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मोहम्मद अली जिन्ना के कुछ सीक्रेट, जो पाकिस्तानी भी शायद ही जानते हों

उनकी किसी भी बायोग्राफी में मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने और रोजे रखने की बात का जिक्र नहीं है।

Dainik Bhaskar

Dec 26, 2017, 02:04 PM IST
कायदे आजम के नाम से मशहूर मोहम्मद अली जिन्ना। कायदे आजम के नाम से मशहूर मोहम्मद अली जिन्ना।

इंटरनेशनल डेस्क. 25 दिसंबर को पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्ना का जन्मदिन था। कायदे आजम के नाम से मशहूर जिन्ना से जुड़ी कई बातों पर पाकिस्तानी जनता में आज भी कन्फ्यूज है। वहीं, जिन्ना के लाइफ से जुड़ी कई बातों से भी जनता को वाकिफ नहीं कराया गया।

जिन्ना के सेक्युलर होने पर कन्फ्यूजन?
- पाकिस्तान में एक खेमा जिन्ना को सेक्युलर शख्स बताता है। उसका कहना है कि जिन्ना पाकिस्तान को सेक्युलर मुल्क बनाना चाहते थे।
- कट्‌टरपंथी खेमा जिन्ना की शख्सियत को कट्‌टर मुस्लिम करार देता है। वह तर्क देता है कि मजहब के नाम पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान बनाया।

जिन्ना से जुड़ी ये बातें लोग शायद ही जानते हों...
- जिन्ना सेक्युलर माहौल में पले-बढ़े थे। मुस्लिम होते हुए भी उन्होंने कभी हज यात्रा नहीं की।
- उनकी किसी भी बायोग्राफी में मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने और रोजे रखने की बात का जिक्र नहीं है।
- उनकी वाइफ रतन बाई जिन्ना के लिए पोर्क बनाती थी। यह मीट इस्लाम में हराम माना जाता है। वो चेन स्मोकर थे। पार्टीज में शराब भी पी लेते थे।

आगे की स्लाइड्स में जानें, आखिर कौन-सी बातें हैं जिनसे बारे में पाकिस्तानी शायद ही जानते होंगे...

बहन फातिमा जिन्ना और बेटी के साथ कायदे आजम जिन्ना। बहन फातिमा जिन्ना और बेटी के साथ कायदे आजम जिन्ना।

मुस्लिम होकर नहीं की हज-यात्रा
मोहम्मद अली जिन्ना का जन्म इस्माइली शिया परिवार में हुआ था। इस्माइलियों को मुस्लिम नहीं माना जाता था। खुद जिन्ना ने भी कभी शिया मुस्लिम धर्म के अनुसार अपने को नहीं ढाला। वह सेक्युलर माहौल में पले-बढ़े। उन्होंने किसी भी तरह की इस्लामिक शिक्षा नहीं ली। उनकी किसी भी बायोग्राफी में रोज मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने की बात का जिक्र नहीं किया गया है। न ही रमजान में रोजे रखने की बात सुनी गई। यहां तक कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में हज यात्रा भी नहीं की थी। हालांकि, शिया मुस्लिम होते हुए भी जिन्ना को सुन्नी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया गया था।

लिंकन इन कॉलेज (फाइल फोटो) लिंकन इन कॉलेज (फाइल फोटो)

लंदन में पढ़ाई को लेकर बोला झूठ
जिन्ना के गुजराती व्यापारी पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए लंदन भेजा। उन्होंने वहां जाकर एक्टिंग और ड्रामा थिएटर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाद में पिता के विरोध के कारण उन्होंने इस शौक को सीने में दफ्न कर लिया। उन्होंने 'लिंकन इन' में दाखिला लेकर वकालत की पढ़ाई शुरू कर दी। जिन्ना ने बताया था कि उन्होंने 'लिंकन इन' को इसलिए चुना था, क्योंकि वहां कानून बनाने वाले दुनिया भर के महान लोगों की सूची लगी थी। इस सूची में पैगंबर मोहम्मद का नाम सबसे पहले था। यह बात उन्होंने झूठ बोली थी। 'लिंकन इन' कॉलेज में ऐसी कोई भी सूची नहीं थी।

मोहम्मद अली जिन्ना अपनी बहन फातिमा जिन्ना और कुछ दोस्तों के साथ। मोहम्मद अली जिन्ना अपनी बहन फातिमा जिन्ना और कुछ दोस्तों के साथ।

पारसी लड़की से की शादी

जिन्ना की पहली पत्नी की मौत बहुत कम उम्र में हुई थी। 42 साल की उम्र में उन्होंने 18 साल की पारसी लड़की से शादी की थी। हालांकि, लड़की की फैमिली इस फैसले के खिलाफ थी। दूसरी पत्नी रतनबाई एक उदारवादी महिला थी और स्मोकिंग उनकी आदत में शुमार था । वहीं, पब्लिक इवेंट्स में वो वेस्टर्न कल्चर से प्राभवित ट्रांसपेरेंट कपड़े भी पहनती थीं। यह सब इस्लाम के खिलाफ माना जाता है। इस बात के भी पक्के सबूत हैं कि जिन्ना की सेकंड वाइफ सूअर का मांस पकाती थी और जिन्ना उसे शौक से खाते थे।

मोहम्मद अली जिन्ना। मोहम्मद अली जिन्ना।

शराब-सिगरेट के शौकीन थे जिन्ना

जिन्ना चेन स्मोकर थे। यह आदत ताउम्र उनके जीवन से चिपकी रही। इसके अलावा पार्टियों में वह शराब भी पी लेते थे। एक बार पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति जिया उल हक पाकिस्तानी एम्बेस्डर से मिलने आए तो उन्होंने जिन्ना की शराब पीते हुए फोटो देखी। जिया ने एम्बेस्डर से फौरन फोटो हटाने के लिए कहा। पाकिस्तानी इतिहास में ऐसे कई मौके आए, जब नेताओं और अफसरों ने जिन्ना की छवि को बचाने की कोशिश की है।

Secrets related to the life of Muhammad Ali Jinnah

भारतीय मुसलमानों को बरगलाया

जिन्ना के बारे में ज्यादातर पाकिस्तानियों को गलतफहमी है कि वह पाकिस्तान में शरीया कानून लागू करना चाहते थे। हालांकि, यह सच बात है कि जिन्ना ने अपनी कुछ स्पीच में इसका जिक्र किया, लेकिन उस दौरान यहा बात भारतीय मुस्लिमों को बरगलाने के लिए कही गई थी, ताकि वे बढ़-चढ़कर इस मुहिम में हिस्सा लें। उन्होंने पाकिस्तान का पहला कानून मंत्री एक हिंदू नेता जोगेंद्र नाथ मंडल को बनाया। क्रूसेडर ब्रिटिश जनरल फ्रेंक वॉल्टर मेसेर्वी को पहला चीफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया था। यह वही जनरल था, जिसने फर्स्ट वर्ल्डवॉर में फलस्तीनियों के खिलाफ जंग लड़ी और भारत में हो रहे विद्रोही आंदोलन का दमन किया।

पाकिस्तानी मूल के कनैडियन राइटर तारिक फतेह। पाकिस्तानी मूल के कनैडियन राइटर तारिक फतेह।


'पूरी कौम के साथ किया ड्रामा'

'ज्यूज इज नॉट माय एनेमी' और 'चेजिंग मिराज' जैसी किताब लिखने वाले पाकिस्तानी राइटर तारेक फतेह की जिन्ना के बारे में अलग ही राय है। वे बताते हैं कि जिन्ना तो मादरे जुबान गुजराती और उर्दू तक अच्छी नहीं बोल सकते थे। वे पोर्क खाते थे और शराब पीते थे। उसने जोरेस्टियन महिला से शादी की थी। उन्हें तो चूड़ीदार पजामा, जूतियां और अचकन पहना कर एक पैकेज के रूप में पाकिस्तानी अवाम के सामने पेश करते हुए कहा गया कि ये हैं कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना।

 

जिन्ना सिर्फ वकील थे, राजनेता नहीं थे। न उनके पास कोई विजन था। उन्होंने कोई इस्लामिक तारीख नहीं पढ़ी थी। न उम्मयदों न बासियों का पता था। वो शिया होकर सुन्नी की नमाज पढ़ लिया करते थे। उससे भी बड़ा झूठ कि मरने के बाद उनकी जनाजे की रस्म शियाओं की तरह निभाई गई, लेकिन सार्वजनिक तौर पर सुन्नी रीति से दफनाया गया। दरअसल, पाकिस्तानी अवाम आज तक इस झूठ के साए में जी रही है।

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कायदे आजम के नाम से मशहूर मोहम्मद अली जिन्ना।कायदे आजम के नाम से मशहूर मोहम्मद अली जिन्ना।
बहन फातिमा जिन्ना और बेटी के साथ कायदे आजम जिन्ना।बहन फातिमा जिन्ना और बेटी के साथ कायदे आजम जिन्ना।
लिंकन इन कॉलेज (फाइल फोटो)लिंकन इन कॉलेज (फाइल फोटो)
मोहम्मद अली जिन्ना अपनी बहन फातिमा जिन्ना और कुछ दोस्तों के साथ।मोहम्मद अली जिन्ना अपनी बहन फातिमा जिन्ना और कुछ दोस्तों के साथ।
मोहम्मद अली जिन्ना।मोहम्मद अली जिन्ना।
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पाकिस्तानी मूल के कनैडियन राइटर तारिक फतेह।पाकिस्तानी मूल के कनैडियन राइटर तारिक फतेह।
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