--Advertisement--

यहां गिराए गए थे 1 लाख बम, हर तरफ लग गया था लाशों का अंबार

करीब 20 सालों तक वियतनाम, लाओ और कंबोडिया की धरती पर लड़ा गया सबसे भीषण युद्ध था।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 12:08 PM IST
जंग की शुरुआत 1 नवंबर 1955 से हुई थी, जिसका अंत 1975 में हुआ। जंग की शुरुआत 1 नवंबर 1955 से हुई थी, जिसका अंत 1975 में हुआ।

इंटरनेशनल डेस्क. वियतनाम युद्ध करीब 20 सालों तक वियतनाम, लाओस और कंबोडिया की धरती पर लड़ा गया सबसे भीषण युद्ध था। इसकी शुरुआत 1 नवंबर 1955 से हुई थी, जिसका अंत 1975 में हुआ। हालांकि, इस दौरान भयानक तबाही वियतनाम की खे सान्ह डिस्ट्रिक्ट में हुई थी, जब अमेरिकी एयरफोर्स ने यहां साल 1968 में दिसंबर से जुलाई तक करीब एक लाख बम गिराए थे। बता दें, यह जंग उत्तरी वियतनाम और दक्षिण वियतनाम के बीच लड़ी गई थी। उत्तरी वियतनाम के साथ कम्युनिस्ट समर्थक और देश थे। वहीं, दक्षिण वियतनाम की ओर से कम्युनिस्ट विरोधी, अमेरिका और उनके सहयोगी लड़ रहे थे। सीधे तौर पर ये जंग अमेरिका समर्थक देशों और कम्युनिस्ट समर्थक देशों के बीच हुई थी...


- इस जंग में नॉर्थ वियतनाम के साथ कम्युनिस्ट समर्थक यानी रूस और चीन जैसे देश थे।
- साउथ वियतनाम की ओर से कम्युनिस्ट विरोधी अमेरिका और उसके सहयोगी लड़ रहे थे।
- युद्ध में अमेरिका की असल भूमिका 9 फरवरी 1965 से शुरू हुई, जब उसने अपनी सेना वियतनाम भेजी।
- कॉर्प्स हॉक लड़ाकू मिसाइल को डा नांग स्थित अमेरिकी एयरबेस की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया।
- इस कदम को अंतरराष्ट्रीय जगत ने पहली बार वियतनाम में अमेरिकी दखल माना।
- राष्ट्रवादी ताकतों (उत्तरी वियतनाम) का मकसद देश को कम्युनिस्ट राष्ट्र बनाना था।
- वहीं, अमेरिका और साउथ वियतनाम देश को कम्युनिज्म से बचाना चाहते थे। इधर, नॉर्थ वियतनाम का नेतृत्व हो ची मिन्ह कर रहे थे।

बैकफुट पर आ गया अमेरिका
- 1969 में युद्ध चरम पर था। अमेरिका ने पांच लाख सेना युद्ध में झोंक दी। इसके चलते अमेरिकी सरकार को अपनी ही जनता की आलोचना का सामना करना पड़ा।
- बाद में दबाव में आकर अमेरिका युद्ध से पीछे हट गया। जनता और विपक्ष के दबाव में आकर 1973 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने सेना वापस बुला ली।
- इसके बाद 1975 में कम्युनिस्ट फोर्सेस ने वियतनाम के सबसे बड़े शहर साइगोन पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ युद्ध खत्म हो गया।

युद्ध में किसी की जीत नहीं
- कई विशेषज्ञों का मानना है कि 20 साल तक चले भीषण युद्ध में किसी की भी जीत नहीं हुई।
- युद्ध में 30 लाख से ज्यादा लोग मारे गए। इसमें 58 हजार अमेरिकी शामिल थे। वहीं, मरने वालों में आधे से ज्यादा वियतनामी नागरिक थे।
- बाद में वियतनाम की कम्युनिस्ट सरकार ने देश को सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम घोषित किया। आज साइगोन शहर कम्युनिस्ट नेता हो ची मिन्ह शहर के नाम से जाना जाता है।


आगे की स्लाइड्स में देखें वियतनाम वॉर के दौर की PHOTOS...