बदतमीजी करने वाले अब मुझसे काम मांगते हैं:बचपन के सपने के लिए छोड़ी जॉब, पति ने जॉब छोड़ जॉइन किया मेरा फोटोग्राफी बिजनेस

9 दिन पहलेलेखक: भाग्य श्री सिंह

फीमेल फोटोग्राफर होना आसान नहीं है। भीड़ में जा कर फोटोशूट करने पर कई बार लोग पीछे से धक्कामुक्की भी करते थे। लेकिन पहले जो धक्का मारते थे अब मेरे पास काम मांगने आते हैं। यही मेरा हासिल है। ये कहना है दरभंगा बिहार की फोटोग्राफर प्रीति मैरीगोल्ड का।

मैंने दिल्ली से MBA किया था। मुंबई में अच्छी कमाई वाली कॉर्पोरेट जॉब छोड़ कर जब मैंने अपने बचपन के सपने 'फोटोग्राफी' को सच करने का सोचा तो मिली पापा की नाराजगी, घर वालों के ताने और भी बहुत कुछ। जमा किए हुए पैसों से कैमरा खरीदा और जॉब छोड़ कर मैं फ्रीलांस फोटोग्राफर बन गई तो कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 10 साल पहले मैंने फोटोग्राफी को करियर की तरह शुरू किया। मॉडलिंग प्रोफाइल बनाए, बेबी फोटोशूट किए। इसके बाद मैंने वेडिंग फोटोशूट करना शुरू किया, ताकि इसे बिजनेस के अवसर के रूप में बदल सकूं।

फोटोग्राफर से बिजनेस वुमन बन क्रिएट की जॉब
मैं केवल फोटोग्राफर ही नहीं बनना चाहती थी बल्कि जॉब भी क्रिएट करना चाहती थी। इसलिए 2016 में मैंने बिहार आकर अपनी कंपनी मैरीगोल्ड शुरू की। मैंने MBA किया था और क्लाइंट रिलेशन में जॉब कर चुकी थी। टेक्निकल बैकग्राउंड फोटोग्राफी में था। इसलिए बिजनेस कैसे हैंडल करना है इसका आइडिया पहले से ही था। मैंने 2 लोगों से यह कंपनी स्टार्ट की थी अब टीम में पूरे 35 लोग हैं, ज्यादा जरूरत पड़ने पर हम फोटोग्राफर आउटसोर्स भी करते हैं।

महिला हूं, इसलिए फोटोशूट पर पुरुषों ने की बदसलूकी
शुरुआत में जब मैं वेडिंग फोटोग्राफी के लिए जाते तो लोग मेरी कम उम्र देखकर जज करते। उन्हें लगता कि यह लड़की क्या कर पाएगी। फुल नाइट वेडिंग मैं कवर कर पाउंगी या नहीं। वेडिंग फोटोशूट में जब स्टेज पर शूट करते तो कई बार लोग जानबूझ कर धक्कामुक्की करते। मेरे साथ ये सारी बदसलूकी केवल इसलिए होती क्योंकि मैं महिला हूं। कई बार मैं इनसिक्योर भी हो गई। इसके बाद फोटोशूट के लिए मैं जब जाती तो अपने साथ घर के किसी पुरुष को बॉडी गार्ड की तरह साथ ले जाती।

प्रीति ने कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर चुनी दिल की राह।
प्रीति ने कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर चुनी दिल की राह।

पापा ने बात करनी बंद कर दी, धीरे-धीरे बदला नजरिया
पापा मेरी फोटोग्राफी के फैसले से काफी नाराज थे। 6 महीने तक उन्होंने मुझसे बात नहीं की। पहला शूट मेरा मोतिहारी में था और दूसरा पूर्णिया में। मैं कार छोड़कर बस से ट्रेवल करती। पापा ने मुझसे कहा कि फोटोशूट के लिए घर से मत जाओ बल्कि वर्कप्लेस से ही फोटोशूट के लिए निकला करो। मुझे इसमें मत शामिल करो। लेकिन धीरे-धीरे पापा का नजरिया मेरे लिए पॉजिटिव हुआ।

पति से कहा जॉब सिक्योरिटी नहीं लेकिन अच्छी लाइफ स्टाइल दूंगी
बदलाव एक दिन का नतीजा नहीं है यह हर दिन स्ट्रगल के बाद आता है। कहते हैं न कि जिस चीज पर ध्यान दो वही ज्यादा बढ़ती है, मैंने करियर पर ध्यान दिया। मेरे हसबैंड विप्रो में जॉब करते थे। लेकिन मेरे पैशन से मेरे पति इतने इंस्पायर हुए कि वो भी जॉब छोड़कर मेरी कंपनी मैरीगोल्ड में शामिल हो गए। मैंने उनसे बोला कि जॉब सिक्योरिटी का नहीं पता है लेकिन मैं आपको अच्छी लाइफस्टाइल जरूर दूंगी। दरअसल हर दिन 5 स्टार होटल में जाकर शूट करना होता है।

पति के साथ मिलकर प्रीति टीमवर्क कर रही हैं।
पति के साथ मिलकर प्रीति टीमवर्क कर रही हैं।

हसबैंड को पहले किया तैयार, फिर ज्वाइन कराया बिजनेस
हसबैंड डिजिटल मार्केटिंग और फाइनेंस देखते हैं। लेकिन शुरू में मुझे सपोर्ट करने के लिए बॉम्बे से ही बेसिक फोटोग्राफी का और फैशन फोटोग्राफी का कोर्स किया। मैंने हसबैंड को बोला कि पहले प्रिपेयर हो जाओ तब टीम में शामिल करेंगे। उन्होंने मेरी बात मानी और वैसा ही किया। कपल फोटोग्राफर होने से हमें यह फायदा हुआ कि अब हम ब्राइड और ग्रूम दोनों साइड के वेडिंग शूट करते हैं।

वेबसाइट पति ने बनाई, बिजनेस को होने वाले हैं 6 साल
2018 में मेरे पति भी बिहार आ गए और हम साथ में काम करने लगे। 2018-2019 का समय काफी अच्छा रहा। इसके बाद लॉकडाउन में हमने लगभग बिहार में ही गंगा के किनारे 20 फोटोशूट किए। मेरी कंपनी ऑनलाइन विसिबल हो इसलिए मैंने वेबसाइट भी बनाई। वेबसाइट मेरे पति ने बनाई थी। 6 फ़रवरी को मेरे बिजनेस के 6 साल पूरे हो जाएंगे। फोटोग्राफी में कस्टमर सैटिसफैक्शन जरूरी है। कस्टमर को कन्विंस करना जरूरी है। उन्हें आपका काम समझ आएगा और जरूरत होगी तभी वो आपको हायर करेंगे।

पापा, मम्मी और आंटी का मिला सपोर्ट
पापा इंडियन ऑयल में जॉब करते थे। उनकी पोस्टिंग अलग-अलग जगह होती रहती थी। बुरहानपुर, कोलकाता से मेरी स्कूलिंग हुई। टाउनशिप में हम हमेशा रहे। इससे मेरी कम्युनिटी बॉन्डिंग मजबूत हुई। मैं लोगों से बेहतर तरह से कनेक्ट कर पाती हूं। मां झारखंड से हैं। पापा ने शुरू में बिजनेस के लिए पैसे दिए लेकिन मां ने इमोशनली काफी सपोर्ट किया। पापा के कलीग की वाइफ उषा जी ने भी मुझे काफी सपोर्ट किया।

बिजनेस करने के लिए रिस्क लेना जरूरी, खुद की क्षमता का करें आकलन
जॉब में आप जानते हैं कि हर महीने की पहली तारीख में सैलरी आपके अकाउंट में आ जाएगी। लेकिन बिजनेस में रिस्क लेना होता है। सेल्फ कॉन्फिडेंस होना जरूरी है। अगर मन में घबराहट है तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कोई कमी है। इसलिए खुद में भरोसा रखें। दूसरों के लिए जॉब करने से बेहतर है खुद के लिए काम करें। धीरे-धीरे लोग जुड़ते जाते हैं और कारवां बनता जाता है। डिजिटल वर्ल्ड ने फोटोग्राफी को काफी ईजी बना दिया है। आप हर किसी को फोटोग्राफी सैंपल नहीं दिखा सकते हैं, लेकिन वेबसाइट पर कैटलॉग होने से लोग आसानी से इसे चेक कर सकते हैं।

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