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कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हमले के लिए बच्चों को भर्ती कर रहे आतंकी संगठन: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र ने चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट रिपोर्ट में 20 देशों को शामिल किया है।

Danik Bhaskar | Jun 28, 2018, 03:21 PM IST

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन नाबालिगों को भर्ती कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल हुए तीन आतंकी हमलों में बच्चों के शामिल होने की बात सामने आई। कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ के दौरान 15 साल का नाबालिग मारा गया था। इसी तरह छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी नक्सलियों ने नाबालिगों को हमलों में शामिल किया।

यूएन ने गुरुवार को 'चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट 2017' की रिपोर्ट जारी की। जिसमें कहा गया है कि भारत के तीन राज्यों जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और झारखंड में सुरक्षाबलों और हथियारबंद संगठनों के बीच संघर्ष में सबसे ज्यादा बच्चों को नुकसान पहुंचा। सरकार बच्चों को हिंसक घटनाओं में शामिल करने वाले संगठनों पर रोक लगाए।

2016 की तुलना में बाल अधिकार हनन के मामले बढ़े: रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में दुनियाभर में बाल अधिकारों के हनन के 21 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इनमें 10 हजार से ज्यादा बच्चे संघर्ष में मारे गए या अपंग हुए। जबकि 8 हजार से ज्यादा को नक्सलियों, आतंकियों और विद्रोहियों ने संगठनों में शामिल किया। बाल अधिकारों के हनन के ज्यादातर मामले इराक, म्यांमार, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण सूडान, सीरिया और यमन के हैं।