पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Women
  • This is me
  • It Was Not Easy To Become A Sex Coach, Relatives Considered A Dirty Girl And The World Considered It Available

सेक्स कोच की जिंदगी:सेक्स की कोचिंग देना आसान नहीं था, रिश्तेदारों ने बनाई दूरी तो दुनिया ने अवेलेबल समझा

5 दिन पहलेलेखक: मीना

मैं पल्लवी बर्नवाल सेक्सुअलिटी कोच हूं। हौ! सेक्स कोच... मैं जब भी किसी को अपने बारे में बताती हूं या लोग जब मेरा काम देखते हैं, तो उनका पहला रिएक्शन ऐसा ही होता है। ऐसे गजब महानुभाव भी हैं जो मेरा इंट्रोडक्शन सुनने पर ऊपर से तो बड़ी इंटिलेक्चुअल स्माइल देंगे, लेकिन भीतर से शरीर की भूख कुलांचे मार रही होती है। ये भूख सूट-बूट की टाई से जब उतरती है तो पेनिस के फोटो के साथ मेरे वॉट्सऐप पर आ जाती है।

पल्लवी बर्नवाल
पल्लवी बर्नवाल

ये तो प्रोफेशनल जिंदगी के अनुभव हैं, लेकिन जब मेरे परिवार में मालूम हुआ कि मैं सेक्स कोच बनना चाहती हूं, तो रिश्तेदारों ने मेरा साथ नहीं दिया। उन्हें आज भी लगता है कि मैं गंदे काम करने वाली लड़की हूं। यहां सेक्स वेलनेस की बात करना गंदी बात है। मैं दिल्ली में एक अच्छी कॉरपरेट जॉब में थी, लेकिन 24 साल की उम्र में जब शादी हुई तब समझ आया कि मुझे पढ़ाई ने एक्सल पर काम करना, पावर प्वाइंट बनाना और पब्लिक में बोलना तो सिखा दिया, लेकिन रिलेशनशिप कैसे निभाना है, ये किसी स्कूल या इंस्टीट्यूशन ने नहीं सिखाया। मैंने बचपन से अपने पेरेंट्स को लड़ते देखा था, उसकी वजह से ट्रॉमा में भी गई। बचपन से उनकी शादी की अनबन देख रही थी, बड़ी होकर मैं अपनी शादी नहीं बचा पाई। क्योंकि शादी के बाद समझ आया कि पितृसत्ता नाम का एक दानव होता है जो हंसती-खेलती शादीशुदा जिंदगियों को निगल जाता है।

गृहस्थी को संभालने की सारी जिम्मेदारी मेरी थी, इस एकतरफा जिम्मेदारी को मैं नहीं संभाल पाई। यही नहीं, कोई महिला अपनी ब्रा या पैंटी को छुपाकर क्यों सुखाती है, पीरियड्स क्यों होते हैं? लड़कियों के ब्रेस्ट क्यों बढ़ते हैं? ऐसे सवाल मेरे पास बचपन से थे। बड़ी हुई तो दोस्तों के रिलेशनशिप के सवाल सामने आने लगे, सेक्स पर जानना सब चाहते हैं, लेकिन बात कोई नहीं करना चाहता। इन सभी घटनाओं और अनुभवों को देखते हुए मैंने सेक्स कोच बनने का फैसला लिया।

सेक्स कोच बनने से पहले 27 साल की उम्र में मेरा तलाक हो गया। एक तो सेक्स कोच ऊपर से तलाकशुदा। मेरे ऊपर अब दो-दो स्टिगमा हैं। दुनिया सोचती है कि सिंगल मदर या तलाकशुदा महिलाएं अवेलेबल होती हैं। हद तो उस दिन हो गई जब 2016 में मैं जिस मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी, वहां मैरिटल स्टेटस सेपरेटेड लिखा था। उस कंपनी के एचआर मैनेजर को ये मालूम हो गया। उन महाशय ने न आव देखा ताव, बस तपाक से सवाल दाग दिया, “तुम्हारी शादी के एक साल के अंदर बच्चा हो गया, क्या तुम शादी से पहले कंसीव कर चुकी थीं?” मन में तो आया कि इनके मुंह पर एक चप्पल रसीद कर दूं और सेक्सुअल हरासमेंट का केस करूं, लेकिन बाद में लगा कि इतने लंबे केस में कौन पड़ेगा, इसलिए मामले को इग्नोर कर दिया। कहीं भी सेक्सुअल रिस्पेक्ट नहीं मिली।

तलाक के बाद एक रिलेशनशिप में आई। उस दौरान अनप्रोटेक्टिड सेक्स हुआ और बाद में दो इमरजेंसी पिल्स खा लीं। इन पिल्स को खाने के बाद पीरियड्स के इशूज होने लगे। डॉक्टर के पास गई तो पता चला कि इमरजेंसी पिल्स बहुत हैवी होती हैं और रिप्रोडक्टिव सिस्टम के लिए नुकसानदायक होती हैं। तब इन पिल्स पर रिसर्च शुरू किया और समझ आया कि सेक्स एक बड़ी समस्या है। लोगों को इसके बारे में सही जानकारी नहीं होती, इसलिए परेशानियों में फंसते हैं।

2018 में सेक्सुअलिटी कोच बनने के लिए मैंने पढ़ाई की। दुखद ये है कि भारत में सबसे ज्यादा पॉर्न देखा जाता है, लेकिन सेक्सोलॉजी के अलावा पढ़ने के लिए और कोई विषय नहीं है, सेक्सोलॉजो बीमारियों से जुड़ा है और सेक्स एजुकेशन वैल्यु एजुकेशन से। सेक्स कोई बीमारी नहीं है।

अपने काम के बारे में और लोगों को बताने के लिए मैंने सोशल मीडिया पर सेक्स से जुड़े छोटे-छोटे वीडियोज डालने शुरू किए। इन वीडियोज पर पुरुषों का ढेर सारा अटेंशन मिला, क्योंकि उनको ऐसा लगता है कि कोई लड़की अगर सेक्स के बारे में बात कर रही है तो उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं। मैं सोशल मीडिया पर सेक्स एजुकेशन देती हूं और लोग अपने पेनिस के फोटो मुझे भेज देते हैं। किसी पोस्ट में पुरुषों को सिर्फ सेक्स शब्द दिखता है, बाकि कुछ नहीं है। एक पोस्ट देखने के बाद अनवॉन्टेड अटेंशन, अनवॉन्टेड मैसेज, सेक्सुअल एडवांटेज के मैसेज आते हैं। ऐसे बहुत कम लोग हैं जो काम की सराहना करते हैं।

सेक्स एजुकेशन पर पोस्ट को पुरुष सेक्स के लिए बुलावा समझते हैं। ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीं, बल्कि जितनी भी महिलाएं सेक्स से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही हैं, उन सभी के साथ ऐसे ही अनुभव होते हैं।

अब लोग कहते हैं कि तुम सेक्स कोच हो, कल को तुम्हारा बेटा बड़ा होगा तो तुम्हारे बारे में क्या सोचेगा? लेकिन मैं कोई गलत काम नहीं कर रही हूं। अपना काम बहुत ईमानदारी से करती हूं और जब तक बेटा बड़ा होगा तब तक वो मेरे कमरे इतनी ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और फीचर देखेगा कि उसके मन में ऐसा कोई सवाल उठेगा ही नहीं।

खबरें और भी हैं...