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मालदीव के पास चीनी युद्धपोतों की तैनाती की बात गलत- इंडियन नेवी

हिंद महासागर में चीनी युद्धपोतों की तैनाती की खबरों को भारतीय नौसेना ने गलत बताया है।

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2018, 07:01 PM IST
चीनी मीडिया में दावा किया गया था कि हिंद महासागर में एक्टिविटी बढ़ाकर चीन भारत को मालदीव संकट से दूर रहने का मैसेज देना चाहता है। - फाइल चीनी मीडिया में दावा किया गया था कि हिंद महासागर में एक्टिविटी बढ़ाकर चीन भारत को मालदीव संकट से दूर रहने का मैसेज देना चाहता है। - फाइल

नई दिल्ली. हिंद महासागर में चीनी जंगी जहाजों की तैनाती की खबरों को इंडियन नेवी ने गलत बताया है। इंडियन नेवी ने कहा कि हिंद महासागर में जिन चीनी जहाजों को देखा गया था, उन पर हमारी नजर थी और इनका मालदीव संकट से कोई लेना देना नहीं है। बता दें कि मालदीव में इमरजेंसी के चलते राजनीतिक संकट पैदा हो गए थे। चीनी रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मालदीव पर भारत के रुख को देखते हुए हिंद महासागर में चीनी जंगी जहाजों की एक्टिविटी बढ़ी है। वहीं मालदीव में इमरजेंसी मंगलवार को खत्म होनी थी। लेकिन, सरकार ने इसे 30 दिन और बढ़ा दिया है।

चीनी मीडिया की रिपोर्ट में क्या थे दावे?
- चीनी मीडिया में दावा किया गया था कि हिंद महासागर में चीनी जंगी जहाजों की एक्टिविटी बढ़ी है। चीन ऐसा करके भारत को मैसेज देना चाहता है कि वह मालदीव संकट से दूर रहे।
- एजेंसी ने चीनी मीडिया के हवाले से कहा था कि हिंद महासागर में चीन ने कुछ जंगी जहाज, 30 हजार टन वजनी एक एम्फीबियस (पानी और जमीन पर चलने वाला शिप) और तीन टैंकर की तैनाती की है।

इंडियन नेवी ने क्या कहा?
- इंडियन नेवी ने कहा कि हिंद महासागर रीजन में 5 जंगी जहाजों और एक लैंडिंग प्लेटफाॅर्म डॉक देखे गए थे। ये रुटीन तैनाती पर थे। ये जहाज संडा स्ट्रेट से आए थे और लॉम्बोक की तरफ वापस चले गए।
- नौसेना ने कहा कि जहां से ये जहाज गुजरे थे वह जगह भारत जमीन से करीब 2500 समुद्री मील की दूरी पर है जो काफी ज्यादा होती है।
- इंडियन नेवी के पीआरओ डीके शर्मा ने कहा कि हिंद महासागर में नेवी के पास मजबूत सर्विलान्स सिस्टम और साफ समुद्री इलाका है।
- बता दें कि मालदीव हिंद महासागर के अहम बिजनेस रुट पर है। चीन मालदीव पर हमेशा दखल देता रहा है। मालदीव में चल रहे विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच रिश्ते सामान्य नहीं माने जा रहे हैं।


मालदीव हमारे और भारत के बीच समस्या नहीं- चीन
- चीन के एक अधिकारी ने पिछले दिनों कहा था, "मालदीव हमारे और भारत के बीच विवाद का मुद्दा नहीं बनेगा। हम ये नहीं चाहते हैं कि मालदीव की समस्या चीन और भारत के बीच समस्या बन जाए।" अधिकारी के मुताबिक- चीन इस मसले पर लगातार भारत के संपर्क में रहा।
- चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मालदीव की आजादी और संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

मालदीव में क्यों हुआ राजनैतिक संकट
- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत 9 लोगों के खिलाफ दायर एक मामले को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने इन नेताओं की रिहाई के आदेश भी दिए थे।
- मालदीव के मौजूदा प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन ने 15 दिन की इमरजेंसी लगा दी और चीफ जस्टिस को अरेस्ट करवा दिया। यामीन ने गिरफ्तारी पर सफाई दी कि चीफ जस्टिस उनके खिलाफ साजिश रच रहे थे और जांच के लिए इमरजेंसी लगाई गई है। बता दें कि अब्दुल्ला यामीन चीन के करीबी माने जाते हैं।

इंडियन नेवी के मुताबिक, हिंद महासागर में 5 वॉर शिप्स और एक लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक देखे गए थे। ये रुटीन तैनाती पर थे। -फाइल इंडियन नेवी के मुताबिक, हिंद महासागर में 5 वॉर शिप्स और एक लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक देखे गए थे। ये रुटीन तैनाती पर थे। -फाइल
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चीनी मीडिया में दावा किया गया था कि हिंद महासागर में एक्टिविटी बढ़ाकर चीन भारत को मालदीव संकट से दूर रहने का मैसेज देना चाहता है। - फाइलचीनी मीडिया में दावा किया गया था कि हिंद महासागर में एक्टिविटी बढ़ाकर चीन भारत को मालदीव संकट से दूर रहने का मैसेज देना चाहता है। - फाइल
इंडियन नेवी के मुताबिक, हिंद महासागर में 5 वॉर शिप्स और एक लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक देखे गए थे। ये रुटीन तैनाती पर थे। -फाइलइंडियन नेवी के मुताबिक, हिंद महासागर में 5 वॉर शिप्स और एक लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक देखे गए थे। ये रुटीन तैनाती पर थे। -फाइल
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