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अब महिला को चांद पर भेजेगा NASA, 50 साल पहले रिजेक्ट हुई थी हिलेरी क्लिंटन की एप्लिकेशन

1983 में NASA ने सैली राइड नाम की अमेरिकी महिला को पहली बार स्पेस में भेजा था।

Danik Bhaskar | Feb 17, 2018, 09:19 PM IST
नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर की डायरेक्ट डॉक्टर एलेन ओचोआ ने जताई है संभावना। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर की डायरेक्ट डॉक्टर एलेन ओचोआ ने जताई है संभावना।

वॉशिंगटन. चांद पर जाने वाला अगला इंसान एक महिला हो सकती है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर की डायरेक्टर डॉक्टर एलेन ओचोआ ने कहा कि हमारे पास 3 में से 1 एक्टिव एस्ट्रोनाॅट (अंतरिक्ष यात्री) महिला है। इसलिए इस सदी में चांद पर अगला कदम किसी महिला का होगा 3 में से 1 संभावना इसकी भी है। बता दें कि 1960 के दौर में नासा ने महिलाओं की एप्लिकेशन को ये कह के रिजेक्ट कर दिया था कि उसका चांद पर महिलाओं को भेजने का कोई प्लान नहीं है। जिन लोगों की एप्लिकेशन रिजेक्ट हुई थी उनमें अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भी थीं।

1970 के बाद पहले मून मिशन पर जाएगी महिला?

- डॉक्टर ओचोआ ने कहा- “हमारी 3 में से 1 एक्टिव एस्ट्रोनॉट महिलाएं हैं इसलिए 3 में से 1 संभावना ये है कि चांद पर अगला कदम किसी महिला का होगा। अगर ऐसा होता है तो 1970 के मून मिशन पर पुरुष के बाद महिला जाएगी।

- 1983 में सैली राइड अंतरिक्ष में जाने वाली पहली अमेरिकी महिला थीं। 2013 में भी नासा ने एलान किया था कि 8 एस्ट्रोनॉट्स (अंतरिक्ष यात्रियों) की क्लास में से आधी महिलाएं हैं।

रूस-अमेरिका रिश्तों का मिशन पर नहीं पड़ेगा असर

- ट्रम्प और रूस संबंधों की जांच से अमेरिका और रूस के बीच तनातनी बढ़ी है। हालांकि, ओचोआ ने कहा- “इसका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में दोनों देशों के रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दोनों देश एक बड़े लक्ष्य के लिए फोकस हो कर काम कर रहे हैं और ये काफी मदद करने वाला है।”

चांद पर दोबारा इंसान भेजने का ट्रम्प का फैसला हानिकारक

- ओचोआ ने माना कि ट्रम्प का चांद पर दोबारा इंसान भेजने का फैसला हानिकारक हो सकता है। उन्होंने कहा, “ जब हम अपने लक्ष्य की ओर से स्थिरता से बढ़ रहे होते हैं तो हम बात करते हैं कि किस तरह से टैक्स देने वालों के पैसे का सही इस्तेमाल किया जा सकता है।”
- उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे पहले से ही चांद और उसके पास मिशन प्लान कर रहे थे, ताकि मंगल पर इंसान भेजने की तैयारी की जा सके। हालांकि, लक्ष्य बदलने की वजह से फंड्स एक बड़ा मुद्दा होंगे और हमें उनकी जरूरत पड़ेगी।

एस्ट्रोनॉट बनना चाहती थीं हिलेरी क्लिंटन

- अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कई बार अपनी किताब और स्पीच में इस बात का जिक्र कर चुकी हैं कि वो हमेशा से एस्ट्रोनॉट बनकर चांद पर जाना चाहती थीं। हालांकि, 1961 में 14 साल की उम्र में जब उन्होंने इसके लिए NASA को लेटर लिखा तो NASA ने जवाब में लिखा कि वो लड़कियों और महिलाओं को एस्ट्रोनॉट के तौर पर नहीं ले रहा है।

ओबामा के समय मंगल और ट्रम्प के समय एक बार फिर चांद पर कदम जमाने का प्लान बना रहा है NASA। ओबामा के समय मंगल और ट्रम्प के समय एक बार फिर चांद पर कदम जमाने का प्लान बना रहा है NASA।