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खालिस्तान समर्थकों के विरोध और भारत की एकता के सपोर्ट में कनाडा की संसद में प्रस्ताव लाएगा विपक्ष

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सहयोगी ने भारत पर लगाया था खालिस्तान समर्थक जसपाल अटवाल को वीजा देने का आरोप।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:16 PM IST
कनाडा के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर ने भारत पर ट्रूडो का दौरा नाकाम करने के लिए अटवाल को वीजा देने का आरोप लगाया था। कनाडा के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर ने भारत पर ट्रूडो का दौरा नाकाम करने के लिए अटवाल को वीजा देने का आरोप लगाया था।

ओटावा. कनाडा की संसद में खालिस्तानी समर्थक जसपाल अटवाल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में विपक्ष खालिस्तान समर्थकों की निंदा और भारत की एकता के सपोर्ट में संसद में एक प्रस्ताव लाने जा रहा है। गुरुवार को विपक्ष ने ट्रूडो को नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर के बयान का समर्थन करने के लिए भी घेरा। दरअसल, कनाडा के NSA ने खालिस्तान समर्थक जसपाल अटवाल को वीजा दिए जाने के पीछे भारत सरकार की गहरी साजिश का दावा किया था, जिस पर ट्रूडो ने भी उनका समर्थन किया था। विपक्ष ने इन आरोपों पर ट्रूडो से सबूत पेश करने की मांग की है।

विपक्ष ने क्या कहा?

- विपक्षी कन्जर्वेटिव पार्टी के नेता एंड्रू शीर ने भारत पर लगाए गए आरोपों को बकवास बताते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री साजिश के दावों पर कोई सबूत भी देंगे?
- विपक्षी पार्टी इस मामले पर संसद में प्रस्ताव भी लाएगी। इसमें खालिस्तान समर्थकों का विरोध और भारत की एकता को सपोर्ट किया गया

प्रस्ताव क्या कहता है?

1) “संसद कनाडाई सिखों और भारतीय मूल के कनाडाई लोगों के योगदान की अहमियत समझती है।”

2) “आतंकी गतिविधियों और खालिस्तानी अतिवाद का विरोध करती है। साथ ही उन लोगों का विरोध करती है, जिन्होंने भारत में आजाद खालिस्तान की मांग के लिए हिंसा का सहारा लिया हो।”
3) “संसद भारत की एकता के साथ है।”

ट्रूडो ने क्या कहा था?

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साजिश के आरोपों पर ट्रूडो ने कहा, “जब हमारे सीनियर डिप्लोमैट और सिक्युरिटी अफसर देश के नागरिकों से कुछ कह रहे हैं तो वो जानते हैं कि इसमें कुछ सच्चाई हो सकती है।''
- साथ ही उन्होंने कहा, “यह पिछली कंजर्वेटिव (विपक्ष पार्टी) सरकार ही थी, जिसने पब्लिक सर्विस में हर संभव रुकावटें पैदा करने की कोशिश की।”

भारत ने आरोपों को बताया निराधार

- भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने कनाडा की संसद में हाल की चर्चा को देखा है। हम साफ कहना चाहते हैं कि चाहे वह मुंबई में अटवाल की मौजूदगी हो या नई दिल्ली में डिनर में उसे न्योता दिए जाने का मामला हो, भारत की सुरक्षा एजेंसियों का अटवाल की मौजूदगी से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की बातें आधारहीन हैं और हमें कतई मंजूर नहीं हैं।


ट्रूडो ने अटवाल को बुलाने पर क्या सफाई दी थी?

- अटवाल को स्पेशल डिनर में बुलाने के विवाद पर ट्रूडो ने कहा था, "हमने इस मसले को गंभीरता से लिया। उसे कोई भी न्योता नहीं दिया चाहिए था। जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, कनाडा के हाईकमीशन ने इन्विटेशन रद्द कर दिया। पार्लियामेंट के एक मेंबर ने उसे पर्सनली बुलाया था।''
- कनाडा के पीएमओ ने कहा था, "यह साफ कर देना अहम है कि वह (अटवाल) पीएम (ट्रूडो) के ऑफिशियल डेलिगेशन का हिस्सा नहीं था, न ही उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन्वाइट किया था।"

किस-किस के साथ दिखा था अटवाल?

- मुंबई के एक इवेंट में अटवाल ट्रूडो की पत्नी सोफिया के साथ नजर आया। एक अन्य फोटो में वह ट्रूडो के मंत्री अमरजीत सोही के साथ भी दिखाई दिया था।
- तस्वीरें सामने आने पर विवाद हुआ तो कनाडा के सांसद रणदीप एस. सराई ने अटवाल को मुंबई के इवेंट में बुलाने की जिम्मेदारी ली थी।

कौन है जसपाल अटवाल?

- जसपाल अटवाल खालिस्तान समर्थक रहा है। वह बैन किए गए इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन में काम करता था।
- इस संगठन को 1980 के दशक की शुरुआत में कनाडा सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया था।
- अटवाल को पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह सिद्धू और तीन अन्य लोगों को 1986 में वैंकूवर आईलैंड में जानलेवा हमला करने के केस में दोषी ठहराया गया था।
- जसपाल उन चारों लोगों में शामिल था, जिन्होंने सिद्धू की कार पर घात लगाकर हमला किया था और गोलियां चलाई थीं। हालांकि, सिद्धू ने आरोपों से इनकार किया था।
- इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था।

क्या है खालिस्तान का विवाद?

- पंजाब में कुछ लोगों ने 1980 के दशक में खालिस्तान नाम से अलग देश बनाने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने भारत विरोधी हिंसक आंदोलन किए। 1984 में भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर में घुसकर वहां छिपे खालिस्तान सपोर्टर्स पर कार्रवाई की। इसके बाद धीरे-धीरे यह आंदोलन खत्म हो गया।

मुंबई के एक इवेंट में जसपाल अटवाल ट्रूडो की पत्नी सोफिया के साथ नजर आया था। -फाइल मुंबई के एक इवेंट में जसपाल अटवाल ट्रूडो की पत्नी सोफिया के साथ नजर आया था। -फाइल