--Advertisement--

यहां महिलाओं के लिए इतनी मुश्किल है LIFE, नहीं कर सकतीं ये काम

महिलाओं को साइकिल चलाने से लेकर सेल्फी लेने, हुक्का पीने और कपड़े पहनने तक कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है।

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 07:55 PM IST
इंटरनेशनल डेस्क. ईरान की पहचान एक कट्टर इस्लामिक देश के तौर पर है। इसकी शुरुआत इस्लामिक क्रांति के साथ हुई, जिसके बाद 3 दिसंबर 1979 को अयातुल्लाह खोमैनी ईरान के शाह मोहम्मद रेजा पहलावी को सत्ता से बेदखल कर देश के सुप्रीम लीडर बन गए। तब से यहां नियम कायदे बहुत सख्त हो गए और वो भी खासकर महिलाओं के लिए। उन्हें साइकिल चलाने से लेकर सेल्फी लेने, हुक्का पीने, कैफे में जाने और कपड़े पहनने तक कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। जर्मन न्यूज वेबसाइट डायचे वेले की रिपोर्ट के आधार पर यहां हम उन्हीं पाबंदियों के बारे में बता रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में जानें कैसी पाबंदियों का सामना कर रहीं महिलाएं...

स्टेडियम में फुटबॉल देखना मना, खिलाड़ियों के साथ नहीं ले सकतीं सेल्फी
ईरान में फुटबॉल बहुत पॉपुलर है। इसके बावजूद यहां महिलाएं स्टेडियम में बैठकर मेल टीम का फुटबॉल मैट नहीं देख सकती हैं। इसी साल अप्रैल में तेहरान के आजादी स्टेडियम से मैच देखते आठ महिलाओं के ग्रुप को अरेस्ट तक कर लिया गया था। ये पुरुषों के के जैसे गेटअप में मैच देखने पहुंची थी। इसके साथ ही यहां महिलाओं के लिए पुरुष खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने पर भी पाबंदी है। यहां की एथिक्स कमेटी (आचार समिति) ने ये नियम-कायदे लागू किए हैं।

पुरुषों की परमिशन के बिना ट्रैवल करने की छूट नहीं
ईरान सरकार द्वारा पास किए गए कानून के तहत महिलाएं पुरुष गार्जियन की परमिशन के बिना देश से बाहर नहीं जा सकती हैं। सिंगल महिलाओं को इसके लिए लिखित तौर पर पिता की परमिशन लेना जरूरी है। वहीं, शादीशुदा महिलाओं को इसके लिए पति की परमिशन लेनी पड़ती है। इस कानून का फीमेल एमपी भी विरोध जता चुकी हैं।

कॉफी शॉप और कैफे में नहीं कर सकतीं काम
इस इस्लामिक रिपब्लिक देश के पुलिस चीफ खलील हेलाली ने दो साल पहले मीडिया से कहा था कि महिलाएं कॉफी शॉप और पारंपरिक कैफे में काम करने के लिए प्रतिबंधित हैं। उन्होंने कहा था अगर किसी महिला को कैफे चलाना है तो वो लाइसेंस लेकर कॉफी शॉप चला सकती है, लेकिन उसे चलाने के लिए महिला को मेल वर्कर ही रखने होंगे। हालांकि, देश में इसके लिए कोई कानूनी तौर पर पाबंदी नहीं है।

सबवे और बस में पुरुषों के सेक्शन में नहीं बैठ सकतीं
ईरान में सबवे और बस में महिलाओं के लिए अलग से एक छोटा सेक्शन होता है। उन्हें पुरुषों के सेक्शन में जाने की मनाही है। मेन्स सेक्शन काफी बड़ा होता है। वो पूरा का पूरा खाली हो तब भी महिलाएं उसमें एंट्री नहीं ले सकती हैं।

गैर-मुस्लिम शख्स से नहीं कर सकतीं शादी
इस्लामिक देश के कानून के तहत ईरान के पुरुषों को गैर-मुस्लिम महिला से शादी करने की इजाजत है, क्योंकि शादी के बाद वो खुद ब खुद मुस्लिम हो जाएंगी। पर महिलाएं गैर-मुस्लिम शख्स से शादी नहीं कर सकती हैं। भले ही युवक शादी के बाद इस्लाम कबूल करने को राजी हो, लेकिन फिर भी इसकी इजाजत नहीं है।

पति की परमिशन के बिना नहीं कर सकतीं JOB
ईरान में महिलाएं पति की परमिशन के बिना नौकरी नहीं कर सकतीं। सिविल कोड के आर्टिकल 1105 के मुताबिक, पति और पत्नी के रिलेशन में फैमिली के मुखिया की भूमिका में पति होता है। ऐसे में आर्टिकल 1117 के मुताबिक, पति ऐसी किसी भी जॉब से पत्नी को मना कर सकता है, जो फैमिली के इंटरेस्ट और प्रतिष्ठा के खिलाफ हो।

महिलाओं का साइकिल चलाना है प्रतिबंधित
ईरान में महिलाओं के लिए साइकिल चलाना प्रतिबंधित है। पिछले साल ईरान के सुप्रीम लीडर अल खमैनी ने इसे लेकर इस्लामिक फतवा जारी किया था। इस पाबंदी पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि महिलाओं का पब्लिक प्लेस और ऐसी जगहों पर साइकिल चलाना प्रतिबंधित है, जहां वो अनजान लोगों की नजरों के सामने हों।

बिना हिजाब घर से बाहर निकालने की मनाही
आर्टिकल 683 के मुताबिक, ईरान में बिना हिजाब महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी है। इतना ही नहीं, हिजाब पहनने के बाद भी अगर बाल नजर आ रहे हैं, तो इसे भी अंदर करना जरूरी है। चाहे इसके लिए अपनी हेयरस्टाइल ही क्यों न बदलवानी पड़े।

म्यूजिक कॉन्सर्ट का हिस्सा बनना है मना
कतर के डेली न्यूजपेपर अल शार्क के मुताबिक, यहां महिलाएं किसी भी म्यूजिकल कॉन्सर्ट में हिस्सा नहीं ले सकती हैं। ईरान के 13 प्रोविन्स में महिला म्यूजिशियन और परफॉर्मर्स को स्टेज पर किसी भी तरह से परफॉर्म करना मना है।