--Advertisement--

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पैर पसार रहा है चीन, पड़ोसियों पर दबाव बनाकर रखना चाहता है: अमेरिका

चीन पूरे साउथ चाइना सी पर अपना दावा करता है। यहां वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और ताइवान भी दावा करते हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 03:54 PM IST
अमेरिका दावा करता है कि साउथ चाइना सी में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है। अमेरिका दावा करता है कि साउथ चाइना सी में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।

वॉशिंगटन. अमेरिका ने एक बार फिर चीन की पॉलिसी पर निशाना साधा है। अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट पेंटागन ने कहा कि चीन इंडो-पैसिफिक रीजन में पैठ जमाना चाहता है। इसके लिए वह अपने पड़ोसी देशों पर दबाव बनाकर रखना चाहता है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ईस्ट और साउथ चाइना सी में ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटा है।


हर तरह से ताकत बढ़ाने में लगा चीन

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक पेंटागन ने कहा, "चीन लगातार अपनी इकोनॉमिक और मिलिट्री ताकत बढ़ा रहा है। ये उसकी लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजी का हिस्सा है। इसका मतलब ये है कि वह आने वाले वक्त में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपना अधिकार बढ़ाएगा।"
- पेंटागन ने कांग्रेस में पेश 2019 के डिफेंस बजट में कहा, "चीन मिलिट्री मॉडर्नाइजेशन, ऑपरेशंस और अपनी इकोनॉमिक पॉलिसीज से अपने पड़ोसी देशों पर दबाव डालता है। इसका मकसद इंडो-पैसिफिक में फायदा उठाना है।"
- बता दें कि चीन पूरे साउथ चाइना सी पर अपना दावा करता है। जबकि यहां के इलाके पर वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और ताइवान भी दावा करते हैं।

पेंटागन ने और क्या कहा?

- "अमेरिका और चीन के डिफेंस रिलेशन तभी हो सकते हैं जब दोनों देशों के बीच पारदर्शिता हो। "
- "ये भी साफ है कि रूस और चीन दुनिया पर अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहते हैं, ताकि उनका दूसरे देशों के सिक्युरिटी, डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक फैसले में असर हो।"
- "नॉर्थ कोरिया और ईरान जैसे देश अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम या आतंकवाद को बढ़ावा देकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।"

क्या है विवाद की असल वजह?

- साउथ चाइना सी का लगभग 35 लाख स्क्वेयर किलोमीटर का एरिया विवादित है।
- इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं।
- साउथ चाइना सी में तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
- अमेरिका के मुताबिक, इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
- वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है।
- इस समुद्री रास्ते से हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस होता है।
- चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया।
- अमेरिका और चीन एक दूसरे पर इस क्षेत्र को 'मिलिटराइजेशन' (सैन्यीकरण) करने का आरोप लगाते रहे हैं।

इसलिए बढ़ा साउथ चाइना सी में तनाव

- चीन ने धीरे-धीरे साउथ चाइना सी पर अपना कब्जा कर लिया था। आज यह स्ट्रैटजिक प्वाइंट है।
- उसने वहां न केवल आर्टिफिशियल आइलैंड बना लिया, बल्कि बड़ी तादाद में आर्मी डिप्लॉई की। वहां हवाई पट्टी भी बना ली।
- चीन के साउथ चाइना सी में दबदबे को लेकर अमेरिका भी लगातार विरोध करता रहा है।
- बता दें कि चीन और अमेरिका, दोनों ही साउथ चाइना सी में लगातार एक्सरसाइज करते रहते हैं।

एक अमेरिकी थिंक टैंक ने दावा किया था कि साउथ चाइना सी में चीन एयर स्ट्रिप जैसे कई एस्टेबलिशमेंट बना रहा है। (फाइल) एक अमेरिकी थिंक टैंक ने दावा किया था कि साउथ चाइना सी में चीन एयर स्ट्रिप जैसे कई एस्टेबलिशमेंट बना रहा है। (फाइल)
X
अमेरिका दावा करता है कि साउथ चाइना सी में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।अमेरिका दावा करता है कि साउथ चाइना सी में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है।
एक अमेरिकी थिंक टैंक ने दावा किया था कि साउथ चाइना सी में चीन एयर स्ट्रिप जैसे कई एस्टेबलिशमेंट बना रहा है। (फाइल)एक अमेरिकी थिंक टैंक ने दावा किया था कि साउथ चाइना सी में चीन एयर स्ट्रिप जैसे कई एस्टेबलिशमेंट बना रहा है। (फाइल)
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..