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स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के गलत फोटो से बनाया डाक टिकट, अमेरिकी डाक विभाग पर लगा 24 करोड़ रुपए का जुर्माना

असली फोटो की जगह रेप्लिका की तस्वीर लगा दी गई थी, कॉपीराइट के उल्लंघन में कोर्ट ने लगाई पेनाल्टी।

Danik Bhaskar | Jul 07, 2018, 11:26 AM IST
डाक टिकट पर लगी नकली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की तस्वीर रेप्लिका बनाने वाले मूर्तिकार ने पहचानी थी। डाक टिकट पर लगी नकली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की तस्वीर रेप्लिका बनाने वाले मूर्तिकार ने पहचानी थी।

- मूर्तिकार ने नकली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी में चेहरा अपनी सास की तरह बनाया था

न्यूयॉर्क. डाक टिकट में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के गलत फोटो का इस्तेमाल करने पर अमेरिकी डाक विभाग पर 35 लाख डॉलर (करीब 24 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगा है। ये टिकट 2011 में छपे थे। फेडरल कोर्ट ने फोटो गलत पाए जाने पर कॉपीराइट एक्ट के तहत जुर्माना लगाया।
डाक टिकट में जिस फोटो का इस्तेमाल हुआ वह इंटरनेट से निकाली गई थी। दरअसल, यह प्रतिमा लेडी लिबर्टी की रेप्लिका (नकल) थी। इसे लास वेगास में रहने वाले मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने बनाया था। रॉबर्ट को इस डाक टिकट के बारे में 2013 में पता चला। अपनी बनाई मूर्ति की तस्वीर का बगैर इजाजत डाक टिकट में इस्तेमाल होने पर उन्होंने कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। फेडरल कोर्ट ने उनकी याचिका मंजूर की और डाक विभाग को जुर्माना देने का आदेश दिया।

दोनों मूर्तियों में अंतर : असली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 46 मीटर है, जबकि रेप्लिका इसकी आधी है। असली मूर्ति तांबे से बनी है। नकली मूर्ति मिट्‌टी, एक्रेलिक कोटिंग और फोम से बनी है। मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने इसका चेहरा अपनी सास के चेहरे की तरह बनाया था।

मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने यह रेप्लिका बनाई थी। मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने यह रेप्लिका बनाई थी।
न्यूयॉर्क हार्बर में लगी असली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी तांबे से बनी है। न्यूयॉर्क हार्बर में लगी असली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी तांबे से बनी है।