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शहर में कोई बच्चा जमीन पर न सोए इसलिए नौकरी छोड़कर पलंग बनाने लगे; 1500 मुफ्त में बांट दिए

अमेरिका के इडाहो में रहने वाले ल्यूक मिकलसन ने बच्चों की तकलीफ देखकर स्पोर्ट्स कोच की नौकरी छोड़ दी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 02, 2018, 09:51 AM IST

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न्यूयॉर्क.अमेरिका के इडाहो में रहने वाले ल्यूक मिकलसन गरीब बच्चों के लिए पलंग बनाते हैं, ताकि उन्हें फर्श पर ना सोना पड़े। दरअसल, इस इलाके में कई ऐसे परिवार हैं, जो बमुश्किल बुनियादी जरूरतें पूरी कर पाते हैं। इस स्थिति को देख कर ल्यूक और उनके परिवार ने 2012 में छोटे बच्चों के लिए पलंग बनाने का फैसला किया। वे अब तक 1500 से ज्यादा पलंग दान कर चुके हैं या कम कीमत पर बेच चुके हैं।

ल्यूक ने एकबार पड़ोस में एक बच्ची को कपड़ों के ढेर में घुसकर सोते देखा। उन्होंने उसे पहला पलंग बनाकर दिया तो उसने उसे जोर से जकड़ लिया। इस घटना के बाद ही उन्होंने इस समस्या को खत्म करने का फैसला किया। ‘स्लीप इन हैवेनली पीस’ नाम की एक गैर-लाभकारी संस्था बनाई। इसके जरिए ही वे बच्चों के लिए पलंग बनाते हैं।

बेटी का पलंग देखकर इसे बनाना सीखा:पहला पलंग बनाने के लिए ल्यूक ने अपने पैसे से ही लकड़ी और बाकी जरूरी सामान खरीदना शुरू किया। बेटी के पलंग को नमूने के तौर पर इस्तेमाल किया। परिवार के सदस्यों और दोस्तों से भी मदद मांगी। ल्यूक के काम की आसपास चर्चा शुरू हुई तो लोग उनसे जुड़ने लगे। ल्यूक ने बताया कि 2012 में पहले प्रोजेक्ट में उन्होंने 11 पलंग तैयार किए थे। अगले साल 15 पलंग बनाए। इस तरह 2017 आते-आते उनकी संस्था ने करीब 612 पलंग बनाए। ल्यूक ने इस काम के लिए एक आधिकारिक चैरिटी भी शुरू की है। इसमें लोगों को पलंग बनाना सिखाया गया, ताकि दूर दराज के लोग भी उनकी योजना से जुड़ सकें। उन्होंने नारा दिया है- शहर का कोई भी बच्चा जमीन पर ना सोए।

बच्चों के लिए किया करियर से समझौता: ल्यूक के लिए यह काम आसान नहीं था। एक समय उनके पास दो ही विकल्प बचे थे। या तो अच्छे वेतन वाला अपना स्पोर्ट्स कोच का करियर बचाएं या कम आमदनी में बच्चों के लिए पलंग बनाकर उनकी खुशी का कारण बनें। फिर उन्होंने फैसला किया कि वो अपनी संस्था को ही आगे बढ़ाएंगे।

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