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अमेरिका में 2 भारतीयों पर डाक विभाग से 100 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप, गुपचुप तरीके से हासिल करते थे सील

योगेश पटेल और अरविंद लक्कमसानी शिकागो में एकमुश्त डाक भेजने वाली कंपनी चलाते हैं।

Danik Bhaskar | Jun 26, 2018, 12:05 PM IST

- उनके पास डाक विभाग की सील तक पहुंचने का कोड था

- यह धोखाधड़ी 2010 से 2015 के बीच की गई

वाशिंगटन. अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के दो लोगों पर डाक विभाग से 1.6 करोड़ डॉलर (करीब 109 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। योगेश पटेल (58) और अरविंद लक्कमसानी (57) शिकागो के बाहरी इलाके में एकमुश्त डाक भेजने वाली कंपनी प्रोडिगी मेलिंग सर्विस (पीएमएस) चलाते हैं। उन्होंने यह धोखाधड़ी डेविड गर्गनो (51) नाम के अमेरिकी शख्स के साथ मिलकर की।

न्यूज एजेंसी ने अमेरिका के अटॉर्नी ऑफिस के हवाले से बताया कि गार्गनो डायरेक्ट मेल रिसोर्स इंक का मालिक है। उसका काम ग्राहकों को एकमुश्त डाक भेजने की सेवाएं लेने वाली कंपनियों से मिलवाना था। पीएमएस ऐसी ही कंपनी थी। गार्गनो ने दो एनर्जी कंपनियों को इस कंपनी की सेवाएं दिलाई थीं।

डाक विभाग के क्लर्क के फर्जी दस्तखत करते थे: आरोपों के मुताबिक, पटेल और लक्कमसानी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर और गुपचुप तरीके से यूनाइटेड स्टेट पोस्टल सर्विस (यूएसपीएस) की सील का इस्तेमाल करके यह धोखाधड़ी की। उन्होंने इस तरह आठ करोड़ डाक के खर्च के भुगतान को प्रमाणित कर लिया। उनके पास सील तक पहुंच बनाने का कोड भी था। वे वेरिफिकेशन फॉर्मों पर यूएसपीएस के क्लर्क के फर्जी दस्तखत बना लेते थे। यह सब 2010 से 2015 के बीच किया गया।