मैंने ताइक्वांडो को प्रोफेशन बनाने के बारे में कभी सोचा नहीं था, लेकिन 12वीं में जब मुझे ब्लैक बेल्ट मिला, तो हमारी प्रिंसिपल ने मुझसे कहा कि तुम ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाली पहली भारतीय लड़की हो। तुम अब हमारे स्कूल की लड़कियों को सिखा सकती हो। इस तरह ताइक्वांडो टीचर के रूप में मेरे करियर की शुरुआत हुई।

अपनी बेटी को सेल्फ डिफेंस सिखाएं

हर लड़की, हर महिला को सेल्फ डिफेंस के लिए कोई भी मार्शल आर्ट जरूर सीखना चाहिए। साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स की तरह सेल्फ डिफेंस की कोई एक ट्रेनिंग जरूर लेनी चाहिए, ताकि हर महिला खुद की रक्षा करना सीख सके। मैं सभी पेरेंट्स से कहना चाहूंगी कि अपने बच्चों, खासकर बेटियों को सेल्फ डिफेंस भी ट्रेनिंग जरूर दें।

ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट किरण उपाध्या फिल्म अभिनेता चंकी पांडे के साथ
ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट किरण उपाध्या फिल्म अभिनेता चंकी पांडे के साथ

हर महिला को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेनी चाहिए
यदि कोई महिला को छेड़े या उसका बैग छीनने की कोशिश, तो उसे घबराने के बजाय अपने बैग में मौजूद चीजों को हथियार बनाना चाहिए। बैग में रखी कंघी, चाबी, फोन को हथियार बनाएं। सेल्फ डिफेंस के लिए अपने बैग में पेपर स्प्रे (मिर्च का स्प्रे, बाज़ार में उपलब्ध) रखें।

फिल्म स्टार के बच्चों को भी सिखाती हूं ताइक्वांडो

मेरा काम लोगों को इतना पसंद आया कि आम लोगों के साथ ही बॉलीवुड स्टार्स भी अपने बच्चों को स्ट्रॉन्ग बनाने और सेल्फ डिफेंस सीखने के लिए मेरे पास ट्रेनिंग के लिए भेजने लगे। शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, जावेद जाफरी जैसे कई फिल्म स्टार के बच्चों को सिखाया है। फिलहाल मैं करीना-सैफ के बेटे तैमूर से लेकर रानी मुखर्जी की बेटी, करण जौहर के बच्चों को भी ताइक्वांडो सिखा रही हूं।

किरण उपाध्या शाहरुख के बेटे अब्राहम को ताइक्वांडो सिखाती हैं।
किरण उपाध्या शाहरुख के बेटे अब्राहम को ताइक्वांडो सिखाती हैं।

मानसिकता बदले

बहुत दुख होता है जब महिलाओं को इस्तेमाल की वस्तु समझा जाता है और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। ऐसे में सेल्फ डिफेंस ही उनका सबसे बड़ा हथियार हो सकता है। मानसिकता बदलना बहुत जरूरी है। पेरेंट्स को बच्चों की परवरिश करते समय बेटा-बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। यदि किसी महिला का रेप होता है, तो दोषी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए।