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वो 4 वजहें, जिसके चलते औरंगजेब को माना जाता है भारत का विलेन

ऐसिहासिक दस्तावेजों में औरंगजेब और उसके शासन से जुड़ी ऐसी कई बातों का जिक्र है, जिसने उसकी छवि विलेन की बना रखी है।

Danik Bhaskar | Mar 03, 2018, 07:03 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क. मुगल शासकों में औरंगजेब को हमेशा उसकी कट्टरता के लिए याद किया जाता है। औरंगजेब ने करीब 49 साल हिन्दुस्तान पर राज किया। 3 मार्च को 1707 में उसकी मौत हो गई थी, पर देश में की राजनीति में वो आज भी जिंदा हो जाता है। कभी उसके नाम पर सड़क को लेकर खड़े हुए विवाद पर तो कभी स्लेबस में पढ़ाए जाने को लेकर। ऐसिहासिक दस्तावेजों में औरंगजेब और उसके शासन से जुड़ी ऐसी कई बातों और वजहों का जिक्र है, जिसने हमेशा की उसकी छवि विलेन की बना रखी है।

गैर-मुस्लिमों पर लगाया जजिया
औरंगजेब ने अपने शासन में जजिया कर लगाया था, जिसे अकबर अपने शासन में भी बंद करा चुका था। जजिया सामान्य करों से अलग था और ये सिर्फ गैर मुस्लिमों को चुकाना पड़ता था। इसके तीन स्तर थे और ये संबंधित व्यक्ति की आमदनी के हिसाब से तय होता था। गरीब, बेरोजगार और शारीरिक तौर पर कमजोर लोग इस दायरे में नहीं आते थे।

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कई मंदिर गिरवाए
मुगल काल के दस्तावेजों के मुताबिक, औरंगजेब ने अपने शासन काल में कई मंदिर गिरवाए थे। दस्तावेजों के मुताबिक, उस पर मथुरा के कृष्ण मंदिर से लेकर बनारस के विष्णु मंदिर और अयोध्या के त्रेता का ठाकुर समेत दर्जनों मंदिर गिरवाने के आरोप लगते हैं। 

ड्रेसडेन के म्यूजियम में औरंगजेब के दरबार का मिनिएचर। ड्रेसडेन के म्यूजियम में औरंगजेब के दरबार का मिनिएचर।

धर्म परिवर्तन के लिए किया मजबूक
औरंगजेब की नीति जबरन हिंदुओं और सिखों का धर्म परिवर्तन कराने की थी। उसने कश्मीरी ब्राह्मणों को भी इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया। जब सिखों के 9वें गुरु गुरु तेगबहादुर ने कश्मीरी ब्राह्मणों की मदद की तो  औरंगज़ेब ने उन्हें फांसी पर लटकवा दिया।

हिन्दू त्योहारों पर लगाई रोक
औरंगजेब ने इस्लाम धर्म को अहमियत देते हुए कुरान को अपने शासन की आधार बनाया था। उसने सिक्कों पर कलमा खुदवाया, गाना-बजाना और हिन्दू त्योहारों को मनाने पर रोक लगा दी थी। उसने हिन्दुओं पर तीर्थों पर कर तक लगा दिया था। उसके शासन में ब्रज में आने वाले तीर्थ यात्रियों पर भारी कर लगाया गया था।