Hindi News »International News »International» No Tax Free Saudi Arabia, UAE Introduce VAT वैट, यूएई, सऊदी अरब, पेट्रोल, खाड़ी देश

अब टैक्स फ्री नहीं रहे सऊदी अरब-UAE, VAT लगाने वाले पहले खाड़ी देश बने

खाने-पीने की चीजें, कपड़े, पेट्रोल, फोन, पानी और बिजली के बिलों के साथ ही होटलों में बुकिंग पर वैट लगाया गया है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 01, 2018, 06:28 PM IST

  • अब टैक्स फ्री नहीं रहे सऊदी अरब-UAE, VAT लगाने वाले पहले खाड़ी देश बने, international news in hindi, world hindi news
    +1और स्लाइड देखें
    रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए ज्यादातर वस्तु और सेवाओं पर 5% टैक्स तय किया गया है। -सिम्बॉलिक इमेज

    दुबई. सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को वेल्यू-एडेड टैक्स पेश किया। खाड़ी देशों में ये दोनों पहले हैं, जिन्होंने टैक्स लगाया है। रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए ज्यादातर वस्तु और सेवाओं पर 5% टैक्स तय किया गया है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, पेट्रोल, फोन, पानी और बिजली के बिलों के साथ ही होटलों में बुकिंग पर वैट लगाया गया है। हाई क्वालिटी पेट्रोल की कीमत 127 फीसदी बढ़ा दी है।

    सऊदी अरब में अब पेट्रोल की क्या कीमत?

    - सऊदी अरब ने पेट्रोल की कीमत भले ही 127% बढ़ा दी हो, लेकिन यह दुनिया के ज्यादातर देशों की तुलना में अभी भी काफी सस्ता है।

    - पहले यहां हाई क्वालिटी का एक लीटर पेट्रोल 27 सेंट्स (करीब 17 रुपए 33 पैसे) का था। अब इसकी कीमत बढ़कर (करीब 34 रुपए 67 पैसे) हो गई है।

    - लो क्वालिटी के पेट्रोल की कीमतों में 83% का इजाफा किया गया है। पहले यह 20 सेंट्स (करीब 12 रुपए 84 पैसे) प्रति लीटर था, जो बढ़कर 36.5 सेंट्स (करीब 23 रुपए 43 पैसे) प्रति लीटर कर दिया गया है।

    ये चीजें टैक्स फ्री

    ट्रीटमेंट, फाइनेंस सर्विसेस और पक्लिक ट्रांसपोर्ट।

    VAT लगाने से क्या होगा फायदा?

    - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यूएई ने पहले साल में वैट से करीब 3.3 अरब डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपए) आय का अनुमान लगाया है। दोनों देशों को इससे करीब 21 अरब डॉलर (1 लाख 34 हजार करोड़ रुपए) की आय होने का अनुमान है।
    - शूरा काउंसिल के एक मेंबर मोहम्मद अल खुनैजी ने कहा, "वैट लागू करने का मकसद सऊदी सरकार के टैक्स रेवेन्यू को बढ़ाना है, ताकि बुनियादी ढांचे और विकास के कामों के लिए खर्च किया जा सके।"

    तेल ही आय का बड़ा जरिया
    - सऊदी अरब में 90% से ज्यादा बजट रेवेन्यू ऑइल इंडस्ट्री से हासिल होता है, जबकि यूएई में यह करीब 80% है।
    - दोनों देशों ने सरकारी खजाने को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
    - सऊदी अरब में तम्बाकू और कोल्ड ड्रिंक्स के साथ-साथ स्थानीय लोगों को दी जाने वाली कुछ सब्सिडी में कटौती की गई है।
    - इसके अलावा यूएई में टोल टैक्स बढ़ाए गए हैं और टूरिज्म टैक्स पेश किया गया है।

    इनकम टैक्स लगाने का प्लान नहीं
    - दोनों देशों में अभी इनकम टैक्स पेश करने का कोई प्लान नहीं है।
    - दोनों देशों में रहने वाले ज्यादातर लोग अपनी कमाई पर कोई टैक्स नहीं देते हैं।

    खाड़ी के दूसरे देश भी VAT लगाने की तैयारी में

    - खाड़ी देशों में बहरीन, ओमान, कतर और कुवैत भी वैट लगाने की तैयारी में हैं। हालांकि, उन्होंने इसके लिए 2019 की शुरुआत का वक्त तय किया है।

    यूरोपीय देशों से अभी भी कम है टैक्‍स
    - सऊदी और यूएई में 5 फीसदी वैट के बाद भी यहां टैक्‍स रेट यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम है।

    - कुछ यूरोपीय देशों में औसतन 20 फीसदी वैट रेट है। ऐसे में यदि यूरोपीय देशों से तुलना की जाए तो सऊदी अभी भी महंगा नहीं है।

  • अब टैक्स फ्री नहीं रहे सऊदी अरब-UAE, VAT लगाने वाले पहले खाड़ी देश बने, international news in hindi, world hindi news
    +1और स्लाइड देखें
    यूएई ने पहले साल में वैट से करीब 3.3 अरब डॉलर आय का अनुमान लगाया है। -सिम्बॉलिक इमेज
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए International News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: No Tax Free Saudi Arabia, UAE Introduce VAT वैट, यूएई, सऊदी अरब, पेट्रोल, खाड़ी देश
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From International

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×