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रेगिस्तान के बीचों-बीच बसा ये गांव, हरियाली के साथ सारी सुविधाओं से है लैस

रेत के टीले होने के बावजूद मौसम हमेशा सुहावना रहता है। इसीलिए यहां सालभर पर्यटकों की भरमार होती है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Dec 18, 2017, 01:43 PM IST

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    पेरू का हुआकाचिना गांव।

    इंटरनेशनल डेस्क.पेरू में ऊंचे रेत के टीलों के बीच बसा है हुआकाचिना गांव। यह नाम का गांव है, लेकिन है अच्छे-खासे शहरी कस्बे जैसा। जरूरत की सारी चीज़ें यहां उपलब्ध हैं और आश्चर्यजनक बात यह है कि बीचों बीच बड़ा प्राकृतिक तालाब वातावरण की खूबसूरती बढ़ाता है। रेत में आर्थराइटिस, अस्थमा, खांसी आदि के उपचार की शक्ति...

    वहीं, झील में बोटिंग करने का ही अलग मजा है। रेत के टीले होने के बावजूद मौसम हमेशा सुहावना रहता है। इसीलिए यहां सालभर पर्यटकों की भरमार होती है। मान्यता है कि यहां के पानी और रेत में आर्थराइटिस, अस्थमा, खांसी आदि के उपचार की शक्ति है, इसलिए लोग तालाब में नहाने के बाद शरीर पर रेत लगाते हैं।

    हुआकाचिना के चारों ओर सिर्फ रेत ही रेत
    हुआकाचिना को पृथ्वी पर सबसे शुष्क स्थानों में से एक माना जाता है लेकिन यह स्थान पर्यटन और अपने बेहिसाब प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यह पर्यटन स्थल एक प्राकृतिक झील के चारों ओर बसा है और हुआकाचिना के चारों ओर सिर्फ रेत ही रेत है। इस झील के चारों ओर बसे लोग स्थानीय ही है। यहां आने वाले पर्यटक रेत के टीलों पर छोटी गाड़ियों से सैर करना नहीं भूलते हैं। पर्यटकों के लिए भरपूर हरियाली के साथ होटल, दुकानें, लायब्रेरी जैसे तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    90 प्रतिशत लोग ईसाई धर्म को मानने वाले
    हुआकाचिना में तीन तरह की जलवायु पाई जाती है- सर्द, तटवर्ती मैदानों में खुश्क-सुहानी और वर्षा वाले जंगलों में गर्म के साथ थोड़ा उमस भरा। मुख्य रूप से यह प्रदेश शुष्क ही रहता है। इस कारण कभी-कभी झील का पानी कम हो जाता है। पेरू की सरकार ने दुनियाभर के पर्यटकों को अपने देश आमंत्रित करने के लिए कई प्रयास कर रही है। पेरू की भाषा स्पेनिश और क्वेशुका है। यहां 90 प्रतिशत लोग ईसाई धर्म को मानने वाले हैं। पर्यटन उद्योग ही यहां की आय का एक प्रमुख साधन है।

    आगे की स्लाइड्स में देखें, इस खूबसूरत गांव की PHOTOS...

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