ये मैं हूं:‘हम आपके हैं कौन’ फिल्म ने मुझे ये एहसास दिलाया कि सादगी में ही असली ताकत है

4 महीने पहलेलेखक: कमला बडोनी

ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हम आपके हैं कौन' हो या पॉपुलर टीवी शो सुरभि, अंताक्षरी, सैलाब, इम्तिहान, सर्कस... रेणुका शहाणे की नेचुरल एक्टिंग ने उन्हें घर-घर की चहेती बना दिया। स्त्री सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश करती हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘त्रिभंग’ ने एक बार फिर साबित किया कि रेणुका शहाणे न सिर्फ अच्छी अदाकारा हैं, बल्कि बेहतरीन लेखिका और निर्देशक भी हैं। महिला के तौर पर और आज की स्त्री में आए को लेकर वह क्या सोचती हैं, रेणुका शहाणे ने हमारे साथ शेयर किया…

रेणुका शहाणे फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की को-एक्टर माधुरी दीक्षित के साथ
रेणुका शहाणे फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की को-एक्टर माधुरी दीक्षित के साथ

वक्त बदल चुका है

टेक्नोलॉजी दिन पर दिन एडवांस हो रही है, सबकुछ तेजी से बदल रहा है, जनरेशन और सोच का फर्क कहीं बहुत ज्यादा बढ़ा है तो कहीं बहुत घटा भी है। मुझे मेरी और मेरे बच्चों की पीढ़ी में बहुत फर्क नजर आता है। मेरी मां और मेरे बीच इतना ज्यादा जनरेशन गैप नहीं था। हमारे मुद्दे भी लगभग एक जैसे रहे, लेकिन आज की पीढ़ी के चैलेंज अलग हैं और सोचने का तरीका भी।

रेणुका शहाणे पति आशुतोष राणा और दोनों बेटों शौर्यमान राणा और सत्येन्द्र राणा के साथ
रेणुका शहाणे पति आशुतोष राणा और दोनों बेटों शौर्यमान राणा और सत्येन्द्र राणा के साथ

महिलाओं की आजादी

जहां देश की आजादी हमारी जनरेशन को मुफ्त में मिली ही है वहीं हमारी पीढ़ी की महिलाओं ने आजादी के लिए लगातार मशक्कत की है और यह जद्दोजहद जारी है। हमारी पिछली पीढ़ी की महिलाओं का संघर्ष हमसे कई गुना ज्यादा रहा। उस पीढ़ी ने अपने हक की लड़ाई लड़ी और हमारे लिए रास्ता आसान बनाया। हमने उनके जैसा संघर्ष नहीं किया। मेरी मां (शांता गोखले) ने महिला मुक्ति के लिए जो लिखा, वह उस दौर में बड़ी बात थी। आज टेक्नोलॉजी में क्रांति हो रही है, लेकिन सोच में उतनी क्रांति नहीं हो रही और सोच के ही बदलने की दरकार है।

रेणुका शहाणे अपनी मां लेखिका शांता गोखले के साथ
रेणुका शहाणे अपनी मां लेखिका शांता गोखले के साथ

सुपर वुमन कह कर कराते हैं मनचाहा काम

आज भी घर और बच्चों की जिम्मेदारी महिलाओं की ही मानी जाती है। पुरुष अपनी पत्नी से कहते हैं कि हम आपको नौकरी करने की इजाजत देते हैं। मैं यह जानना चाहती हूं कि आपको ये हक पुरुषों को किसने दिया कि वे महिलाओं को पहनने-ओढ़ने, काम करने की इजाजत दें। वर्किंग वुमन की ये लड़ाई अभी भी जारी है। उन्हें घर का खर्च उठाने के लिए अपने बच्चों को छोड़कर काम पर जाना पड़ता है। इसके लिए भी उन्हें पति से इजाजत लेनी होती है। मैं खुशनसीब हूं कि मैंने बच्चों के जन्म के बाद काम से ब्रेक लिया, लेकिन कई महिलाओं के पास ये सुविधा नहीं होती। महिलाओं को ‘सुपर वुमन’ कह कर उनसे मनचाहा काम करा लिया जाता है। त्योहारों की तैयारियों से लेकर मेहमानों की खातिरदारी तक सारी जिम्मेदारी स्त्री की ही क्यों होती है?

रेणुका शहाणे अपनी फिल्म 'त्रिभंग' की अभिनेत्री काजोल के साथ
रेणुका शहाणे अपनी फिल्म 'त्रिभंग' की अभिनेत्री काजोल के साथ

दूसरी शादी का फैसला

मां की जिम्मेदारी कम हो जाए इसलिए मेरी शादी बहुत जल्दी कर दी गई। मैंने शादी निभाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कई बार पति-पत्नी के रूप में रिश्ता नहीं चलता। शादी एक ऐसा रिश्ता है, जहां दो लोगों को पूरी जिंदगी साथ गुजारनी होती है। रिश्ते में यदि खुशी नहीं है तो जीना मुश्किल हो जाता है। मेरे लिए तलाक का फैसला लेना इतना आसान नहीं रहा, लेकिन मैं ऐसे रिश्ते में नहीं रहना चाहती थी, जिसमें मैं खुश नहीं थी। जब भी आप कुछ अलग करते हैं, तो आपको लोगों की बातें सुननी पड़ती हैं। लेकिन आपको सर्टिफिकेट देने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि आप लोगों को खुश करते रहे, तो खुद खुश नहीं रह सकते। मुझे सालों बाद कुछ लोगों ने कहा, “हमने तुम्हें जज किया, इस बात का आज हमें अफसोस है।”

रेणुका शहाणे पति आशुतोष राणा के साथ
रेणुका शहाणे पति आशुतोष राणा के साथ

राणा जी और मेरा क्रिएटिव कौशल

मेरे लिए राणा जी (पति आशुतोष राणा को रेणुका शहाणे राणा जी कहती हैं) से बेहतरीन जीवनसाथी और कोई हो ही नहीं सकता। उनसे मिलने के बाद मैंने जिंदगी की असली खुशी को जाना, समझा और जीया। हम दोनों एक दूसरे की ताकत हैं और सपोर्ट सिस्टम भी। राणा जी से शादी कर मैंने अपनी जिंदगी को दूसरा मौका दिया और मैं अपने इस फैसले से बहुत खुश हूं।अगर आपका पार्टनर आपकी तरक्की की वजह न बने तो उसे लाइफ पार्टनर कहना सही नहीं। मेरी नजर में अच्छा लाइफपार्टनर वह होता है जो आपके अंदर छुपी खूबियों को निखारे, चमकाए और उसे दुनिया के सामने लाए। राणा जी का साथ मेरे क्रिएटिव कौशल को निखारता है।