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डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता 16 जुलाई को, फिनलैंड के हेलसिंकी में होगी मुलाकात

2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के बाद दोनों देशों के बीच ये पहली मुलाकात है।

Danik Bhaskar | Jun 28, 2018, 07:27 PM IST
ट्रम्प और पुतिन इससे पहले जी-20 ट्रम्प और पुतिन इससे पहले जी-20

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन 16 जुलाई को पहली बार द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता फिनलैंड के हेलसिंकी में मुलाकात करेंगे। अमेरिका और रूस की सरकारों ने गुरुवार सुबह एक साथ इसका ऐलान किया। ट्रम्प और पुतिन के बीच पहले भी दो बार मुलाकात हो चुकी है। लेकिन, ये मुलाकातें 2017 में जी-20 समिट और एशिया पैसेफिक इकोनॉमिक कॉपरेशन के दौरान हुई थीं। हेलसिंकी में होने वाली मुलाकात दोनों नेताओं के बीच पहली वास्तविक द्विपक्षीय वार्ता होगी।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका और रूस दोनों देशों के नेता राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। रूस के रक्षा विभाग क्रेमलिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंधों और रिश्तों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी। इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर जॉन बोल्टन रूस दौरे पर गए थे। यहां उन्होंने पुतिन और रक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की थी।

अमेरिकी चुनावों पर चर्चा संभव: रूस पर 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में दखल का आरोप लगा। एफबीआई इसकी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच ये मुद्दा भी उठ सकता है। इसके अलावा इसी साल मार्च में ब्रिटेन ने रूस पर अपने जासूस को जहर देने का आरोप लगाया था। दरअसल, ब्रिटेन का कहना है कि ब्रिटेन में किसी नागरिक पर हमला, उसकी स्वायत्तता पर हमला है। इन आरोपों के बाद ब्रिटेन समेत कई देशों ने रूस के राजनयिकों को अपने देश से निकाल दिया था। इनमें अमेरिका भी शामिल था। हालांकि, मॉस्को ने कहा था कि इस हमले में उसका कोई रोल नहीं है। आरोपों पर तल्खी इतनी बढ़ी की रूस ने भी कई देशों के राजनयिकों को अपने देश से निकाल दिया था।

यूक्रेन-सीरिया के मुद्दे पर आमने-सामने: अमेरिका और रूस यूक्रेन और सीरिया मुद्दे पर आमने-सामने हैं। रूस ने 2015 में क्रीमिया को यूक्रेन से छीन लिया था। जिसका अमेरिका ने विरोध किया था। उधर, सीरियाई गृहयुद्ध में रूस के दखल की भी अमेरिका खिलाफत कर रहा है। इसको लेकर अमेरिका 2014 में रूस पर प्रतिबंध लगा चुका है।