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SpaceX आज लॉन्च करेगा दुनिया का सबसे भारी रॉकेट, इसमें एक कार भी भेजी जाएगी

SpaceX इससे पहले दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट की कामयाब टेस्टिंग कर चुकी है।

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 09:36 AM IST
कंपनी का दावा है कि यह अभी इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है। कंपनी का दावा है कि यह अभी इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है।

मियामी. अमेरिका की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने अपना फॉल्कन हैवी रॉकेट लॉन्च कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक, इस मंगलवार और बुधवार दरमियानी रात 2 बजकर 25 के करीब लॉन्च किया गया। कंपनी का दावा है कि यह अभी इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है। फॉल्कन हैवी से आने वाले वक्त में लोगों को चांद और मंगल पर भेजा जा सकता है। फिलहाल, इसमें फ्यूचर का स्पेस सूट पहने एक पुतला और कंपनी के मालिक एलन मस्क की चेरी रेड कलर की टेस्ला कार भेजी जा रही है।

कितना ताकतवर, कितना बड़ा है फॉल्कन हैवी?

इंजन: 27 मर्लिन 1D इंजन
लंबाई: 70 मीटर (230 फीट)
वजन: 63.8 टन (दो स्पेस शटल के बराबर)
वजन ढो सकता है: 64 टन
पावर: 50 लाख पाउंड (22 हजार क्विंटल) थ्रस्ट (18 एयरक्राफ्ट-747 के बराबर)

अभी तक का सबसे पॉवरफुल रॉकेट कौन सा था?

- सैटर्न-5 रॉकेट सबसे पॉवरफुल था, लेकिन वह अब इस्तेमाल नहीं होता।

- उसमें 140 टन पेलोड ले जाने की ताकत थी। नासा ने इसी से चांद पर खोज के लिए कई मिशन भेजे थे। स्काईलैब भी इसी से लॉन्च की गई थी। इसे 1973 तक इस्तेमाल किया गया।

कहां जाएगा यह रॉकेट?

- यह पृथ्वी की ऑर्बिट से और मंगल की ऑर्बिट तक चक्कर लगाता रहेगा।

कितनी स्पीड होगी इसकी?

- एलन मस्क के मुताबिक यह ऑर्बिट में पहुंचने के बाद 11 किलोमीटर/सेकंड की रफ्तार से चलेगा।

इसमें कार क्यों भेजी जा रही?

- कुछ दिन पहले एलन मस्क ने स्पेस रॉकेट में रखी हुई अपनी कार की फोटो शेयर की थी। उन्होंने लिखा था, "आमतौर पर टेस्टिंग रॉकेट में स्टील के ब्लॉक रखकर भेजे जाते हैं, लेकिन मुझे यह बोरिंग लगा, इसलिए मैंने कुछ अलग करने का सोचा। इस रॉकेट के साथ भेजी जाने वाली कार असली टेस्ला रोड्स्टर है।"

दोबारा इस्तेमाल होने वाला रॉकेट बना चुकी है स्पेसएक्स
- बता दें कि स्पेसएक्स कंपनी इससे पहले दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले रॉकेट की कामयाब टेस्टिंग कर चुकी है।
- कंपनी का दावा है कि दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट से इसकी लॉन्चिंग पर होने वाले खर्च में काफी कमी आएगी।

दूसरे देशों को नहीं मिली कामयाबी
- रूसी, जापानी और यूरोपियन स्पेस एजेंसियां भी इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं, पर फिलहाल टेस्टिंग स्टेज में ही हैं।
- दरअसल, स्पेस में किसी सेटेलाइट को भेजने के लिए रॉकेट का इस्तेमाल किया जाता है। किसी प्रोग्राम की कॉस्ट का बड़ा हिस्सा रॉकेट पर ही खर्च होता है। स्पेसएक्स लंबे वक्त से ऐसे रॉकेट पर एक्सपेरिमेंट कर रही थी, जिसे एक से ज्यादा बार इस्तेमाल किया जा सके। अब यह एक्सपेरिमेंट सफल हो गया है।

इस रॉकेट में कंपनी के मालिक एलन मस्क की लाल रंग की टेस्ला कार भी भेजी गई है। इस रॉकेट में कंपनी के मालिक एलन मस्क की लाल रंग की टेस्ला कार भी भेजी गई है।
इस लॉन्च को देखने के लिए हजारों दर्शक कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे। इस लॉन्च को देखने के लिए हजारों दर्शक कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे।
करोड़ों साल तक ये स्पेस में रहेगी, अगर वहां से कोई उड़ाकर न ले जाए। करोड़ों साल तक ये स्पेस में रहेगी, अगर वहां से कोई उड़ाकर न ले जाए।
फॉल्कन हैवी में 27 इंजन लगाए गए हैं। फॉल्कन हैवी में 27 इंजन लगाए गए हैं।
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कंपनी का दावा है कि यह अभी इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है।कंपनी का दावा है कि यह अभी इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है।
इस रॉकेट में कंपनी के मालिक एलन मस्क की लाल रंग की टेस्ला कार भी भेजी गई है।इस रॉकेट में कंपनी के मालिक एलन मस्क की लाल रंग की टेस्ला कार भी भेजी गई है।
इस लॉन्च को देखने के लिए हजारों दर्शक कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे।इस लॉन्च को देखने के लिए हजारों दर्शक कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे।
करोड़ों साल तक ये स्पेस में रहेगी, अगर वहां से कोई उड़ाकर न ले जाए।करोड़ों साल तक ये स्पेस में रहेगी, अगर वहां से कोई उड़ाकर न ले जाए।
फॉल्कन हैवी में 27 इंजन लगाए गए हैं।फॉल्कन हैवी में 27 इंजन लगाए गए हैं।
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