Hindi News »World News »International News» Maldives Political Crisis: Supreme Court Withdraws Releasing Order Of 9 Opposition Party Leaders - मालदीव राजनीतिक संकट, SC ने वापस लिया 9 विपक्षी नेताओं की रिहाई का आदेश

संकट से आजादी में मदद करे भारत: मालदीव के पूर्व प्रेसिडेंट; चीन ने दखल ना देने की दी थी वॉर्निंग

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 07, 2018, 10:20 PM IST

मालदीव में तीन साल के बाद 15 दिन की इमरजेंसी लगाई गई है।
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    विपक्षी नेताओं की रिहाई नहीं किए जाने की वजह से मालदीव में लोग विरोध कर रहे हैं।

    माले. मालदीव में जारी राजनीतिक संकट के बीच निर्वासित एक्स-प्रेसिडेंट मोहम्मद नशीद ने एक बार फिर से भारत से मांगी है। नशीद ने चीन की वॉर्निंग को नजरअंदाज करते हुए कहा कि भारत मालदीव को परेशानी से निकालने के लिए आगे आए। बता दें कि मंगलवार को ही चीन ने मालदीव में किसी बाहरी दखल विरोध किया था। चीन ने कहा था इससे देश के हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

    चीन के करीबी माने जाते हैं राष्ट्रपति यामीन

    - चीन ने मालदीव के इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी इन्वेस्टमेंट किया है। पाकिस्तान के बाद मालदीव दूसरा ऐसा देश है जिसके साथ चीन का फ्री ट्रेड एग्रिमेंट है। दोनों देशों में ये समझौता 2017 में हुआ था।
    - यामीन सरकार ने इस समझौते को लागू कराने के लिए संसद में काफी जल्दी दिखाई थी, जिसपर विपक्षी पार्टियों और भारत ने चिंता जताई थी।
    - चीन और राष्ट्रपति यामीन की बढ़ती करीबियों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि मालदीव में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है। ये चीन के भारत को घेरने के प्लान के तौर पर देखा जा रहा है।
    - बता दें कि यामीन चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट को भी समर्थन दे चुके हैं। इसके तहत चीन पोर्ट्स, रेलवे और सी-लेन्स के जरिए एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना चाहता है।

    सुप्रीम कोर्ट ने वापस लिए सांसदों की रिहाई के आदेश

    - मालदीव में इमरजेंसी के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद और दूसरे जज अली हमीद और पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के बाकी तीन जजों ने सरकार से टकराव का कारण बने 9 विपक्षी नेताओं की रिहाई के अपने आदेश को वापस ले लिया।

    - बता दें कि पुराने आदेश को सरकार ने मानने से इनकार कर दिया था। टकराव के बीच सोमवार को सरकार ने इमरजेंसी लगा दी थी। वहीं देश से बाहर रह रहे पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मौजूदा संकट से निपटने भारत से कूटनीतिक और सैन्य दखल देने की मांग की है।

    4 लाख आबादी, लेकिन भारत के लिए अहम
    - मालदीव की आबादी 4.15 लाख है। यह भारत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
    - अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से मालदीव, भारत के लिए अहम है।
    - चीन इसके डेवलपमेंट पर पैसे लगा रहा है। 2011 तक चीन की यहां एंबेसी भी नहीं थी, लेकिन अब यहां मिलिटरी बेस बनाना चाहता है।
    - राष्ट्रपति यामीन को चीन का करीबी माना जाता है। मालदीव अब चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है। इनके बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी हुए हैं।

    सेना को तैयार रख सकता है भारत
    - मालदीव में लागू इमरजेंसी के बीच माना जा रहा है कि भारत इस मामले में दखल देने के लिए अपनी सेना को तैयार रख सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है।
    - बता दें कि भारत पहले ही मालदीव के हालातों पर चिंता जाहिर कर चुका है। वहां रहने वाले भारतीयों को MEA की तरफ से वॉर्निंग भी जारी की जा चुकी हैं।

    कौन हैं अब्दुल गयूम?

    - गयूम मालदीव के 30 साल तक प्रेसिडेंट रहे हैं। वे 2008 में देश में लोकतंत्र की स्थापना होने के बाद तक राष्ट्रपति रहे। इसके बाद हुए चुनाव में मोहम्मद नशीद देश के पहले चुने हुए राष्ट्रपति बने थे।

    कौन हैं मोहम्मद नशीद?

    - मोहम्मद नशीद मालदीव के राष्ट्रपति रह चुके हैं। जब 2008 में मालदीव को लोकतंत्र घोषित किया गया था तब मोहम्मद नशीद लोकतांत्रिक रूप से चुने गए देश के पहले नेता थे।
    - हालांकि, 2015 में उन्हें आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
    - नशीद अभी ब्रिटेन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं और अपने राजनीतिक अधिकारों को बहाल करने की कोशिशों में लगे हैं। उनकी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी श्रीलंका से काम करती है।

    भारतीयों को हिदायत

    - बिगड़ते हालात देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने मालदीव में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इसके अलावा लोगों को फिलहाल, मालदीव ना जाने की सलाह भी गई है।

    क्या है मामला?
    - गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत 9 लोगों के खिलाफ दायर एक मामले को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने इन नेताओं की रिहाई के आदेश भी दिए थे।
    - कोर्ट ने राष्ट्रपति अब्दुल्ला की पार्टी से अलग होने के बाद बर्खास्त किए गए 12 विधायकों की बहाली का भी ऑर्डर दिया था।
    - सरकार ने कोर्ट का यह ऑर्डर मानने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते सरकार और कोर्ट के बीच तनातनी शुरू हो गई।
    - कई लोग राष्ट्रपति अब्दुल्ला के विरोध में सड़कों पर आए थे। विरोध देखते हुए सोमवार को देशभर में 15 दिन की इमरजेंसी का एलान कर दिया गया।

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    4.15 लाख की आबादी वाले मालदीव में ज्यादातर जनता मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के खिलाफ है।
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    राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में 15 दिन की इमरजेंसी लगाई है। -फाइल
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    इमरजेंसी लगाए जाने के बाद देश में अफसरों और नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है।
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    देश के पूर्व राष्ट्रपति गयूम (बाएं) सोमवार को अरेस्ट कर लिए गए। मोहम्मद नशीद (दाएं) देश के पहले चुने हुए राष्ट्रपति हैं, जो ब्रिटेन में रह रहे हैं। -फाइल
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Web Title: Maldives Political Crisis: Supreme Court Withdraws Releasing Order Of 9 Opposition Party Leaders - मालदीव राजनीतिक संकट, SC ने वापस लिया 9 विपक्षी नेताओं की रिहाई का आदेश
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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