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ट्रम्प की नीतियों के कारण बिछड़े थे शरणार्थी बच्चे, चार महीने बाद मिले तो माता-पिता को नहीं पहचान पाए

ट्रम्प प्रशासन ने मैक्सिको बॉर्डर पर 2000 बच्चों को उनके परिवार से अलग कर दिया था।

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 03:40 PM IST
मिल्का पाब्लो अपनी 3 साल की बेटी डार्ली से 4 महीने बाद मिली। बच्ची ने मां को पहचाना ही नहीं। मिल्का पाब्लो अपनी 3 साल की बेटी डार्ली से 4 महीने बाद मिली। बच्ची ने मां को पहचाना ही नहीं।

  • कैलिफोर्निया की कोर्ट ने बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपने का आदेश दिया था
  • कई बच्चे सामाजसेविका के पास रहने की जिद कर रहे

फिनिक्स. गैर-कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे शरणार्थियों को कैलिफोर्निया की कोर्ट के आदेश के बाद अब उनके बच्चों से मिलाया जा रहा है। इनमें से कई बच्चे अपने माता-पिता को पहचान ही नहीं पा रहे। वे अब तक शिविर में उनकी देखभाल कर रहीं समाजसेविकाओं के पास जाने की जिद कर रहे हैं। चार महीने पहले ट्रम्प प्रशासन ने अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में देश की दक्षिण पश्चिम-सीमा पर 2000 बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति पर बाद में दबाव बढ़ा और उन्होंने बच्चों को अलग रखने का फैसला वापस लिया।

मिर्सी अल्बा लोपेज (31) ने कहा, "मेरा तीन साल का बेटा करीब चार महीने बाद मेरी गोद में आया, लेकिन वह मुझे पहचान ही नहीं पाया और रोने लगा। कोर्ट में भी वह समाजसेविका के पास जाने की जिद करता रहा।" ऐसा ही हाल मिल्का पाब्लो (35) का है। उन्होंने रोते हुए कहा, "मेरी तीन साल की बेटी डार्ली मुझे देखकर बेहद डर गई और मुझसे दूर जाने की कोशिश करने लगी। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी और शरणार्थी शिविर में उसकी देखभाल करने वाली महिला को आवाज लगाने लगी।"

शरणार्थियों को पहननी होगी डिवाइस : प्रवासी मामलों के कार्यकारी सहायक निदेशक मैथ्यू अलबेंस ने बताया कि अब गैर-कानूनी रूप से अमेरिका में रह शरणार्थियों को पुलिस के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके साथ ही उनको पैर में पहनने वाली डिवाइस दे दी जाएगी। इससे उन पर नजर रखना आसान होगा।

डेनिस इसपिनोजा को हिरासत में लेने के 20 दिन बाद मिली थी अपनी 13 महीने की बेटी। डेनिस इसपिनोजा को हिरासत में लेने के 20 दिन बाद मिली थी अपनी 13 महीने की बेटी।
बेटे ने नहीं पहचाना तो रोने लगी थीं मिर्सी अल्बा लोपेज। बेटे ने नहीं पहचाना तो रोने लगी थीं मिर्सी अल्बा लोपेज।
शरणार्थी परिवारों को पैर में एक डिवाइस पहननी होगी। शरणार्थी परिवारों को पैर में एक डिवाइस पहननी होगी।