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दावोस समिट: 47 साल में पहली बार WEF की बागडोर 7 महिलाओं के हाथों में, भारत की चेतना सिन्हा भी शामिल

स्विट्जरलैंड के दावोस में पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बागडोर 7 महिलाओं के हाथों में होगी।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:39 PM IST
चेतना गाला सिन्हा महाराष्ट्र चेतना गाला सिन्हा महाराष्ट्र

दावोस. स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) सोमवार देर रात से शुरू हो रहा है। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। सबसे रोचक बात है कि इसके 47 साल के इतिहास में पहली बार सम्मेलन की अध्यक्षता की बागडोर 7 महिलाओं को सौंपी गई है। इनमें एक यूनियन बॉस, एक न्यूक्लियर फिजिसिस्ट, दो कंपनी हेड, एक फाइनेंशियल ऑर्गनाइजेशन की लीडर, एक इकोनॉमिस्ट और एक प्रधानमंत्री (नार्वे) शामिल हैं। भारत की चेतना गाला सिन्हा भी जिम्मेदारी मिली है। वे माणदेसी महिला सहकारी बैंक की चेयरमैन हैं। बता दें कि दावोस फोरम की शुरुआत 1971 में हुई थी।

इन सात महिलाओं को मिली है जिम्मेदारी

1) चेतना गाला सिन्हा, चेयरमैन, माणदेसी महिला सहकारी बैंक

2) क्रिस्टिन लेगार्ड, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (आईएमएफ)
3) गिनी रोमेटी, सीईओ, आईबीएम
4) एर्ना सोलबर्ग, नॉर्वे की प्रधानमंत्री
5) शैरन बरो, जनरल सेक्रेटरी, आईटीयूसी
6) फैबिला जिओनोटी, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईआरएन
7‌) ईजाबेल कोचर, सीईओ, एंजी

फोरम ने ये फैसला क्यों लिया?

- दरअसल, इस मंच पर बीते कई सालों से पुरुषों की तुलना में महिलाओं की अनदेखी हो रही थी। इस ग्लोबल फोरम की अध्यक्षता से या तो महिलाओं को नजरअंदाज किया रहा था या सिर्फ खानापूर्ति की जा रही थी, जिस वजह से डब्ल्यूईएफ की कड़ी आलोचनाएं हो रही थीं।
- इस पर WEF की ओर से कहा गया- "डब्ल्यूईएफ में महिलाओं की अध्यक्षता की मांग की जा रही थी और हमें भी लगा कि इस बार क्यों न महिलाओं को ही मंच सौंप दिया जाए। फिर क्या था हमने फैसला ले लिया।"

कौन हैं चेतना सिन्हा?

- दावोस रवाना होने से पहले चेतना ने कहा, ''ग्लोबल इवेंट में भारतीय महिलाओं को रिप्रेजेंट करना बेहद गर्व की बात है। पहली बार महिलाओं को WEF में जिम्मेदारी दी गई है। दुनियाभर में महिलाओं को ज्यादा सम्मान और मौके दिए जाने की जरूरत है।''
- चेतना सिन्हा देश में महिलाओं के द्वारा महिलाओं के लिए चलाए जा रहे पहले ग्रामीण सहकारी महिला बैंक की फाउंडर हैं। उन्होंने 1997 में इसकी शुरुआत की थी। माणदेसी महिला सहकारी बैंक महिलाओं को सिलाई-बुनाई सिखाने और स्कूल जाने वाली लड़कियों को साइकिल खरीदने के लिए लोन देती है।
- इतना ही नहीं इसमें छोटे निवेशक 10 या 20 रुपए जैसी मामूली रकम भी जमा कर सकते हैं। वहीं, छोटे करोबारियों को 100 या 200 रुपए का लोन भी ले सकते हैं।

मोदी बुधवार को फोरम में स्पीच देंगे

- दावोस समिट के नाम से मशहूर डब्ल्यूईएफ की 48वीं एनुअल मीट 23 से 26 जनवरी तक चलेगी। लेकिन इसका इनॉगरेशन 22 जनवरी को भारतीय डिशेज के तड़के और योग के साथ होगा। मोदी 23 जनवरी को संबोधित करेंगे।
- चार दिनों तक समिट में कारोबार, राजनीति, कला, शिक्षा और समाजिक कामकाज से जुड़ी शख्सियतें शिरकत करेंगी।