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आइंस्टीन का 42 की उम्र में लिखा लव लेटर 4 लाख रु. में बिका, अपनी बहन की पड़ोसी को पसंद करते थे

उस वक्त आइंस्टीन की उम्र 42, जबकि पिकिनी की उम्र 22 साल थी।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 04:58 AM IST
थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी पर लिखे नोट को दिखाता एक व्यक्ति। थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी पर लिखे नोट को दिखाता एक व्यक्ति।

येरूशलम. महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का 97 साल पहले लिखा एक लव लेटर इजरायल की राजधानी येरूशलम में नीलाम किया गया। खत की कीमत 4 लाख रुपए लगी। आइंस्टीन ने ये लव लेटर 1921 में अपने से 20 साल छोटी इटली की एक वैज्ञानिक एलिजाबेट्‌टा पिकिनी को लिखा था। उस वक्त आइंस्टीन की उम्र 42, जबकि पिकिनी की उम्र 22 साल थी। पिकिनी आइंस्टीन की बहन की पड़ोसी थीं। इटली के फ्लोरेंस शहर में जिस बिल्डिंग में आइंस्टीन की बहन रहती थीं, उसी बिल्डिंग में पिकिनी भी रहती थीं।

आइंस्टीन ने क्या लिखा है इस खत में?

ये खत लिखने के कुछ दिन पहले आइंस्टीन अपनी बहन से मिलने फ्लोरेेंस गए थे। वहीं वे पिकिनी से मिले, जो खुद भी वैज्ञानिक थीं। आइंस्टीन पिकिनी से काफी आकर्षित हुए और वापस अमेरिका जाकर उन्हें खत लिखा- ‘ये खत एक वैज्ञानिक शोधकर्ता के लिए, जिनके साथ मैं 2 दिन तक एक दोस्त की तरह रहा।’ आइंस्टीन ने इस खत में पिकिनी से मिलने की इच्छा जताई थी। हालांकि, पिकिनी ऐसे मशहूर व्यक्ति से मिलने में हिचकिचा रही थीं। बाद में पिकिनी ने आइंस्टीन का प्रपाेजल खारिज कर दिया था।

थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी पर लिखा नोट भी 67 लाख रु. में नीलाम

आइंस्टीन के लव लेटर के साथ ही ‘थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी’ पर लिखा उनका एक नोट भी नीलाम किया गया। 1928 में लिखा ये नोट 67 लाख रुपए में नीलाम हुआ। थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी में आइंस्टीन ने भौतिक विज्ञान के नियमों और प्रकाश की गति पर शोध किए थे।

लेटर आज लिखते तो मी-टू कैंपेन के शिकार होते आइंस्टीन- नीलामी कराने वाला

नीलामी कराने वाले संस्थान के मुख्य अफसर गेल वेनर ने बताया, "लेटर में कुछ ऐसी बातें भी लिखी हैं कि अगर आइंस्टीन ने ये आज लिखा होता तो विवाद भी हो सकता था।" दरअसल मी-टू कैंपेन 2017 में दुनिया भर में लॉन्च हुआ था। इसके तहत हर उस महिला ने अपनी आवाज उठाई थी, जो कभी-न-कभी यौन उत्पीड़न की शिकार हुई हो। मी-टू कैंपेन के बाद कई प्रभावशाली पुरुष भी आरोप के घेरे में आ गए थे। इसी कैंपेन का जिक्र करते हुए गेल वेनर ने कहा, "इन दिनों चल रहे मी-टू कैंपेन के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे। अगर ऐसा कैंपेन 1921 में चल रहा होता, तो यकीनन इस लेटर के लिए आइंस्टीन आरोपी होते।"

आइंस्टीन का लव लेटर। आइंस्टीन का लव लेटर।
आइंस्टीन को ‘थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी’ के लिए भी जाना जाता है। आइंस्टीन को ‘थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी’ के लिए भी जाना जाता है।