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ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे का आरोप- अपने जासूस को मारने के लिए रूस ने दिया जहर, मंगलवार तक मांगा जवाब

ब्रिटेन के विल्टशर स्थित सैलिसबरी सिटी सेंटर में बेहोशी की हालत में मिला था पूर्व रूसी जासूस स्क्रिपल और उसकी बेटी।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 05:52 PM IST
ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में अपने स्टेटमेंट में रूस पर आरोप लगाए। ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में अपने स्टेटमेंट में रूस पर आरोप लगाए।

लंदन. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सोमवार को रूस पर अपने जासूस को मारने के लिए खतरनाक नर्व एजेंट (जहर) देने का आरोप लगाया। मे ने इस सिलसिले में रूस से मंगलवार तक जवाब मांगा है। अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि ये भड़काऊ एक्शन साफ तौर पर रूस का काम है और इसके गंभीर नतीजे होंगे। हालांकि, मॉस्को ने दोनों के दावों को बेबुनियाद करार दिया। बता दें कि पिछले रविवार रूस का एक 66 वर्षीय पूर्व जासूूस सर्गेई स्क्रिपल अपनी 33 साल की बेटी यूलिया के साथ विल्टशर के सैलिसबरी सिटी सेंटर पर बेहोशी की हालत में मिला था। हॉस्पिटल में भर्ती होने के बावजूद दोनों की हालत गंभीर है।


जासूस को मारने के लिए दिया मिलिट्री ग्रेड का जहर

- मे ने सोमवार को जासूस की गंभीर हालत के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने संसद को बताया कि जासूस को मारने के लिए जिस जहर का इसतेमाल हुआ वो रूस का बनाया हुआ एक मिलिट्री ग्रेड नर्व एजेंट था। ये जहर रूस के खतरनाक नोविचोक जहर में से एक है।
- मे ने कहा, “रूस ने जासूस को को जहर देकर या तो सीधे तौर पर ब्रिटेन के खिलाफ एक्शन लिया है या फिर रूसी सरकार के विनाशकारी नर्व एजेंट (जहर) की खेप पर अब किसी और का नियंत्रण है।”
- ब्रिटिश पीएम ने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने रूस के अम्बेस्डर्स को तलब कर दोनों में से किसी एक संभावना पर जवाब मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर रूस की तरफ से मंगलवार तक कोई भरोसे लायक जवाब नहीं आता है तो इसे मॉस्को की तरफ से ब्रिटेन के खिलाफ गैरकानूनी बल प्रयोगा माना जाएगा। इसके बाद ब्रिटेन रूस पर पहले से ज्यादा कड़ी पाबंदियां लगाएगा।


जहर के असर में ब्रिटेन की महिला पुलिसकर्मी

- “जहर देने की घटना ब्रिटेन के खिलाफ गलत और लापरवाही भरी हरकत थी। इससे कई मासूम नागरिकों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।”
- ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, जासूस स्क्रीपल और उसकी बेटी यूलिया को बेहोशी से उठाने गए डिप्टी सार्जेन्ट निक बेली भी जहर के असर में हैं और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

अमेरिका ने किया ब्रिटेन का समर्थन
- अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने सोमवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री बोरिस जॉन्सन से फोन पर बात की। उन्होंने ब्रिटेन के आरोपों को सही बताते हुए इस मामले में समर्थन की बात कही।
- टिलरसन ने कहा, “जो भी इस अपराध के जिम्मेदार हैं उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हम ब्रिटेन के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
- उन्होंने रूस के इस कदम को आक्रामक बताते हुए कहा कि अमेरिका भी ऐसे मामलों को लेकर चिंतित है।

मामले पर रूस का पक्ष

- रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने थेरेसा मे के बयान को ब्रिटिश संसद में चल रहा सर्कस बताया। मारिया ने कहा कि इसके नतीजे जाहिर हैं- ये ब्रिटेन का एक और उकसाने वाला राजनीतिक अभियान है।
- वहीं, रूस के फेडरेशन काउंसिल फॉर डिफेंस एंड सिक्युरिटी कमेटी के डिप्टी चेयरमैन येवजेनी सेरेब्रेनीकोव ने मे के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
- आरोपों पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिटिश मीडिया चैनल बीबीसी से कहा था कि पहले इस मामले की तह तक जाइए, उसके बाद ही हम इसपर चर्चा करेंगे।

मे ने रूस से मंगलवार तक जवाब मांगा है। मे ने रूस से मंगलवार तक जवाब मांगा है।