Hindi News »International News »International» Palestine PM Rami Hamdallah Exclusive Interview In Bhaskar

DB INTERVIEW: फिलीस्तीनी PM बोले- मोदी वर्ल्ड लीडर हैं, खत्म करा सकते हैं इजरायल से हमारा झगड़ा

आज से नरेंद्र मोदी का फिलीस्तीन दौरा। उससे पहले वहां के प्रधानमंत्री डॉ. रामी हमदल्लाह का भास्कर में पहला इंटरव्यू।

मुकेश कौशिक | Last Modified - Feb 09, 2018, 08:35 AM IST

  • DB INTERVIEW: फिलीस्तीनी PM बोले- मोदी वर्ल्ड लीडर हैं, खत्म करा सकते हैं इजरायल से हमारा झगड़ा, international news in hindi, world hindi news
    +1और स्लाइड देखें
    फिलीस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. रामी हमदल्लाह ने भास्कर को दिया पहला इंटरव्यू। -फाइल

    नई दिल्ली.फिलीस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. रामी हमदल्लाह ने नरेंद्र मोदी को वर्ल्ड लीडर बताया। पीएम मोदी 9 फरवरी को फिलीस्तीन जाएंगे। किसी भी भारतीय पीएम का यह पहला दौरा होगा। इससे पहले दैनिक भास्कर से बातचीत में डॉ. हमदल्लाह ने कहा कि ''मोदी पश्चिम एशिया के नेताओं के बीच अपने अच्छे रसूख के बल पर इजरायल के साथ उनका झगड़ा खत्म करने में अहम रोल निभा सकते हैं। दावोस में मोदी ने क्लाइमेट चेंज और आर्थिक सहयोग को लेकर जॉइंट ग्लोबल एक्शन का आह्वान किया था। हम इसका समर्थन करते हैं।'' उन्होंने कहा कि हम जैसे विकासशील देशों के लिए भारत का आर्थिक और राजनीतिक ताकत के तौर पर उदय होना अच्छी बात है। साथ ही फिलीस्तीनी पीएम ने माना कि पाकिस्तान की रैली में आतंकी हाफिज सईद के साथ उनके एम्बेसडर का मंच साझा करना गैर-इरादतन भूल थी। इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।

    फिलीस्तीनी प्रधानमंत्री का भारत के किसी भी अखबार को दिए पहले इंटरव्यू के मुख्य अंश...

    Q. भारत ने इजरायल-फिलिस्तीन के बीच शांतिवार्ता की बहाली की इच्छा जताई है। आपकी क्या राय है?

    A.फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और स्वाधीनता का आदर करते हुए शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए फौरन अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की जरूरत है। भारत इसमें भूमिका निभा सकता है। हमारा विश्वास है कि कब्जा बरकरार रहने तक शांति नहीं आ सकती।

    Q. किसी भारतीय पीएम की यह पहली फिलीस्तीन यात्रा है। इस लिहाज से आपके लिए इसका क्या महत्व है?

    A. यह यात्रा भारत-फिलीस्तीन के बीच मजबूत रिश्तों का संकेत है। 15 नवंबर, 1988 को आजादी के एलान के बाद फिलीस्तीन को मान्यता देने वाले पहले देशों में भारत शामिल था। भारत और फिलीस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) के बीच संबंध 1974 में कायम हुए। पीएलओ ने 1975 में दफ्तर खोला और दोनों देशों के बीच 1980 में राजनयिक रिश्ते स्थापित हो गए। भारत ने 1996 में फिलिस्तीनी नेशनल अथॉरिटी में आॅफिस खोला। उम्मीद है कि मोदी की यात्रा से कारोबार, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और इन्फॉर्मेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।

    Q. भारत ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाने के प्रपोजल पर अमेरिका के खिलाफ जाकर यूएन में वोट किया। इसके बाद मोदी ने इजरायली पीएम की खुले दिल से अगवानी की। इन घटनाक्रमों को कैसे देखते हैं?

    A.हर फिलिस्तीनी महात्मा गांधी का प्रशंसक है। मुझे उनके बुद्धिमत्तापूर्ण व शाश्वत शब्द याद आते हैं- 'आंख के बदले आंख निकालने से दुनिया अंधी हो जाएगी'। उनकी यूनिवर्सल टीचिंग्स प्रेरणादायक रही है। क्योंकि हम अपनी धरती से इजरायली कब्जे खत्म कर लोकतांत्रिक राष्ट्र कायम करने के लिए संघर्षरत हैं। फिलिस्तीन 2012 में संयुक्त राष्ट्र का 'नॉन-मेंबर स्टेट' बना। भारत ने पक्ष में वोट दिया। यूएन मुख्यालय पर फिलीस्तीनी ध्वज का भी समर्थन किया। इन समर्थनों के लिए भारत का आभार।

    Q. इस्लामाबाद में फिलीस्तीनी एम्बेसडर ने उस रैली में हिस्सा लिया, जिसमें मुंबई हमले के मास्टरमाइंड को भी बुलाया गया था। इससे बचना नहीं चाहिए था?

    A.इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया था। हमने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ हैं। हमारे राजदूत का उस मास रैली में हिस्सा लेना गैर-इरादतन भूल थी। इसे जायज नहीं ठहरा सकते। यह बात हमने साफ की थी। हमारे विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति अब्बास के सीधे निर्देश पर राजदूत को फौरन पाकिस्तान से वापस तलब किया था। मुझे यकीन है कि इस घटना से हमारे दशकों पुराने रिश्तों पर आंच नहीं आएगी।

    Q. भारत लगातार क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म झेल रहा है। आपको नहीं लगता कि इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक एक्शन की जरूरत है?

    A.हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं। हमारे 84 देशों के साथ सुरक्षा समझौते हैं। वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी हैं। मुझे यकीन है कि संयुक्त एक्शन और सहयोग से सभी देश आतंकवाद के खतरे और उसके प्रभावों से निजात पा लेंगे। हम सबको अमन से जीने का अधिकार है, जो भय और धमकियों से मुक्त हो।

    Q. इजरायल से रिश्ते मजबूत करने के बावजूद भारत फिलीस्तीन और अरब जगत से भी गर्मजोशी वाले रिश्ते बनाए हुए है। क्या भारत की इस अनूठी स्थिति का लाभ इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए उठाया जा सकता है?

    A.भारत प्रमुख ग्लोबल और राजनीतिक ताकत है। हमारे क्षेत्र के देशों के साथ उसके शानदार रिश्ते हैं। भारत पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया की प्रगति में धुरी की भूमिका निभा सकता है। हम रुकी हुई शांति प्रक्रिया को फिर से जीवित करने में किसी भी भारतीय भूमिका का स्वागत करेंगे।

    Q. दोनों पक्षों के बीच एतिहासिक रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है?

    A.निवेश, छोटे-मझोले उपक्रमों, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, टूरिज्म, संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग की जरूरत है। संयुक्त इंटर मिनिस्टीरियल कमेटी की रेग्यूलर मीटिंग फायदेमंद हो सकती है। हम जिन क्षेत्रों में समझौतों पर दस्तखत कर चुके हैं, उनमें सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं। मैं भारतीय कारोबारियों से वेस्ट बैंक में इजरायली सेटलमेंट्स के मुद्दे पर गौर करने का आग्रह करूंगा। यहां बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से गैरकानूनी हैं। इजरायल में निवेश करने और इन बस्तियों में निवेश करने में फर्क करें।

    Q. दोनों पक्षों के बीच पहली वार्ता मई, 2015 में हुई थी जिसमें दोनों पक्षों के संबंधों की चुनौतियों पर विचार किया गया था। उसके बाद से क्या प्रगति हुई है?

    A.राष्ट्रपति अब्बास की मई 2017 में भारत यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, सूचना टेक्नोलॉजी और समाचार एजेंसियों के बीच सहयोग, युवा, खेल एवं कृषि मामलों के बारे में 5 ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत ने फिलिस्तीन में स्कूल बनाए। प्रशिक्षण केंद्रों को उपकरण दिए। अल-अझार यूनीवर्सिटी में जवाहरलाल नेहरू लाइब्रेरी के निर्माण में मदद की। दिएर अल-बालाह में गांधी लाइब्रेरी व स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर बनाया। भारत ने अक्टूबर 2015 में फिलिस्तीन के लिए अनेक परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें रामल्ला में इंडिया टेक्नो पार्क, गाजा में आईसीटी सेंटर भी शामिल हैं। हम इन उदार कदमों के लिए भारत के आभारी हैं।

  • DB INTERVIEW: फिलीस्तीनी PM बोले- मोदी वर्ल्ड लीडर हैं, खत्म करा सकते हैं इजरायल से हमारा झगड़ा, international news in hindi, world hindi news
    +1और स्लाइड देखें
    नरेंद्र मोदी 9 फरवरी को पहली बार फिलीस्तीन दौरे पर जाएंगे। -फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए International News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Palestine PM Rami Hamdallah Exclusive Interview In Bhaskar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From International

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×