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नीरव मोदी की गिरफ्तारी पर फैसला लेने के लिए हॉन्गकॉन्ग स्वतंत्र: चीन

विदेश मंत्रालय ने 23 मार्च को हॉन्गकॉन्ग प्रशासन से नीरव मोदी की गिरफ्तारी की अपील की थी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 09, 2018, 03:58 PM IST

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    चीन हॉन्गकॉन्ग को अपना हिस्सा मानता है, वहां एक देश दो सिस्टम के नियम हैं। -फाइल

    बीजिंग. पीएनबी फ्रॉड केस में आरोपी नीरव मोदी को हॉन्गकॉन्ग से अरेस्ट करने की भारत सरकार की अपील पर सोमवार को चीन की तरफ से जवाब आया। चीन ने कहा है कि हॉन्गकॉन्ग नीरव मोदी को स्थानीय कानून और भारत से आपसी न्यायिक सहयोग समझौते के तहत गिरफ्तार करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। बता दें कि भारत ने 23 मार्च को हॉन्गकॉन्ग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन (सरकार) और चीन से नीरव मोदी को अरेस्ट करने की अपील की थी। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने पिछले हफ्ते राज्यसभा को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि अरेस्ट के बाद नीरव के औपचारिक प्रत्यर्पण की अपील की जाएगी।

    हॉन्गकॉन्ग में लागू है एक देश दो सिस्टम का नियम
    - हॉन्गकॉन्ग पर लंबे वक्त तक ब्रिटेन का राज रहा, जिसकी वजह से आजादी के बाद हॉन्गकॉन्ग को अलग स्वायत्त देश का दर्जा मिला। हालांकि, ब्रिटिश के जाने के बाद चीन ने हॉन्गकॉन्ग पर दावा पेश किया, जिसका विरोध होता है। इसलिए चीन और हॉन्गकॉन्ग प्रशासन के बीच स्वायत्ता को लेकर समझौता है।

    - यहां दो सिस्टम- ‘हॉन्गकॉन्ग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन’ (एचकेएसएआर) और ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ साझा तौर पर काम करते हैं। स्पेशल स्टेटस समझौते के तहत हॉन्गकॉन्ग का चीन से अलग पॉलिटिकल और इकोनॉमिक सिस्टम है।

    रद्द हो चुके हैं नीरव मोदी-मेहुल चौकसी के पासपोर्ट
    - 13 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर केस दर्ज किए थे। वीके सिंह ने बताया कि इसके बाद विदेश मंत्रालय ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था हालांकि, 23 फरवरी तक जवाब ना आने के बाद उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया।

    अब तक नीरव-मेहुल के ठिकानों पर 251 छापे
    - ईडी देश भर में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के ठिकानों पर 251 छापे मार चुकी है। इसमें करीब 7,638 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ लुकआउट/ब्लू कॉर्नर नोटिस के साथ गैरजमानती वारंट भी जारी हो चुके हैं। दोनों के पासपाेर्ट रद्द कर दिए गए हैं।

    कब और कैसे हुआ फ्रॉड?
    - फ्रॉड की शुरुआत पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए किया गया। फर्जी एलओयू तैयार कर 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

    खुलासा कब हुआ?
    - फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी। बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। पीएनबी फ्रॉड अब करीब 13 हजार करोड़ तक जा पहुंचा है।

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    भारत ने 23 मार्च को हॉन्गकॉन्ग और चीन से नीरव मोदी को गिरफ्तार करने की अपील की थी। -फाइल
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