‘52 गज का दामन’ की सिंगर के सुर:कभी गाना गाना अच्छा नहीं मानते थे लोग, आज उनकी बेटियों के लिए हूं आदर्श

एक महीने पहलेलेखक: मीना

पहले जो लोग मुझे देखना पसंद नहीं करते थे। मेरा गाना गाना उन्हें अश्लील प्रोफेशन लगता था, मेरे पेरेंट्स को भी भड़काते थे। कहते थे, गाना गाने से बेहतर है, कुछ अच्छा पढ़ा लेते.... आज वे ही लोग मेरा ऑटोग्राफ मांगते हैं। गांव के प्रधान से लेकर कई सरकारी अधिकारी तक घर आते हैं। लोग अपने बच्चों को संगीत सिखाने की बात करते हैं। अपनी बेटियों को कहते हैं, दीदी जैसा बनो...ये सब सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन मुझे हर वो दिन याद है जब मैं और मेरा बड़ा भाई विक्की पंवार दिन रात कई स्टूडियो के चक्कर काट रहे थे। बहुत उम्मीदों से स्टूडियो जाते, लेकिन मायूसी हाथ लगती। मैं म्युजिक इंडस्ट्री में नई थी, कोई जानता नहीं था। कोई मौका देने को भी तैयार नहीं था, लेकिन कहते हैं मालूम नहीं, किस्मत में कब क्या होने वाला हो और वो दिन जल्द ही आ गया। मुझे ‘52 गज का दामन’ गाने का मौका मिला। हम बात कर रहे हैं हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार की।

‘गानों के लिए हरियाणवी सीखी’
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के खेकड़ा कस्बा में पली पढ़ीं रेणुका पंवार भास्कर वुमन से खास बातचीत में बताती हैं, ‘आज किसी भी शादी या फंक्शन में जाती हूं तो अपने गाए गाने सुनने को मिल ही जाते हैं। कहीं, 52 गज का दामन, तो कहीं, गज का घूंघट चाली मैं काढ़ चाली मैं तो मटक मटक, सुनने को मिलता है। जब सोशल मीडिया पर आती हूं तो ‘लादे घुंघरू वाली पायल हो जाएगा मैं सारा घायल’, ‘मेरा चुनर मंगा दे बलमा शहर से’, ‘मण मण के डूंगे मारेगी छम्मकल्लो’ जैसे गानों पर इंस्टाग्राम रील्स बना रहे होते हैं। अभी मेरी उम्र केवल 19 है। मैंने 16 साल में गाना गाना शुरू कर दिया था। उत्तर प्रदेश से हूं तो मुझे हरियाणवी नहीं आती, लेकिन आप हैरान हो रहे होंगे कि फिर मैं हरियाणवी गाने गा कैसे लेती हूं? तो ज्यादा असमंजस में मत पड़िए। मैं आपको बता ही देती हूं। दरअसल, मैंने पहला गाना हिंदी में ‘सुन सोनियो’ गाया। इसे गाने का मौका मुझे मेरे भाई की वजह से मिला। भाई के दोस्त हैं, प्रदीप सोनू और तरूण पांचाल। तरूण पांचाल टीआर म्युजिक के नाम से फेमस हैं। सॉन्ग वायरल हुआ, लेकिन मेरी पहचान नहीं बनी।

डांसर बनने का शौक सिंगिंग में बदल गया
अभी भी पहचान का कीड़ा कुलबुलाता रहा, क्योंकि बचपन में डांसर बनना चाहती थी, तो पापा ने नहीं बनने दिया। उन्हें लगता था कि डांस की फील्ड अच्छी नहीं है। इसमें अच्छा करिअर नहीं है। एक सपना तो अपना खो चूकी थी, दूसरा खोना नहीं चाहती थी। खेकड़ा के ही स्कूल में पढ़ती थी, तो वहीं प्रोग्राम्स में सिंगिंग करती। अभी तक डांस का जो जोश था, वो 9वीं क्लास तक आते-आते सिंगिंग में बदल गया, लेकिन मैं पानी की तरह बहती रही, खुद को कहीं तालाब का जमा हुआ पानी नहीं बनने दिया। मुझे डॉक्टर, इंजीनीयर नहीं बनना था, वो तो सब बनते हैं। कुछ ऐसा करना था जो लोग दूर से कहें कि, देखो वो रेणुका पंवार जा रही है। जब 12वीं में पहुंची तब तक कहीं न कहीं बाहर गाने गा रही थी, लेकिन कोई बड़ा मौका नहीं था। फिर 12वीं की बोर्ड परीक्षा का प्रेशर अलग तो थोड़े टाइम का ब्रेक लिया। ब्रेक के पीछे दूसरी वजह यह भी थी कि मैं और मेरा भाई स्टूडियो के चक्कर लगाकर परेशान हो गए थे, कोई नए सिंगर से काम नहीं कराना चाहता था।

सुन ‘सोनियो पहला गाना’, पर पहचान नहीं मिली
2018 में आया ‘सुन सोनियो’ के एक साल बाद भी मुझे हिंदी गाने गाने का मौका नहीं मिल रहा था। कई-कई घंटे म्युजिक कंपनियों के नीचे बैठकर आते थे, लेकिन कोई हिंदी गाने गंवाता नहीं था। कोई गाने का मौका भी देता तो वे ऐसे होते थे कि उन्हें गाकर कोई इज्जत नहीं मिलती। हरियाणवी गाने की डिमांड थी। बहुत बार हमें हिकारत से बाहर निकाल दिया गया। उन्हें वो सिंगर चाहिए थी, जिसका नाम हो। सब चढ़ते सूरज को सलाम करते हैं।

भैसों से भरी गाड़ी में भी सवारी की
मुझे वो दिन याद है जब स्ट्रगल की शुरुआत में मैं और मेरे भाई बस से पानीपत जाते और वापस आते समय इतनी रात हो जाती कि कोई सवारी नहीं मिलती। एक बार तो हमें एक ऑटो मिला जिसमें भैंसें भरी थीं, तो मैं ड्राइवर के साथ बैठी और बड़े भैया भैसों के साथ। यही नहीं जब बाइक पर जाती तो शरीर अकड़ जाता, क्योंकि कई बार बागपत से बहुत दूर भी जाना पड़ता था। रोज भाग-भाग कर मैं बीमारी पड़ी। बारिश, धूप, सर्दी सब झेलती, स्टूडियो में बैठे लोग देखकर कहते कि आप कितना स्ट्रगल कर रही हैं। देखना एक दिन बड़ा नाम कमाएंगाी, लेकिन मुझे जब तक मेरी मंजिल नहीं मिल रही थी तब तक भागना था।
परिवार की आर्थिक हालत भी बहुत अच्छी नहीं थी। पिता के पास एक प्राइवेट नौकरी और भाई की नौकरी मेरी वजह से चली गई, क्योंकि भाई को मेरी गाने की लगन दिख रही थी तो वे मुझे जहां भी रिकॉर्डिंग होती वहां ले जाते, ऐसे में उनके ऑफिस वाले कहते कि तुम इतनी छुट्टी क्यों लेते हो, वे कहते कि मेरी बहन को गाना गाने के लिए जाना होता है, तो मैं उसके साथ जाता हूं। एक दिन भाई के ऑफिस वालों ने कह दिया कि तुम अपनी इस्तीफा दो और अपनी जाकर अपनी बहन को पहले स्टार बनाओ। बस अब घर में पिता जी ही कमाने वाले थे। हम 22 साल तक किराए के घर में रहे। रोज रिकॉर्डिंग स्टूडियो जाना अपना किराया लगाकर और कोई फायदा भी नहीं होना।

न्यूयॉर्क में रेणुका का पोस्टर
न्यूयॉर्क में रेणुका का पोस्टर

‘ऊंची हवेली’ से मिली पहचान
मैं रोज भगवान से प्रार्थना करती, ‘हे भगवान मेरा ये गाना हिट हो जाए।’ सुन सोनियो के बाद एक साल का गैप लिया। फिर वापस गाना शुरू किया। इस बार भगवान ने मेरी सुन ली। ‘ऊंची सी हवेली’ हिट हो गया। उसके बाद थोड़ी राहत मिली। लोग जानने लगे। टिक टॉक पर इसने धूम मचाई। इसके बाद सब कॉन्टैक्ट करने लगे। मेरे नाम को जाने वाली पहली सीढ़ी ‘ऊंची हवेली’ है। इस गाने से पहले मम्मी ने जो एक छोटा सा प्लॉट कर्ज लेकर या बचत करके खरीदा था उसमें एक कमरा बनवा लिया था अब हमने उस घर को और अच्छे से बनवाया है। पिछले पांच सालों से हम अपने घर में ही रहते हैं। ऊंची हवेली के बाद मेरे सिंगिंग के करिअर की हवेली भी ऊंची होने वाली थी। इस गाने के बाद ‘52 गज का दामन’ मिल गया और ये सुपर हिट हो गया। अभी इसके 1.1 बिलियन व्यूज हैं। इस गाने की रिकॉर्डिंग रात में ही हुई। इसके बाद मुझे लोगों के कॉल्स आने लगे। रिकॉर्डिंग्स के लिए ‘डेट्स’ मांगने लगे। हरियाणा वालों को मुझ पर प्राउड होने लगा है। मुझे ऐसा फील आने लगा है जैसे कोई फिल्म चल रही हो। ये सब कुछ मैं अपने भाई की वजह से कर पाई हूं। विक्की भाई के प्रयासों से ही मुझे गाना गाने का मौका मिला। अब मेरा बीपी हाई, डीजे पे नाचूंगी, पायल चांदी की बहुत से गाने हिट हो चुके हैं।
आगे मुझे बॉलीवुड में भी गाने गाने हैं, लेकिन पहले अपना पोर्टफोलियो स्ट्रांग कर लूं। अभी तो मैं बीए की पढ़ाई कर रही हूं। अभी भी जब पेपर आते हैं तब पढ़ाई के लिए टाइम निकाल लेती हूं। मैंने सिंगिंग की कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली है, लेकिन सोशल मीडिया की मदद से सीखती हूं। आगे फॉर्मल ट्रेनिंग भी लेनी है। मुझे श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह ज्यादा पसंद हैं। इनको सुनकर भी सीखती हूं। बिना ट्रेनिंग के भी गा लेती हूं तो ये मुझे गॉड का गिफ्ट लगता है। आज न्युयॉर्क में भी मेरे गाने के पोस्टर लगे हैं।
मुझे लगता है कि कभी भी स्ट्रगल से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि जब आप बाहर निकलेंगे तो लोग ऐसे भी देखेंगे कि आपका तो कोई गाना हिट ही नहीं हुआ है, तो आपसे गाना क्यों गंवाएं। दूसरा मुझे लगता है कि आपको परिवार में से कोई सदस्य हमेशा साथ चाहिए। मेरे साथ मेरा भाई है, मेरा परिवार साथ है।

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