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वर्ल्ड वाइड वेब के 29 साल पूरे, इसके फाउंडर ने लिखा- हमने इंटरनेट को खतरनाक बना दिया

टिम ली ने लिखा कि इंटरनेट हथियार लिए खतरनाक इंसान जैसा हो गया है।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 08:08 AM IST
जिम्बॉब्वे और तमाम अफ्रीकी दे जिम्बॉब्वे और तमाम अफ्रीकी दे

लंदन. डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू यानी वर्ल्ड वाइड वेब को 29 साल पूरे हो गए हैं। मार्च 1989 में टिम बर्नर्स ली ने रॉबर्ट साइलाउ के साथ मिलकर इसका पहला कॉन्सेप्ट तैयार किया था। अब वर्ल्ड वाइड वेब के 30वें साल में दाखिल होने पर टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट के भविष्य पर ब्लॉग लिखा है। टिम ने लिखा कि आज हम हथियारबंद इंटरनेट तैयार कर रहे हैं। ये इंटरनेट किसी हथियार लिए आदमी जैसा खतरनाक होगा। टिम ने माना कि आज करीब आधी दुनिया इंटरनेट से जुड़ी है, लेकिन साथ ही चिंता जताई कि बाकी आधी दुनिया अब इंटरनेट से जुड़ना ही नहीं चाहती।

इंटरनेट के बारे में और क्या लिखा टिम ली ने?

वेब की भरोसे पर सवाल खड़ा हो रहा है

- "वर्ल्ड वाइड वेब को 29 साल पूरे हो गए हैं। इस 30वें साल में हम एक अनोखी उपलब्धि हासिल करने वाले हैं। इस साल दुनिया की आधी आबादी ऑनलाइन आ चुकी होगी। अब हमारे सामने 2 सवाल हैं। पहला- बाकी आधी आबादी को हम कैसे ऑनलाइन लाएंगे? दूसरा- आज हमारे सामने जिस तरह का इंटरनेट है, उसे देखते हुए ये बाकी आधी आबादी ऑनलाइन आना भी चाहती है या नहीं? दरअसल वेब को एक ऐसे स्पेस के तौर पर तैयार किया गया था, जो फ्री हो, ओपन टु ऑल हो और क्रिएटिव हो। लेकिन अब तस्वीर बदली हुई दिख रही है। वेब की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो रहा है, इसलिए क्रिएटिव एंगल तो यहीं से खत्म हो गया। अब बात इसके सभी के लिए मुफ्त होने की। ये भी अभी दूर की बात है।"

एक जीबी के लिए 20% तक कमाई लुटा रहे

- टिम ने आगे लिखा, "कई ऐसे देश हैं, जहां लोग अपनी कमाई का 1-2% खर्च करके ही अच्छी स्पीड के साथ 1 जीबी डेटा पा सकते हैं। लेकिन जिम्बॉब्वे और तमाम अफ्रीकी देश ऐसे भी हैं, जहां 1 जीबी डेटा के लिए लोगों को 20% कमाई लुटानी पड़ती है। इससे इंटरनेट की दुनिया असमान हो रही है।"

गरीब, गांव वाले और महिलाओं को ऑनलाइन ला पाएं, तभी कामयाबी

- "अब तीसरी बात वेब के ओपन टु ऑल यानी सभी के लिए उपलब्ध होने की। इंटरनेट का आज किस तरह से इस्तेमाल हो रहा है, इस पर काफी बातें होती रही हैं। मैं बस इतना कह रहा हूं कि हम हथियारबंद इंटरनेट तैयार कर रहे हैं। ये इंटरनेट वैसा ही खतरनाक होगा, जैसा कोई हथियार लेकर खड़ा इंसान। ऐसा इंटरनेट सबके लिए सुलभ तो नहीं हो सकता। इस खतरे को दूर करने के लिए बिजनेस, टेक्नोलॉजी, सरकार, मनोरंजन जगत, शिक्षा जगत हर क्षेत्र के प्रतिभाशाली लोगों को साथ आना होगा।"

- "यकीनन हम अच्छा इंटरनेट तैयार कर पाएंगे। क्योंकि एक बात तो साफ है.. अगर हम गरीब आबादी, गांवों में बसी आबादी और महिलाओं को ऑनलाइन ला सके, तभी मानिए कि कामयाबी मिली है।"