माउंट एवरेस्ट / लगातार बढ़ रही पर्वतारोहियों की भीड़, होती है धक्का-मुक्की; सेल्फी लेने के चक्कर में जा रही जानें



माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की भीड़ माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की भीड़
X
माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की भीड़माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की भीड़

  • एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए सरकार दे रही बेहिसाब परमिट
  • अप्रशिक्षित लोगों की बढ़ रही भीड़, हो रही समस्याएं
     

Dainik Bhaskar

May 30, 2019, 06:55 PM IST

काठमांडू. दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर लगातार बढ़ती पर्वतारोहियों की भीड़ अब खतरनाक बनती जा रही है। भारी भीड़ की वजह से ना केवल वहां लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि इसकी वजह से अब जानें भी जाने लगी है। हाल के कुछ हफ्तों की बात करें तो यहां 11 लोगों की जान जा चुकी है। मौत का ये आंकड़ा साल 2014-15 में हिमस्खलन से हुई मौतों से भी ज्यादा है। जिसके बाद अब इसे लोग डेथ जोन भी कहने लगे हैं। लोगों की जान जाने की एक बड़ी वजह पर्वतारोहियों का सेल्फी का लालच भी है, इसकी वजह से भी कुछ लोगों की जान जा रही है।

 

सेल्फी के चक्कर में जा रही जानें...

 

- एवरेस्ट पर हो रहे ट्रैफिक जैम की वजह से हाल ही में अमीषा चौहान नाम की एक पर्वतारोही की जान भी खतरे में पड़ गई थी। अमीषा का कहना है- 'भारी संख्या में लोगों के आने की वजह से यहां पर पर्वतारोहियों की लंबी कतार लगी रहती है, जिसके चलते उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।'
- 'पर्वतारोही एक-दूसरे को पकड़कर लाइन में खड़े रहते हैं, और गलती से हाथ छूटने पर खाई में गिर जाते हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है। इसके अलावा घंटों तक वहां इंतजार करने की वजह से ऑक्सीजन की कमी होने और ठंड लगने की वजह से भी लोगों की मौत हो रही है।'
- अमेरिका के एरिजोना में रहने वाले एक डॉक्टर एड डोरिंग हाल ही में जब वहां एक समिट के सिलसिले में पहुंचे, तो वे वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ हुई बातचीत में उन्होंने वहां का हाल बताया। उनके मुताबिक वहां पर्वतारोहियों की काफी ज्यादा भीड़ थी और सेल्फी लेने के चक्कर में वे एक-दूसरे को धकेल रहे थे, जबकि वहां खड़े होने के लिए सिर्फ टेबल-टेनिस गेम की दो टेबल जितनी जगह ही थी।

 

जरूरत से ज्यादा दिए जा रहे परमिट

 

- खास बात ये है कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी उनसे किसी ने कोई सबक नहीं लिया। बीबीसी के मुताबिक साल 1996 में भीड़ की वजह से 36 घंटों के अंदर 8 लोगों की मौत हुई थी। 
- इसके बाद साल 2012 में भी एक ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें एवरेस्ट पर सैकड़ों पर्वतारोही लाइन लगाकर खड़े हुए थे और इसी दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी। बीबीसी के मुताबिक इनमें से तीन शेरपा भी शामिल थे।
- अप्रैल 2013 में एवरेस्ट की 7,470 मीटर की ऊंचाई पर दो यूरोपीय पर्वतारोहियों और नेपाली गाइड्स के समूह के बीच हाथापाई की घटना भी हुई थी। हालांकि इन सब घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया गया।
- इसके अलावा इन बढ़ते एक्सीडेंट्स के पीछे घटिया क्वालिटी के उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर से लीकेज होना और रोमांच के लिए यहां दुनियाभर से लोगों का आना भी एक बड़ी वजह है। जानकारों का कहना है कि नेपाल सरकार की ओर से जरूरत से ज्यादा परमिट जारी करना और अप्रशिक्षित लोगों को भी परमिट दे देने की वजह से ऐसे हालात बने हैं। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना