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ऑक्सफोर्ड की बिंदास लड़की, 35 साल में ही बन गई थी पाकिस्तान की PM

अमेरिका के हार्वर्ड से डिग्री लेने के बाद बेनजीर इंटरनेशनल लॉ एंड डिप्लोमेसी कोर्स के लिए ऑक्सफोर्ड चली गईं।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 12:10 AM IST
पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो। पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो।

इंटरनेशनल डेस्क. पाकिस्तान की दो बार प्राइम मिनिस्टर रह चुकीं बेनजीर भुट्टो की मौत को 10 साल हो गए हैं। 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में एक रैली के दौरान बम ब्लास्ट में बेनजीर का मर्डर कर दिया गया था। पाकिस्तान के सबसे बड़े पॉलिटिकल घराने भुट्टो फैमिली में जन्मी बेनजीर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी थीं। ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई करने वाली सिर्फ 35 साल की उम्र में देश की पीएम बन गई थीं। 1988-90 और 1993-96 में दो बार उन्होंने देश के पीएम पद की जिम्मेदारी संभाली। ऑक्सफोर्ड की बिंदास लड़की थीं बेनजीर...

- बेनजीर की शुरुआती पढ़ाई पाकिस्तान के कॉन्वेंट स्कूल में हुई और इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए वो अमेरिका गईं।
- अमेरिका के हार्वर्ड से डिग्री लेने के बाद बेनजीर इंटरनेशनल लॉ एंड डिप्लोमेसी कोर्स के लिए ऑक्सफोर्ड चली गईं। यहां वो पार्टीज के लिए मशहूर थीं।
- बेनजीर उस दौरान येलो कलर की एमजी कार से चलती थीं और अपने घर में उनकी पहचान एक वेस्टर्नाइज टीनेजर जैसी थी।
- अमेरिकी स्टोर साक्स फिफ्थ एवेन्यू कपड़ों के लिए उनकी पहली पसंद था और उनकी लाइफस्टाइल किसी अमीर विदेशी लड़की के जैसी थी।
- ऑक्सफोर्ड में होने वाली हर पार्टी में वो नजर आती थीं। यहां वो ड्रिंक और डांस भी एन्जॉय करती थीं। हालांकि, उन्होंने हमेशा इसे मानने से इनकार किया।
- उस दौरान के उनके साथियों ने वो दौर याद करते हुए बताया था कि ऑक्सफोर्ड में उनकी लाइफ एक कट्टर मुस्लिम परिवार के बंधनों से आजाद हुई अमीर इस्लामी लड़की जैसी थी।

पाकिस्तान की PM बनीं
- पाकिस्तान में जिया उल हक के दौर में (1979) बेनजीर के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर लटका दिया गया।
- पिता के इंतकाल के बाद भुट्टो ने पिता की पार्टी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) से राजनीति की शुरुआत की। 29 साल की उम्र में वो पार्टी की चेयरपर्सन बन गईं।
- हालांकि, पिता की मौत के बाद वो करीब तीन साल तक देश की सैन्य सरकार की कैद में रहीं। ये कैद काटने के बाद उन्हें विदेश जाने की परमिशन मिली और वो लंदन चली गईं।
- साल 1988 में उन्हें इंग्लैंड से पाकिस्तान आने की इजाजत मिली और इसी साल उनकी पार्टी को आम चुनावों में भारी बहुमत से जीत मिली। उन्होंने गठबंधन सरकार बनाई और पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
- 1987 में भुट्टो ने आसिफ अली जरदारी से शादी कर ली थी। हालांकि, भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद बेनजीर को 1999 में एक बार फिर देश छोड़ना पड़ा था।

2007 में लौटीं देश और रैली में मौत
- 2007 में पाकिस्तान में जब फौजी ताकतें दम तोड़ रही थीं और लोग लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे थे, तब बेनजीर नौ साल का निर्वासन काट देश लौटी थीं।
- मुशर्रफ सरकार ने उन्हें वापसी की इजाजत तो दी, लेकिन उन पर जानलेवा हमला होने की आशंका भी जताई थी। इसी साल दिसंबर में रावलपिंडी में पहली रैली में ही उनकी हत्या कर दी गई।

आगे की स्लाइड्स में देखें बेनजीर की कुछ फोटोज...

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मां के साथ बेनजीर (बायीं ओर से)। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में मां के साथ बेनजीर (बायीं ओर से)।